जौनपुर: दीवार के मलबे में दबकर महिला ग्राम प्रधान की मौत, लिपाई-पोताई के दौरान हुआ हादसा
मुंगराबादशाहपुर ब्लाक के ग्रामसभा कबीरपुर की प्रधान रीता देवी (50) पत्नी शंभूनाथ सरोज ग्राम प्रधान हैं। मंगलवार की दोपहर वह अपने कच्चे घर की दीवार की गोबर से लिपाई-पोताई कर रही थीं। इसी दौरान अचानक जर्जर दीवार ढह गई और रीता देवी मलबे में दब गईं।
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जौनपुर के कबीरपुर गांव में मंगलवार को कच्चे घर की दीवार ढहने से मलबे में दबकर अनुसूचित जाति की महिला ग्राम प्रधान की मौत हो गई। घटना से घर में कोहराम मचा हुआ है। पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया है।
मुंगराबादशाहपुर ब्लाॉक के ग्रामसभा कबीरपुर की प्रधान रीता देवी (50) पत्नी शंभूनाथ सरोज ग्राम प्रधान हैं। मंगलवार की दोपहर वह अपने कच्चे घर की दीवार की गोबर से लिपाई-पोताई कर रही थीं। इसी दौरान अचानक जर्जर दीवार ढह गई और रीता देवी मलबे में दब गईं। चीख-पुकार सुनकर जुट गए घरवाले व पास-पड़ोस के लोग पहुंच गए।
आननफानन में मलबा हटाकर घायल रीता देवी को बाहर निकाला। उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मुंगराबादशाहपुर ले जाया गया। जहां से डाक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। परिजनों के मुताबिक जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उनकी मौत हो गई। मौत की खबर आते ही घर में कोहराम मच गया।
संवेदना जताने के लिए घर पर ग्रामीणों व सगे-संबंधियों का तांता लगा रहा। वहीं, रात आठ बजे घर पहुंचे शव को कब्जे में लेकर पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस संबंध में थानाध्यक्ष सदानंद राय का कहना है कि दीवार का मलबा गिरने से घटना हुई है।
कहने को थी प्रधान, गरीबी से लड़ रहा था परिवार
कहने को रीता देवी प्रधान थी। लेकिन, उनका परिवार गरीबी से लड़ रहा था। खुद के पास रहने के नाम पर एक यही मकान था, जो जर्जर हो चुका था। इस मकान की दीवारों को सही करने के लिए वह खुद गोबरी लगा रही थी। माना जा रहा है कि जर्जर हो चुकी दीवार दबाव पड़ने पर उनके ही ऊपर गिर र्गई।
रीता देवी के तीन बेटे अनू कुमार (24), पवन कुमार (22), प्रभात (19) और दो बेटियां लड़की पूजा (23), सुनीता (16) हैं। इसमें पूजा की छोड़ किसी की शादी नहीं हुई है। रीता देवी के प्रधान बनने पर परिवार को दु:ख के दिन दूर होने की उम्मीद थी।