UP: घर में तहखाना बनाकर पाल रहे थे कछुए, बंगाल तक हो रही थी तस्करी; गिरफ्तारी दंपती ने खोल दी पोल
यूपी के जाैनपुर जिले में पुलिस ने कछुआ तस्करों को पकड़ा है। ये लोग घर में ही तहखाना बनाकर कछुए पाल रहे थे। यहां से बंगाल तक इसकी तस्करी होती थी। पकड़े गए कछुओं की कीमत छह लाख रुपये बताई जा रही है।
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Jaunpur News: खेतासराय के कासिमपुर वार्ड निवासी मुस्ताक ने अपने घर में बने तहखाने में पानी भरवा दिया। तहखाने में पानी भरवाकर कछुआ पाल रहा था और 6-6 हजार रुपये में तस्करों को देकर बंगाल तक तस्करी कराता था। बीती शाम खेतासराय रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार अमेठी निवासी दंपती ने पूछताछ में इसकी जानकारी पुलिस को दी। इसके बाद तस्करी का भंडाफोड़ हुआ।
खेतासराय थाना प्रभारी रामाश्रय राय ने बताया कि रेलवे स्टेशन से मोतीलाल और उसकी पत्नी ममता को गिरफ्तार किया गया। जो अमेठी जिले के परवेजपुर निवासी हैं। दोनों पश्चिम बंगाल में कछुओं की सप्लाई करते थे। दोनों के पास चार बैग में भरे 60 कछुआ बरामद हुए। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे कासिमपुर निवासी मुस्ताक से कछुए लेकर आगे पहुंचाते हैं। इसके बदले उन्हें 6-6 हजार मिलते हैं।
पुलिस ने की कार्रवाई
थाना प्रभारी ने बताया कि पूछताछ में मिली जानकारी पर कासिमपुर वार्ड निवासी मुस्ताक के घर पर छापा मारा गया। जहां घर के तहखाने से 102 कछुए और 13 बोरी कछुआ की खाल बरामद हुई। बरामद कछुओं की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब छह लाख रुपये हैं।
दूसरी तरफ, मुस्ताक भाग गया। सूचना पर वन विभाग के क्षेत्राधिकारी राकेश कुमार, डिप्टी रेंजर पहुंचे और बरामद कछुओं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने में जुट गए। बरामद जीवों का वजन करीब 440 किलो बताया गया। थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम व अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। मौके से भागे मुस्ताक की तलाश के लिए दबिश दी जा रही है।