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तीन माह में शहर से बाहर हों 992 चट्टे
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 05 May 2016 12:36 AM IST
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कैंप कार्यालय पर बैठक करते कमिश्नर मो. इफ्तिखारुद्दीन व अन्य अधिकारी।
- फोटो : amarujala
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कानपुर। शहर के 992 चट्टों को नोटिस देकर तीन महीने में बाहर किया जाएगा। इसमें बाधा डालने वाले चट्टा संचालकों के खिलाफ सीआरपीसी की धारा 133 (पब्लिक न्यूसंस) के तहत नोटिस और एफआईआर की कार्रवाई होगी। यह व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू हो, इसके लिए प्रशासनिक, पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है। डीएम और एसएसपी खुद निरीक्षण करके कार्रवाई का हाल देखेेंगे। पहले चरण में 192 चट्टों को बाहर किया जाना है, जिसके लिए एक महीने की समय सीमा तय की गई है।
बारिश से पहले ही चट्टों को शहर से बाहर करने के लिए कमिश्नर मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन ने बुधवार को कैंप कार्यालय में मीटिंग की। डीएम कौशल राज शर्मा और एडीएम सिटी अविनाश सिंह की मौजूदगी में कमिश्नर ने कहा कि शहर को स्मार्ट सिटी बनाने की कवायद चल रही है। अब गंदगी का कोई भी जरिया शहर में नहीं रहने दिया जाएगा। केडीए ने जिन 192 चट्टा संचालकों को बिनगवां के पास जमीन दी है, उन सबको नोटिस देकर एक महीने के अंदर शिफ्ट किया जाएगा।
नोटिस देने, चालान काटने और जानवरों को कांजी हाउस में डालने का अभियान गुरुवार से ही शुरू होगा। यदि चट्टा संचालकों ने नोटिस की अनदेखी की तो एफआईआर की जाएगी। बैठक में टाउन प्लानर आशीष शिवपुरी, समग्र विकास योजना के समन्वयक नीरज श्रीवास्तव और नगर स्वास्थ्य अधिकारी पंकज श्रीवास्तव सहित नगर निगम के जोनल अधिकारी मौजूद रहे।
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एडीएम सिटी की अगुवाई में कमेटी
केडीए, आवास विकास और नगर निगम की कालोनियों से चट्टे हटाए जाएंगे, इसलिए एडीएम सिटी अविनाश सिंह की अगुवाई में कमेटी गठित की गई है। सीएमओ, पुलिस क्षेत्राधिकारी, नगर आयुक्त के नामित प्रतिनिधि और सीवीओ भी कमेटी के हिस्सा रहेंगे। इन सबको रिपोर्ट देकर तीन महीने के अंदर व्यवस्था सुनिश्चित करानी है।
डीएम, एसएसपी सुनिश्चित कराएं व्यवस्था
शहर से चट्टों को बाहर कराने की व्यवस्था डीएम और एसएसपी सुनिश्चित कराएंगे। इस आशय का सर्कुलर मुख्य सचिव आलोक रंजन ने भी जारी किया है। कहा है कि डीएम और एसएसपी को स्थलीय निरीक्षण करना है। चट्टों को शहर से बाहर करने और गंदगी रोकने की जिम्मेदारी नगर निगम के जोनल अधिकारी और संबंधित थानाध्यक्ष को दी गई है। इसमें हीलाहवाली मिली तो कार्रवाई की जाएगी। शहर में नगर निगम के छह जोन हैं।
ये काचट्टों30,500 आवारा जानवर जाएंगे कांजी हाउसशहर में 30,500 आवारा जानवर हैं। इन सबको पकड़कर कांजी हाउस में डालने या फिर कैटिल कालोनी में रखने की कवायद की गई है। कमिश्नर का कहना है कि केडीए शहर से बाहर कैटिल कालोनी बनाने की व्यवस्था सुनिश्चित कराए। साथ ही नगर निगम को तीन कांजी हाउस बनाने के आदेश दिए। कांजी हाउस में एक साथ 600 आवारा जानवर रखे जा सकेंगे। इस काम में स्वयं सेवी संस्थाओं की मदद ली जाएगी। में 65,000 मवेशी
शहर के 992 चट्टों पर 65 हजार गाय और भैंस है। यह रिकार्ड बुधवार को नगर निगम ने दिया। भैंस की संख्या 35 हजार और गाय की संख्या 30 हजार बताई गई है। सबसे ज्यादा 230 चट्टे जोन-5 और 207 चट्टे जोन-6 में हैं। जोन-1 में 145, जोन-2 में 173, जोन-3 में 125 और जोन-4 में 112 चट्टा हैं। म नहीं आसान
