फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   शिवपाल के खिलाफ मुकदमा वापसी में कई पेंच

शिवपाल के खिलाफ मुकदमा वापसी में कई पेंच

Mon, 17 Jun 2013 05:30 AM IST
Kanpur
Kanpur Updated Mon, 17 Jun 2013 05:30 AM IST
विज्ञापन
कानपुर। लोक निर्माण विभाग के कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव के खिलाफ मुकदमा वापसी में कई पेंच हैं। इस मामले में एक परिवाद भी दाखिल है। अगर किसी तरह मुकदमा वापस हुआ तो परिवाद की प्रक्रिया चलती रहेगी।
विज्ञापन

गौरतलब है कि मर्चेंट चेंबर हाल में सपा के पूर्व सांसद स्व. चौधरी हरमोहन सिंह के जन्मदिन पर तिरंगा केक काटा गया था। तत्कालीन परमट चौकी इंचार्ज वीरेंद्र प्रताप सिंह ने 18 अक्टूबर 2010 को ग्वालटोली थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ तिरंगे झंडे के अपमान की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बाद में पुलिस ने सपा के पूर्व सांसद स्व. चौधरी हरमोहन सिंह, तत्कालीन जिलाध्यक्ष स्व. जितेंद्र बहादुर सिंह, तत्कालीन सदन प्रतिपक्ष केनेता शिवपाल सिंह यादव, विधायक इरफान सोलंकी, सपा प्रवक्ता सचिन तांगड़ी केखिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी थी। इस मामले में अधिवक्ता अविनाश कटियार ने परिवाद दर्ज कराया था। उनकी अर्जी पर परिवाद और मुकदमे दोनों की ही सुनवाई एक साथ चल रही थी। अब शासन ने मुकदमा वापसी पर डीएम से आख्या मांगी थी। डीएम ने अपनी रिपोर्ट शासन को भेज दी है। अधिवक्ता अविनाश कटियार का कहना है कि वह इस मामले में सोमवार को कोर्ट में अर्जी देंगे। सीआरपीसी की धारा 321 में कहा गया है कि मुकदमा जनहित, बहुत पुराना और सबूत न होने पर ही वापस लिया जा सकता है। सबूत पर्याप्त हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता एसपी सिंह का कहना है कि सबूत न हुए तो परिवाद चार्ज के समय खारिज हो सकता है लेकिन शिकायतकर्ता जब तक परिवाद वापस नहीं लेगा तब तक मामला चलेगा। अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित का कहना है कि पूरे मामले में परिवादी की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed