अग्निकांड: भवन निर्माण के नए मानकों पर बनेंगे पांचों कॉम्प्लेक्स, चारों ओर छोड़नी होगी 15-15 फीट जगह
कानपुर के बांसमंडी क्षेत्र में स्थापित आग से क्षतिग्रस्त हुए पांचों कॉम्प्लेक्सों का निर्माण नई गाइड लाइन के अनुसार होगा। आईआईटी के स्ट्रक्चर कमेटी की जो रिपोर्ट आई है, उसमें बताया गया है कि आग से क्षतिग्रस्त हुए यह सभी भवन पुराने मानकों पर बनाए गए हैं। बुधवार को आईआईटी की ओर से जारी रिपोर्ट में कहा गया कि इसमें तीन कॉम्प्लेक्स हमराज, मसूद और एआर टॉवर को गिराया जाना जरूरी है। अरजन और नफीस कॉम्प्लेक्स को भी फिर से बनाने के बाद ही उसको प्रयोग में लाया जा सकता है। अभी यह सभी कॉम्प्लेक्स एक दूसरे सटकर बने हुए हैं। नई गाइड लाइन के अनुसार इनके बीच में 15-15 फीट का खुली जगह होनी जरूरी है। इसके अलावा चौड़ी सीढ़ियां व आने-आने जाने के कई रास्ते भी होने चाहिए।
आईआईटी की रिपोर्ट और शासन के निर्देशों के अनुसार जब भी अब कोई नया कॉम्प्लेक्स बनेगा, उसे नए भवन निर्माण नियमावली के तहत बनाने की अनुमति दी जाएगी। आग की घटना से क्षतिग्रस्त होने के बाद से ही इन भवनों की बनावट को लेकर संदेह उठने लगे थे। जितने भी कॉम्प्लेक्स बने हैं, उसमें किसी में भी चारों तरफ 15 फीट की जगह नहीं छोड़ी गई है। इसी तरह फायर ब्रिगेड ने इन कॉम्प्लेक्सों के अंदर बनी संकरी सीढ़ियों को लेकर भी सवाल उठाया था। दुकानों की साइज, पार्किंग, आग लगने की घटना से निपटने के लिए पानी का बड़ा टैंक, कॉम्प्लेक्स के मुख्य गेट के अलावा बाहर निकलने के और भी रास्ते नहीं होना जैसी कमियां यहां पाई गई हैं। इन खामियों की रिपोर्ट भी केडीए की तरफ से तैयार की जा रही है। जिला प्रशासन की ओर से कहा गया है कि नए तरीके से इन भवनों को बनाने के लिए नई नियमावली का पालन जरूरी होगा।
नए सिरे से कॉम्प्लेक्स को बनाने के लिए सात विभागों से एनओसी लेनी होगी। इसके लिए इन विभागों की ओर से दिए गए मानक के अनुरूप भवन निर्माण करना होगा। इन विभागों में केडीए, नगर निगम, अग्निशमन विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, सिंचाई विभाग, पीडब्ल्यूडी व पुलिस विभाग शामिल है।
किसी भी कॉम्प्लेक्स के निर्माण के लिए जरूरी है कि उसके चारों ओर कम से कम 15 फीट खाली जगह (सेट बैक ) हो। इसके अलावा भवनों के आसपास पानी टैंक भी होने चाहिए। जिससे आग जैसी घटना होने पर उस पर काबू पाया जा सके।- आशीष शिवपुरी पूर्व नगर नियोजक केडीए
- बहुमंजिला भवन में भूकंप और तेज हवाओं से बचाव के लिए जरूरी उपाय
- इमारत में दिव्यांग व्यक्ति के आने जाने के लिए रैंप की व्यवस्था हो
- आग से बचाव के लिए अग्निशमन उपकरण होने जरूरी
- बेसमेंट या ग्राउंड फ्लोर में किचन या कैंटीन न हो
- आग लगने की सूरत में बचाव के लिए इमरजेंसी निकास व सीढि़यां हो
- भवन के चारों ओर कम से कम 15-15 फीट का खाली स्थान हो
- पार्किंग की व्यवस्था बेसमेंट या ग्राउंड फ्लोर पर हो
- एस्केप लाइटिंग जरूर हो ताकि इमरजेंसी के समय लाइट जाने पर भी बाहर निकला जा सके
- बेसमेंट या ग्राउंड फ्लोर पर गोदाम न बनाएं
- समय समय पर अग्निशमन बचाव का रिहर्सल होता रहे
- अग्निरोधी दीवारें और कंपार्टमेंट हो
- भवन में एक ऐसा कमरा जरूर हो जहां आपदा के समय बचने के लिए जाया जा सके।