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बारामूला में जान गंवाने वाले जवान को नम आंखों से अंतिम विदाई
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Mon, 24 Oct 2016 10:37 PM IST
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जम्मू कश्मीर के बारामूला में शनिवार को सीआरपीएफ जवान संजय सिंह यादव का शव शेरपुर गांव पहुंचा। जवानों ने सशस्त्र अंतिम सलामी दी।
- फोटो : अमर उजाला
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जम्मू कश्मीर के बारामूला में जान गंवाने वाले जवान को नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई। सीआरपीएफ जवान संजय सिंह यादव (37) का शव शेरपुर गांव पहुंचा। शाम को सशस्त्र सलामी के बीच अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान सीआरपीएफ एसडीएस, एसीओ और सहायक कमांडेंड की मौजूदगी में सीआरपीएफ के जवानों ने सशस्त्र अंतिम सलामी दी।
कानपुर देहात डेरापुर के शेरपुर गांव निवासी संजय सिंह यादव (37) पुत्र साहबलाल यादव सीआरपीएफ फर्स्ट बटालियन में चालक के पद पर तैनात था। वह जम्मू के कुपवाड़ा के ड्यूटी कर रहा था। शनिवार को हार्ट अटैक से उपचार के दौरान मौत हो गई । सोमवार को उसका शव पैतृक गांव पहुंचा। शव लेकर आए साथी जवान जसवंत सिंह यादव व हवलदार कैमुद्दीन ने बताया कि 22 अक्टूबर की संजय यादव के सीने में अचानक दर्द होने पर उसे इलाज के लिए अस्पताल ले गए थे। जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। चिकित्सीय रिपोर्ट के अनुसार दिल का दौरा पडने से मौत होना बताया गया है। संजय का शव गांव पहुंचते ही लोगों की भीड़ जमा हो गई। अंतिम संस्कार के पूर्व 93 बटालियन, सीआरपीएफ लखनऊ के एसी अजीत कुमार की अगवाई में सीआरपीएफ जवानों व पुलिस लाइन से पहुंचे पुलिस जवानों ने भी सलामी दी। संजय को मुखाग्नि उनके पुत्र प्रांशू (13) ने दी। इस दौरान सभी की आंखें नम हो गईं।
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कानपुर देहात डेरापुर के शेरपुर गांव निवासी संजय सिंह यादव (37) पुत्र साहबलाल यादव सीआरपीएफ फर्स्ट बटालियन में चालक के पद पर तैनात था। वह जम्मू के कुपवाड़ा के ड्यूटी कर रहा था। शनिवार को हार्ट अटैक से उपचार के दौरान मौत हो गई । सोमवार को उसका शव पैतृक गांव पहुंचा। शव लेकर आए साथी जवान जसवंत सिंह यादव व हवलदार कैमुद्दीन ने बताया कि 22 अक्टूबर की संजय यादव के सीने में अचानक दर्द होने पर उसे इलाज के लिए अस्पताल ले गए थे। जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। चिकित्सीय रिपोर्ट के अनुसार दिल का दौरा पडने से मौत होना बताया गया है। संजय का शव गांव पहुंचते ही लोगों की भीड़ जमा हो गई। अंतिम संस्कार के पूर्व 93 बटालियन, सीआरपीएफ लखनऊ के एसी अजीत कुमार की अगवाई में सीआरपीएफ जवानों व पुलिस लाइन से पहुंचे पुलिस जवानों ने भी सलामी दी। संजय को मुखाग्नि उनके पुत्र प्रांशू (13) ने दी। इस दौरान सभी की आंखें नम हो गईं।
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