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50 फीसद युवाओं में है ये गंभीर बीमारी, आपके लिए जरूरी जानकारी
Tue, 09 Apr 2019 05:55 PM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 09 Apr 2019 05:55 PM IST
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सीएसजेएम विश्वविद्यालय की कार्यशाला में दी गयी जानकारी
- फोटो : अमर उजाला
युवाओं में जोड़ व मांसपेशी के दर्द की शिकायतें बढ़ती जा रही हैं। करीब 50 फीसद युवा किसी न किसी समस्या से परेशान हैं। कानपुर में ये बातें सोमवार को बीएलके सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के विभागाध्यक्ष व निदेशक डॉ. धर्म पी पांडेय ने कहीं। वह यहां छत्रपति शाहूजी महाराज विवि के इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ साइंसेज में आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला में बोल रहे थे।
डॉ. धर्म पांडेय ने कहा कि जोड़ों और मांसपेशियों का दर्द अनियमित दिनचर्या के चलते होती है। इस दर्द की कोई दवा नहीं है, बल्कि फिजियोथेरेपी के जरिए ही राहत मिल सकती है। डॉ. पांडेय ने फिजियोथेरेपी की अत्याधुनिक तकनीक फंक्शनल मूवमेंट एनालिसिस एंड ट्रीटमेंट स्ट्रेटजी (एफमैट्स) के बारे में भी बताया।
कहा कि एफमैट्स इस दर्द में सबसे कारगर है। इसमें जोड़ों व मांशपेशियों की कार्य प्रणाली का वैज्ञानिक विधि द्वारा परीक्षण किया जाता है। एफमैट्स के जरिए विभिन्न हड्डी रोग, न्यूरोलॉजिकल रोग, स्पोर्ट्स इंजरी का भरपूर इलाज कर सकते हैं।
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डॉ. धर्म पांडेय ने कहा कि जोड़ों और मांसपेशियों का दर्द अनियमित दिनचर्या के चलते होती है। इस दर्द की कोई दवा नहीं है, बल्कि फिजियोथेरेपी के जरिए ही राहत मिल सकती है। डॉ. पांडेय ने फिजियोथेरेपी की अत्याधुनिक तकनीक फंक्शनल मूवमेंट एनालिसिस एंड ट्रीटमेंट स्ट्रेटजी (एफमैट्स) के बारे में भी बताया।
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कहा कि एफमैट्स इस दर्द में सबसे कारगर है। इसमें जोड़ों व मांशपेशियों की कार्य प्रणाली का वैज्ञानिक विधि द्वारा परीक्षण किया जाता है। एफमैट्स के जरिए विभिन्न हड्डी रोग, न्यूरोलॉजिकल रोग, स्पोर्ट्स इंजरी का भरपूर इलाज कर सकते हैं।
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इस विधि में मैनुअल थेरेपी, टेपिंग व मैनीपुलैटिव तकनीकी का प्रयोग किया जाता है। इसके पूर्व सेमिनार का शुभारंभ कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता, रजिस्ट्रार डॉ. विनोद कुमार सिंह व इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ साइंसेज के प्रभारी डॉ. प्रवीण कटियार ने दीप जलाकर किया। इंस्टीट्यूट के अलावा जवाहर लाल रोहतगी हॉस्पिटल के फिजियोथेरेपी के छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। कार्यशाला का आयोजन नेहा शुक्ला व अमित शुक्ला ने किया।
विभाग के छात्रों को मिलेगा आधुनिक प्रशिक्षण
इंस्टीट्यूट के प्रभारी डॉ. प्रवीन कटियार ने बताया कि इंस्टीट्यूट में फिजियोथेरिपी के छात्रों को आधुनिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि सेमिनार में इंस्टीट्यूट ऑफ एप्लाइड मेडिसिन एवं रिसर्च नई दिल्ली की फिजियोथेरेपी विभागाध्यक्ष डॉ. शगुन अग्रवाल ने भी छात्रों को टिप्स दिए।
विभाग के छात्रों को मिलेगा आधुनिक प्रशिक्षण
इंस्टीट्यूट के प्रभारी डॉ. प्रवीन कटियार ने बताया कि इंस्टीट्यूट में फिजियोथेरिपी के छात्रों को आधुनिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि सेमिनार में इंस्टीट्यूट ऑफ एप्लाइड मेडिसिन एवं रिसर्च नई दिल्ली की फिजियोथेरेपी विभागाध्यक्ष डॉ. शगुन अग्रवाल ने भी छात्रों को टिप्स दिए।