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यहां की आईआईटी में बनेगा 5जी बेस स्टेशन, हाईटेक होगा वायरलेस कम्युनिकेशन
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Fri, 12 Oct 2018 11:51 AM IST
सार
- 2020 तक शहरवासियों को मिलने लगेगी सुविधा
- आईआईटी में 5जी कम्युनिकेशन पर हुआ सेमिनार
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सेमिनार में दीं 5जी संबंधी जानकारी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर में 5जी कम्युनिकेशन ‘द ड्राइविंग दी फ्यूचर’ विषय पर गुरुवार को सेमिनार हुआ। निदेशक प्रो. अभय करंदीकर ने बताया कि वर्ष 2020 तक शहर के लोगों को 5जी की सुविधा मिलने लगेगी। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर में भी 5जी का बेस स्टेशन बनेगा।
इस स्टेशन में 5जी के विस्तार और वायरलेस कम्युनिकेशन की तकनीकी खामियों पर शोध किया जाएगा। ताकि 5जी सुचारु रूप से चल सके। ऐसे बेस स्टेशन में देश में कई जगह स्थापित किए जाएंगे। आईआईटी कानपुर उनमें से एक है।
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इस स्टेशन में 5जी के विस्तार और वायरलेस कम्युनिकेशन की तकनीकी खामियों पर शोध किया जाएगा। ताकि 5जी सुचारु रूप से चल सके। ऐसे बेस स्टेशन में देश में कई जगह स्थापित किए जाएंगे। आईआईटी कानपुर उनमें से एक है।
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आईआईटी कानपुर
कार्यशाला में प्रो. करंदीकर ने कहा कि भारत में वायरलेस कम्युनिकेशन का बहुत महत्व है क्योंकि भारतीय लोग सेल फोन का बहुत उपयोग करते हैं। भविष्य में भारत में ब्रॉड बैंड कनेक्शन के साथ वायरलेस नेटवर्क की बड़ी भूमिका होगी। पश्चिमी देशों में अब फाइबर ऑप्टिक्स केबिल की सहायता से इंटरनेट सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
बताया कि आईआईटी में बेस स्टेशन इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रिॉनिक इंजीनियरिंग विभाग की देखरेख बन रहा है। इसका काम तेज स्पीड और अन्य सुविधाएं प्रदान करना होगा। भारतीय मानक ब्यूरो के उपमहानिदेशक एचएल उपेंद्र ने कहा कि 5जी भविष्य में अग्रणी साबित होगा तथा इससे भविष्य में तीव्रगति से कनेक्टिविटी बढ़ेगी।
बताया कि आईआईटी में बेस स्टेशन इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रिॉनिक इंजीनियरिंग विभाग की देखरेख बन रहा है। इसका काम तेज स्पीड और अन्य सुविधाएं प्रदान करना होगा। भारतीय मानक ब्यूरो के उपमहानिदेशक एचएल उपेंद्र ने कहा कि 5जी भविष्य में अग्रणी साबित होगा तथा इससे भविष्य में तीव्रगति से कनेक्टिविटी बढ़ेगी।
टेस्टबेड हार्डवेयर के लिए मिली धनराशि
आईआईटी कानपुर
स्वदेशी विनिर्माण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रौद्योगिकी विभाग ने हाल ही में 5जी टेस्टबेड हार्डवेयर के लिए धन उपलब्ध कराया है। देश की विभिन्न आईआईटी, भारतीय विज्ञान संस्थान बंगलूरू तथा अनुसंधान संगठनों द्वारा 5जी टेस्टबेड का निर्माण किया जा रहा है।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर में 5जी टेस्टबेड की डिजाइन करने वाले दल का नेतृत्व कर रहे विद्युत अभियांत्रिकी विभाग आईआईटी कानपुर के प्रो. रोहित बुद्धि राजा ने संस्थान में तैयार किए जा रहे टेस्टबेड हार्डवेयर एवं एलागरिथम के बारे में बताया।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर में 5जी टेस्टबेड की डिजाइन करने वाले दल का नेतृत्व कर रहे विद्युत अभियांत्रिकी विभाग आईआईटी कानपुर के प्रो. रोहित बुद्धि राजा ने संस्थान में तैयार किए जा रहे टेस्टबेड हार्डवेयर एवं एलागरिथम के बारे में बताया।
5जी से जुड़ीं तकनीकों के बारे में बताया
आईआईटी कानपुर
विद्युत अभियांत्रिकी विभाग के प्रो. राजेश हेगड़े ने 5जी नेटवर्क के लिए एप्लीकेशन ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस तथा मशीन लर्निंग के बारे में बताया। विद्युत अभियांत्रिकी विभाग के प्रो. अभिषेक गुप्ता ने 5जी एमएम वेव नेटवर्क का विश्लेषण प्रस्तुत किया।
विप्रो कंपनी के सुभाष मंडल ने 5जी नेटवर्क के कई पहलुओं पर विचार रखे। प्रो. हेगड़े एवं प्रो. बुद्धिराजा ने बताया कि इस कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को आईआईटी कानपुर में 5जी नेटवर्क के लिए किए जा रहे अनुसंधान कार्यों के बारे में जानकारी मिलेगी।
विप्रो कंपनी के सुभाष मंडल ने 5जी नेटवर्क के कई पहलुओं पर विचार रखे। प्रो. हेगड़े एवं प्रो. बुद्धिराजा ने बताया कि इस कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को आईआईटी कानपुर में 5जी नेटवर्क के लिए किए जा रहे अनुसंधान कार्यों के बारे में जानकारी मिलेगी।