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बारिश से 2500 बीघा फसल जलमग्न
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कानपुर देहात। जिले में बारिश के चलते करीब 2500 बीघा फसल जलमग्न हो गईं। जिससे तिल की फसल व धान की पौध को खासा नुकसान होने की संभावना जताई जा रही है। उप कृषि निदेशक ने नुकसान का आंकलन कराने की बात कही है।
लगातार हो रही बारिश से सरवनखेड़ा क्षेत्र से निकली दक्षिणी नोन नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया। जिससे सैंथा, गंगागंज, मुर्रा, हिलौठी, पियासी, निनाया, अहिरानी सहित कई गांवों की सैकड़ों बीघा फसलें जलमग्न हो गई और सड़ने का खतरा मंडराने लगा है। इसी तरह रूरा क्षेत्र मेें भी सैकड़ों बीघा फसलें पानी में डूब गई।
धनीरामपुर के किसान रामशंकर ने बताया कि दो बीघा धान व एक बीघा तिल की फसल बारिश के पानी से जलमग्न हो गई। खेतों में जलभराव इस कदर है कि मेड़ तक दिखाई नहीं दे रही। चारों तरफ तालाब जैसा नजारा दिखाई दे रहा था। इसी गांव के किसान राम शंकर, रामबाबू, सरिता, डेरापुर के अनुज कुमार, गौरव संखवार आदि ने बताया कि करीब एक सप्ताह पूर्व ही धान की रोपाई की गई थी।
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भारी बारिश के कारण पौध जलमग्न हो गई है। यदि खेतों से जल्द ही पानी नहीं निकाला गया तो फसल चौपट हो जाएगी। उपकृषि निदेशक विनोद कुमार यादव ने बताया कि धान रोपाई के लिए उपयुक्त बारिश हुई है। जिन किसानों को फसल नुकसान की संभावना लग रही है, वह लिखित शिकायत दे सकते हैं। नुकसान का आंकलन कराया जाएगा।
संदलपुर मेें 473 किसानों की फसल जलमग्न
संदलपुर। बारिश के कारण कौरू, असलनापुर, फि रोजापुर, जगन्नाथपुर के 473 किसानों की मक्का व धान की फसल जलमग्न हो गई। किसान बाबूराम, कैलाश नाथ ने बताया कि नाला जाम होने से तेज बारिश होने पर हर साल इसी प्रकार फसलें जलमग्न हो जाती है। अफसरों ने कभी इस ओर ध्यान नहीं दिया। इससे किसानों को परेशान होना पड़ता है। (संवाद)
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लगातार हो रही बारिश से सरवनखेड़ा क्षेत्र से निकली दक्षिणी नोन नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया। जिससे सैंथा, गंगागंज, मुर्रा, हिलौठी, पियासी, निनाया, अहिरानी सहित कई गांवों की सैकड़ों बीघा फसलें जलमग्न हो गई और सड़ने का खतरा मंडराने लगा है। इसी तरह रूरा क्षेत्र मेें भी सैकड़ों बीघा फसलें पानी में डूब गई।
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धनीरामपुर के किसान रामशंकर ने बताया कि दो बीघा धान व एक बीघा तिल की फसल बारिश के पानी से जलमग्न हो गई। खेतों में जलभराव इस कदर है कि मेड़ तक दिखाई नहीं दे रही। चारों तरफ तालाब जैसा नजारा दिखाई दे रहा था। इसी गांव के किसान राम शंकर, रामबाबू, सरिता, डेरापुर के अनुज कुमार, गौरव संखवार आदि ने बताया कि करीब एक सप्ताह पूर्व ही धान की रोपाई की गई थी।
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भारी बारिश के कारण पौध जलमग्न हो गई है। यदि खेतों से जल्द ही पानी नहीं निकाला गया तो फसल चौपट हो जाएगी। उपकृषि निदेशक विनोद कुमार यादव ने बताया कि धान रोपाई के लिए उपयुक्त बारिश हुई है। जिन किसानों को फसल नुकसान की संभावना लग रही है, वह लिखित शिकायत दे सकते हैं। नुकसान का आंकलन कराया जाएगा।
संदलपुर मेें 473 किसानों की फसल जलमग्न
संदलपुर। बारिश के कारण कौरू, असलनापुर, फि रोजापुर, जगन्नाथपुर के 473 किसानों की मक्का व धान की फसल जलमग्न हो गई। किसान बाबूराम, कैलाश नाथ ने बताया कि नाला जाम होने से तेज बारिश होने पर हर साल इसी प्रकार फसलें जलमग्न हो जाती है। अफसरों ने कभी इस ओर ध्यान नहीं दिया। इससे किसानों को परेशान होना पड़ता है। (संवाद)