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चांद से मांगा अखंड सौभाग्य...
Updated Sun, 08 Oct 2017 11:39 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
कन्नौज। पति की लंबी उम्र की कामना के साथ सुहागिन महिलाएं सुबह से निर्जला व्रत रखे थी। शाम ढलते ही चांद के इंतजार में बच्चे छत की मुंडेर पर झांकते नजर आए। चांद के नजर आते ही घर में खुशियों का माहौल दिखा। सुहागिनों ने चांद दे दर्शन कर पूजा अर्चना की। पति की लंबी उम्र की दुआएं मांगी। पूजन के बाद पति हाथ से पानी पीकर व्रत खोला।
रविवार की सुबह से व्रत की तैयारी में सुहागिनें पहले से जुट गई थीं। हाथों में मेहंदी रचाने से लेकर सुंदर साड़ी की खरीददारी, पति परमेश्वर का सानिध्य पाकर महिलाओं का व्रत पूरा हुआ। शहर में 8:15 मिनट तक चांद ने महिलाओं को इंतजार कराया। शहर में करवाचौथ की धूम देखी गई। चांद सोलह श्रंगार से सजकर महिलाएं छतों पर पहुंची। चांद दिखते ही सुहागिनों नेे विधि-विधान से पूजा की। महिलाएं चांद में अपना अखंड सौभाग्य निहारती रहीं। चांद देखने के बाद सुहागिनों ने व्रत परायण हैं।
रानी वीरावती के पति को मिला था प्राणदान
कन्नौज। वैदिक आचार्य पंडित पवन शुक्ला ने बताया रानी वीरावती सात भाइयों की अकेली बहन थी, जिसे परिवार में सभी बहुत प्यार करते थे। बहन को भूखा देख वह उसे शीशे में चांद दिखा देते हैं। पूजन कर अन्न खाते ही उसके पति की मौत हो जाती है। खबर मिलने के बाद वीरावती पूरी रात रोती रही, उसके सामने एक देवी प्रकट हुई और उन्होंने उसके पति के प्राण लौटाने पड़े।
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चांद से मांगा अखंड सौभाग्य...
-निर्जला व्रत कर महिलाओं ने शाम 8:15 पर खोला व्रत
- व्रत खोल लिया घर के बड़ों का आशीर्वाद
कन्नौज। पति की लंबी उम्र की कामना के साथ सुहागिन महिलाएं सुबह से निर्जला व्रत रखे थी। शाम ढलते ही चांद के इंतजार में बच्चे छत की मुंडेर पर झांकते नजर आए। चांद के नजर आते ही घर में खुशियों का माहौल दिखा। सुहागिनों ने चांद दे दर्शन कर पूजा अर्चना की। पति की लंबी उम्र की दुआएं मांगी। पूजन के बाद पति हाथ से पानी पीकर व्रत खोला।
रविवार की सुबह से व्रत की तैयारी में सुहागिनें पहले से जुट गई थीं। हाथों में मेहंदी रचाने से लेकर सुंदर साड़ी की खरीददारी, पति परमेश्वर का सानिध्य पाकर महिलाओं का व्रत पूरा हुआ। शहर में 8:15 मिनट तक चांद ने महिलाओं को इंतजार कराया। शहर में करवाचौथ की धूम देखी गई। चांद सोलह श्रंगार से सजकर महिलाएं छतों पर पहुंची। चांद दिखते ही सुहागिनों नेे विधि-विधान से पूजा की। महिलाएं चांद में अपना अखंड सौभाग्य निहारती रहीं। चांद देखने के बाद सुहागिनों ने व्रत परायण हैं।
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रानी वीरावती के पति को मिला था प्राणदान
कन्नौज। वैदिक आचार्य पंडित पवन शुक्ला ने बताया रानी वीरावती सात भाइयों की अकेली बहन थी, जिसे परिवार में सभी बहुत प्यार करते थे। बहन को भूखा देख वह उसे शीशे में चांद दिखा देते हैं। पूजन कर अन्न खाते ही उसके पति की मौत हो जाती है। खबर मिलने के बाद वीरावती पूरी रात रोती रही, उसके सामने एक देवी प्रकट हुई और उन्होंने उसके पति के प्राण लौटाने पड़े।
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चांद से मांगा अखंड सौभाग्य...
-निर्जला व्रत कर महिलाओं ने शाम 8:15 पर खोला व्रत
- व्रत खोल लिया घर के बड़ों का आशीर्वाद