शहर से चट्टों को हटाने की योजनाएं एक दशक पहले से चल रही हैं लेकिन हो कुछ नहीं पाता। दो-चार दिन चट्टे वालों का चालान होता है और फिर कार्रवाई फुस्स। इस बार पहले चरण में जो 192 चट्टे हटने हैं उनके लिए केडीए ने 2008-2009 में ही बिनगवां में फ्रीहोल्ड जमीन दे दी है लेकिन एक भी चट्टे वाला नहीं गया। कुल 992 चट्टे हटने हैं, 192 के लिए जमीन है, शेष 800 चट्टों के लिए अभी जमीन आवंटित की जानी है। इसके लिए ग्राम समाज (सरकारी) की भूमि तलाशी जाएगी। यह जिम्मेदारी नगर निगम को दी गई है। इस प्रक्रिया में काफी समय लगेगा। इससे पहले 18 जून से मानसून दस्तक दे देगा और बारिश होने लगेगी। स्वाभाविक है ऐसे में सभी चट्टे हटाना मुमकिन न होगा।
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बारिश से पहले ही चट्टों को शहर से बाहर करने के लिए कमिश्नर मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन ने बुधवार को कैंप कार्यालय में मीटिंग की। डीएम कौशल राज शर्मा और एडीएम सिटी अविनाश सिंह की मौजूदगी में कमिश्नर ने कहा कि शहर को स्मार्ट सिटी बनाने की कवायद चल रही है। अब गंदगी का कोई भी जरिया शहर में नहीं रहने दिया जाएगा। केडीए ने जिन 192 चट्टा संचालकों को बिनगवां के पास जमीन दी है, उन सबको नोटिस देकर एक महीने के अंदर शिफ्ट किया जाएगा।
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नोटिस देने, चालान काटने और जानवरों को कांजी हाउस में डालने का अभियान गुरुवार से ही शुरू होगा। यदि चट्टा संचालकों ने नोटिस की अनदेखी की तो एफआईआर की जाएगी। बैठक में टाउन प्लानर आशीष शिवपुरी, समग्र विकास योजना के समन्वयक नीरज श्रीवास्तव और नगर स्वास्थ्य अधिकारी पंकज श्रीवास्तव सहित नगर निगम के जोनल अधिकारी मौजूद रहे।
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एडीएम सिटी की अगुवाई में कमेटी
केडीए, आवास विकास और नगर निगम की कालोनियों से चट्टे हटाए जाएंगे, इसलिए एडीएम सिटी अविनाश सिंह की अगुवाई में कमेटी गठित की गई है। सीएमओ, पुलिस क्षेत्राधिकारी, नगर आयुक्त के नामित प्रतिनिधि और सीवीओ भी कमेटी के हिस्सा रहेंगे। इन सबको रिपोर्ट देकर तीन महीने के अंदर व्यवस्था सुनिश्चित करानी है।
डीएम, एसएसपी सुनिश्चित कराएं व्यवस्था
शहर से चट्टों को बाहर कराने की व्यवस्था डीएम और एसएसपी सुनिश्चित कराएंगे। इस आशय का सर्कुलर मुख्य सचिव आलोक रंजन ने भी जारी किया है। कहा है कि डीएम और एसएसपी को स्थलीय निरीक्षण करना है। चट्टों को शहर से बाहर करने और गंदगी रोकने की जिम्मेदारी नगर निगम के जोनल अधिकारी और संबंधित थानाध्यक्ष को दी गई है। इसमें हीलाहवाली मिली तो कार्रवाई की जाएगी। शहर में नगर निगम के छह जोन हैं।
ये काचट्टों30,500 आवारा जानवर जाएंगे कांजी हाउसशहर में 30,500 आवारा जानवर हैं। इन सबको पकड़कर कांजी हाउस में डालने या फिर कैटिल कालोनी में रखने की कवायद की गई है। कमिश्नर का कहना है कि केडीए शहर से बाहर कैटिल कालोनी बनाने की व्यवस्था सुनिश्चित कराए। साथ ही नगर निगम को तीन कांजी हाउस बनाने के आदेश दिए। कांजी हाउस में एक साथ 600 आवारा जानवर रखे जा सकेंगे। इस काम में स्वयं सेवी संस्थाओं की मदद ली जाएगी। में 65,000 मवेशी
शहर के 992 चट्टों पर 65 हजार गाय और भैंस है। यह रिकार्ड बुधवार को नगर निगम ने दिया। भैंस की संख्या 35 हजार और गाय की संख्या 30 हजार बताई गई है। सबसे ज्यादा 230 चट्टे जोन-5 और 207 चट्टे जोन-6 में हैं। जोन-1 में 145, जोन-2 में 173, जोन-3 में 125 और जोन-4 में 112 चट्टा हैं। म नहीं आसान
शहर से चट्टों को हटाने की योजनाएं एक दशक पहले से चल रही हैं लेकिन हो कुछ नहीं पाता। दो-चार दिन चट्टे वालों का चालान होता है और फिर कार्रवाई फुस्स। इस बार पहले चरण में जो 192 चट्टे हटने हैं उनके लिए केडीए ने 2008-2009 में ही बिनगवां में फ्रीहोल्ड जमीन दे दी है लेकिन एक भी चट्टे वाला नहीं गया। कुल 992 चट्टे हटने हैं, 192 के लिए जमीन है, शेष 800 चट्टों के लिए अभी जमीन आवंटित की जानी है। इसके लिए ग्राम समाज (सरकारी) की भूमि तलाशी जाएगी। यह जिम्मेदारी नगर निगम को दी गई है। इस प्रक्रिया में काफी समय लगेगा। इससे पहले 18 जून से मानसून दस्तक दे देगा और बारिश होने लगेगी। स्वाभाविक है ऐसे में सभी चट्टे हटाना मुमकिन न होगा।