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अधिकतम सौ क्विंटल गेहूं बेच सकेंगे बटाईदार
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कानपुर देहात। क्रय केंद्र पर गेहूं बेचने के लिए बटाईदार को भी ऑनलाइन पंजीकरण कराना जरूरी है। बटाईदार अधिकतम सौ क्विंटल गेहूं बेच पाएंगे।
गेहूं की सरकारी खरीद के लिए क्रय केंद्रों पर व्यवस्थाएं दुरुस्त की जा रही हैं। इस बार ई-पोप (इलेक्ट्रानिक प्वाइंट ऑफ परचेज) मशीन पर अंगूठा लगाकर किसान अनाज बेचेंगे। पंजीकरण कराने पर राजस्व विभाग इसका सत्यापन करेगा। बटाईदार भूस्वामी किसान के गांव का रहने वाला या साथ के गांव का और जहां किसान की भूमि है उसी गांव या उससे सटे गांव का रहने वाला होना चाहिए।
क्रय केंद्र पर गेहूं बेचने के लिए बटाईदार को लेखपाल द्वारा सत्यापित किसान व उसके मध्य हुई लिखित सहमति देनी होगी। जिस खेत में गेहूं उगाया गया है उसका किसान अथवा बटाईदार एक बार ही पंजीकरण करा सकेंगे। बटाईदार के बेचे गेहूं का भुगतान उसके बैंक खाते में पीएफएमएस (पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम) के जरिए होगा। जिला खाद्य विपणन अधिकारी शिशिर कुमार ने बताया कि गेहूं की खरीद एक अप्रैल से होनी है। इसको लेकर क्रय केंद्रों पर तैयारी की जा रही है।
छह क्रय केंद्र और बने, कुल संख्या 53 हुई
कानपुर देहात। रबी विपणन वर्ष 2021-22 के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य 1975 रुपये प्रति क्विंटल पर गेहूं की खरीद की जानी है। पीसीएफ के अब तक 24 क्रय केंद्र बने थे। अब इस एजेंसी के छह और क्रय केंद्रों का अनुमोदन डीएम ने किया है। अब जिले में 53 गेहूं क्रय केेंद्र हो गए हैं। जिला खाद्य विपणन अधिकारी ने बताया कि पीसीएफ ने झींझक ब्लाक में झींझक क्रय विक्रय समिति, साधन सहकारी समिति लक्ष्मणपुर पिलख, अकबरपुर ब्लाक में क्रय विक्रय समिति रूरा, राजपुर ब्लाक में साधन सहकारी समिति गौरी हसनपुर, मैथा ब्लाक में साधन सहकारी समिति जैतापुर व डेरापुर ब्लाक में साधन सहकारी समिति मुर्रा में क्रय केंद्र बनाए हैं। इन केंद्रों पर 15 जून तक खरीद होगी। (संवाद)
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गेहूं की सरकारी खरीद के लिए क्रय केंद्रों पर व्यवस्थाएं दुरुस्त की जा रही हैं। इस बार ई-पोप (इलेक्ट्रानिक प्वाइंट ऑफ परचेज) मशीन पर अंगूठा लगाकर किसान अनाज बेचेंगे। पंजीकरण कराने पर राजस्व विभाग इसका सत्यापन करेगा। बटाईदार भूस्वामी किसान के गांव का रहने वाला या साथ के गांव का और जहां किसान की भूमि है उसी गांव या उससे सटे गांव का रहने वाला होना चाहिए।
क्रय केंद्र पर गेहूं बेचने के लिए बटाईदार को लेखपाल द्वारा सत्यापित किसान व उसके मध्य हुई लिखित सहमति देनी होगी। जिस खेत में गेहूं उगाया गया है उसका किसान अथवा बटाईदार एक बार ही पंजीकरण करा सकेंगे। बटाईदार के बेचे गेहूं का भुगतान उसके बैंक खाते में पीएफएमएस (पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम) के जरिए होगा। जिला खाद्य विपणन अधिकारी शिशिर कुमार ने बताया कि गेहूं की खरीद एक अप्रैल से होनी है। इसको लेकर क्रय केंद्रों पर तैयारी की जा रही है।
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छह क्रय केंद्र और बने, कुल संख्या 53 हुई
कानपुर देहात। रबी विपणन वर्ष 2021-22 के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य 1975 रुपये प्रति क्विंटल पर गेहूं की खरीद की जानी है। पीसीएफ के अब तक 24 क्रय केंद्र बने थे। अब इस एजेंसी के छह और क्रय केंद्रों का अनुमोदन डीएम ने किया है। अब जिले में 53 गेहूं क्रय केेंद्र हो गए हैं। जिला खाद्य विपणन अधिकारी ने बताया कि पीसीएफ ने झींझक ब्लाक में झींझक क्रय विक्रय समिति, साधन सहकारी समिति लक्ष्मणपुर पिलख, अकबरपुर ब्लाक में क्रय विक्रय समिति रूरा, राजपुर ब्लाक में साधन सहकारी समिति गौरी हसनपुर, मैथा ब्लाक में साधन सहकारी समिति जैतापुर व डेरापुर ब्लाक में साधन सहकारी समिति मुर्रा में क्रय केंद्र बनाए हैं। इन केंद्रों पर 15 जून तक खरीद होगी। (संवाद)
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