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होते-होते टला एक और बड़ा रेल हादसा
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Mon, 18 Sep 2017 07:40 PM IST
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रेल हादसा टला
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रेल हादसे रुकने का नाम नही ले रहें हैं। शनिवार को इलेक्ट्रिक लाइन ट्रायल करते समय बड़ा हादसा हुआ। लाइन में पॉवर सप्लाई करते ही तारों में आग लग गई और करंट प्रवाहित तार रेल पटरी पर गिरा। इससे दो घंटे तक रेलवे लाइन बंद करनी पड़ी।
उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में मुंबई-हावड़ा रेल मार्ग के नैनी मानिकपुर के बीच जंक्शन स्टेशन के पास इलेक्ट्रिक लाइन का ट्रायल जानलेवा साबित होने से बचा। जैसे ही कर्मचारियों ने इस लाइन को चालू किया तो एक पोल की तार धू-धू कर जलने लगीं और चार पांच करंट प्रवाहित तार रेल पटरी पर गिरे। गनीमत ये रही कि उस दौरान कोई ट्रेन का आवागमन नहीं था।
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उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में मुंबई-हावड़ा रेल मार्ग के नैनी मानिकपुर के बीच जंक्शन स्टेशन के पास इलेक्ट्रिक लाइन का ट्रायल जानलेवा साबित होने से बचा। जैसे ही कर्मचारियों ने इस लाइन को चालू किया तो एक पोल की तार धू-धू कर जलने लगीं और चार पांच करंट प्रवाहित तार रेल पटरी पर गिरे। गनीमत ये रही कि उस दौरान कोई ट्रेन का आवागमन नहीं था।
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शार्ट सर्किट से जलती लाइन
- फोटो : अमर उजाला
इस घटना के बाद पूरे रेल विभाग में हड़कंप मच गया। रेल प्रशासन ने एनाउंस कर सभी को सचेत किया और सभी रेलवे स्टेशनों को सूचना देकर ट्रेनों का आवागमन रोकने को कहा। दो घंटे बाद रेल लाइन पर यातायात शुरू हो सका।
रेलवे का बड़ा हादसा होने से शनिवार की रात को टल गया। जानकारी के अनुसार नैनी-मानिकपुर रेललाइन के बीच इलेक्ट्रिक लाइन की जांच का काम चल रहा था। रात लगभग साढ़े नौ बजे जैसे ही इंजीनियर व कर्मचारियों ने इसका ट्रायल कर लाइन चालू की तो कई विद्युत पोल पर लगे ट्रांसफार्मर धू-धूकर जलने लगे। रात को चिंगारी निकलते देख आस पास के लोग भी सहम गए। धड़ाम की आवाज के साथ टूटी करंट प्रवाहित तार रेल लाइन पर जा गिरी। इसकी जानकारी होते ही पूरे रेल प्रशासन में हड़कंप मच गया।
रेलवे का बड़ा हादसा होने से शनिवार की रात को टल गया। जानकारी के अनुसार नैनी-मानिकपुर रेललाइन के बीच इलेक्ट्रिक लाइन की जांच का काम चल रहा था। रात लगभग साढ़े नौ बजे जैसे ही इंजीनियर व कर्मचारियों ने इसका ट्रायल कर लाइन चालू की तो कई विद्युत पोल पर लगे ट्रांसफार्मर धू-धूकर जलने लगे। रात को चिंगारी निकलते देख आस पास के लोग भी सहम गए। धड़ाम की आवाज के साथ टूटी करंट प्रवाहित तार रेल लाइन पर जा गिरी। इसकी जानकारी होते ही पूरे रेल प्रशासन में हड़कंप मच गया।
विद्युत पोल के पास टूटा पड़ा यंत्र
- फोटो : अमर उजाला
स्टेशन प्रबंधक जवाहर लाल ने तत्काल अप डाउन की सभी ट्रेनों को रुकवा दिया। माइक से एनाउंस किया गया कि कोई भी यात्री लोहे के पोल को न छूए उसमें करंट हो सकता है। इस उद्घोषणा के बाद यात्रियों में भी हड़कंप मच गया। जो जहां था यात्री सहम कर बैठ गया। प्लेटफार्म एक व दो तो पूरी तरह ब्लॉक कर दिया गया था। इसके बाद तकनीकी विशेषज्ञों ने मिलकर टूटी तार पटरी से अलग की और करंट समाप्त कराया। दो घंटे से ज्यादा का समय लगा। रात लगभग 11 बजकर 40 मिनट पर लाइन बहाल होने पर सभी ने राहत की सांस ली।