दुष्कर्म के आरोपी पूर्व इंस्पेक्टर की एक और करतूत उजागर: मकान कब्जाया, मालिक को जेल भिजवाया, बेटी गायब हो गई
अब जब दिनेश की करतूतें उजागर हो रही हैं तो पुलिस कमिश्नर ने इस मामले का भी संज्ञान ले लिया है। कानपुर देहात निवासी शिव सिंह एयरफोर्स से रिटायर्ड हैं।
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आज तक उसको कुछ पता नहीं चला है। अब जब दिनेश की करतूतें उजागर हो रही हैं तो पुलिस कमिश्नर ने इस मामले का भी संज्ञान ले लिया है। कानपुर देहात निवासी शिव सिंह एयरफोर्स से रिटायर्ड हैं। शिव सिंह का चकेरी स्थित मकान दिनेश ने कब्जा किया था। शिव सिंह ने बताया कि 2013 में दिनेश त्रिपाठी ने उनको मादक पदार्थ की तस्करी में जेल भिजवाया।
फर्जी तरीके से उनके पास से दस किलो चरस बरामद दिखाई थी। उस मामले में वो जेल चले गए थे। इसी साल एक महीने पहले वह जेल से छूटे हैं। शिव के मुताबिक जिस वर्ष वह जेल गए थे उसी साल उनकी आठ साल की बेटी गायब हो गई थी। पैरवी करने वाला कोई नहीं था।
इसलिए कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई। 2018 में वह जमानत पर आए तो कोर्ट के आदेश पर चकेरी में दिनेश त्रिपाठी पर अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने जांच में खानापूरी की और फाइनल रिपोर्ट लगा दी। शिव का आरोप है कि बेटी को गायब करने में दिनेश का ही हाथ हैं।
शिव सिंह ने बताया कि उनके मकान पर दिनेश ने 2003 में कब्जा किया था। कोर्ट कचहरी की जब उन्होंने कार्रवाई शुरू की तो दिनेश ने एक के बाद एक दर्जनों मुकदमे उन पर दर्ज करवाए। इस वजह से शिव उसी में उलझे रहे। आखिर में दिनेश ने ही मकान पर कब्जा कर लिया।
टीचर्स सोसाइटी से किया बड़ा खेल
दिनेश त्रिपाठी का भाई टीचर्स सोसाइटी चलाता था। जब दिनेश चकेरी इंस्पेक्टर बना तो वह भी इसी में शामिल हो गया। थानेदारी कम कर वह जमीनों का काम करने लगा। एक-एक जमीन कइयों को बेच दी। लाखों करोड़ों रुपये हड़प लिए। जिसने भी आवाज उठाने का प्रयास किया उस पर मुकदमे लाद दिए। इसमें कई रसूख वाले शामिल थे। अफसर से लेकर नेताओं की शह पर दिनेश पूरा खेल करता था।
दिनेश त्रिपाठी से संबंधित पुराने कई मामले सामने आए हैं। सभी केसों की समीक्षा की जा रही है। इन केसों की फाइलों को दोबारा खोला जाएगा। नए सिरे से जांच की जाएगी। इसके लिए विशेष टीम गठित होगी। डीसीपी इसकी निगरानी करेंगे।
असीम अरुण, पुलिस कमिश्नर