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दोस्त को बाइक खरीदवाने के लिए चुराए मां के जेवर
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 11 Mar 2016 12:55 AM IST
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thief, jhansi news
- फोटो : demo pice
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झांसी। दोस्त के झांसे में आए किशोर ने मां के जेवर चुराकर औने पौने दामों में बेच डाले। जब उसने जेवर लौटाने को कहा तो दोस्त ने जान से मारने की धमकी दे डाली। बृहस्पतिवार को जब मां ने अलमारी खोली तो जेवर गायब देख हक्की-बक्की रह गई। कड़ाई से पूछताछ पर हकीकत सामने आने पर मां ने पुत्र को पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने जेवर चोरी में शामिल दो अन्य दोस्तों को हिरासत में ले लिया है।
गुमनावारा निवासी एक किशोर कक्षा नौ का छात्र है, जिसे बृहस्पतिवार को मां ने पुलिस के हवाले किया। छात्र ने बताया कि करीब एक माह पहले गुमनावारा में ही रहने वाले दोस्त ने उसके साथ करीब दो-तीन हजार रुपये खर्च किये। इस दरमियान उसने बताया कि उसे अपाचे बाइक खरीदनी है, जिसके लिए कुछ रुपयों की जरूरत है। वह अपनी मां के जेवर चुपचाप उसे दे दे, जिन्हें गिरवी रखकर उधार रुपये ले लेगा। उधारी एक पखवाड़े में चुकाने पर जेवर वापस मिल जाएंगे।
झांसे में आने पर उसने अलमारी में रखी सोने की झुमकी, टॉप्स, बाला और 16 मोतियों की सोने में जड़ी माला चुराकर दोस्त को थमा दी। इसके बाद दोनों जेवर लेकर बड़ागांव के मरोड़ा पहुंचे, जहां दगाबाज दोस्त ने एक सुनार को 15 हजार रुपये में झुमकी, चार हजार में टॉप्स, तीन हजार में बाला और साढ़े तीन हजार रुपये में मोतियों की माला बेच दी, जबकि छात्र को बताया कि जेवर गिरवी रखे हैं।
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इसके बाद दोस्त ने बाइक नहीं खरीदी तो उसे कुछ गड़बड़ी का अंदेशा हुआ। उसने गिरवी रखे जेवर लौटाने के लिए कहा तो दोस्त पहले ना-नुकुर करने लगा। जेवर लौटाने की जिद पर दोस्त ने तमंचा अड़ाकर जान से मारने की धमकी दे डाली, जिससे वह चुप रहा।
बृहस्पतिवार को जब मां को अलमारी में रखे जेवर गायब मिले तो पूछताछ करने पर पुत्र ने हकीकत बयान कर दी। इस पर मां ने उसे पुलिस के हवाले कर दिया है। वहीं, विश्वविद्यालय चौकी इंचार्ज ओपी यादव का कहना है कि जेवर चोरी के मामले में तीन युवक शामिल थे, जिन्हें हिरासत में ले लिया गया है। पता किया जा रहा है कि उन्होंने चोरी के जेवर कहां बेचे हैं, ताकि उन्हें बरामद किया जा सके।
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गुमनावारा निवासी एक किशोर कक्षा नौ का छात्र है, जिसे बृहस्पतिवार को मां ने पुलिस के हवाले किया। छात्र ने बताया कि करीब एक माह पहले गुमनावारा में ही रहने वाले दोस्त ने उसके साथ करीब दो-तीन हजार रुपये खर्च किये। इस दरमियान उसने बताया कि उसे अपाचे बाइक खरीदनी है, जिसके लिए कुछ रुपयों की जरूरत है। वह अपनी मां के जेवर चुपचाप उसे दे दे, जिन्हें गिरवी रखकर उधार रुपये ले लेगा। उधारी एक पखवाड़े में चुकाने पर जेवर वापस मिल जाएंगे।
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झांसे में आने पर उसने अलमारी में रखी सोने की झुमकी, टॉप्स, बाला और 16 मोतियों की सोने में जड़ी माला चुराकर दोस्त को थमा दी। इसके बाद दोनों जेवर लेकर बड़ागांव के मरोड़ा पहुंचे, जहां दगाबाज दोस्त ने एक सुनार को 15 हजार रुपये में झुमकी, चार हजार में टॉप्स, तीन हजार में बाला और साढ़े तीन हजार रुपये में मोतियों की माला बेच दी, जबकि छात्र को बताया कि जेवर गिरवी रखे हैं।
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इसके बाद दोस्त ने बाइक नहीं खरीदी तो उसे कुछ गड़बड़ी का अंदेशा हुआ। उसने गिरवी रखे जेवर लौटाने के लिए कहा तो दोस्त पहले ना-नुकुर करने लगा। जेवर लौटाने की जिद पर दोस्त ने तमंचा अड़ाकर जान से मारने की धमकी दे डाली, जिससे वह चुप रहा।
बृहस्पतिवार को जब मां को अलमारी में रखे जेवर गायब मिले तो पूछताछ करने पर पुत्र ने हकीकत बयान कर दी। इस पर मां ने उसे पुलिस के हवाले कर दिया है। वहीं, विश्वविद्यालय चौकी इंचार्ज ओपी यादव का कहना है कि जेवर चोरी के मामले में तीन युवक शामिल थे, जिन्हें हिरासत में ले लिया गया है। पता किया जा रहा है कि उन्होंने चोरी के जेवर कहां बेचे हैं, ताकि उन्हें बरामद किया जा सके।