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Jaunpur News: नहरों में पानी नहीं, धान की नर्सरी डालने के लिए किसान परेशान

Thu, 08 Jun 2023 12:28 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 08 Jun 2023 12:28 AM IST
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There is no water in the canals, farmers are upset to put paddy nursery
जौनपुर। खरीफ की मुख्य फसलों में धान की खेती के लिए किसान जुट गए हैं, नर्सरी डालने के लिए खेतों को तैयार कर पानी की आस लगाए हैं, लेकिन नहरों में अभी तक पानी नहीं छोड़ा गया, जिससे किसान चिंतित हैं। किसानों का कहना है कि यदि नहर में पानी नहीं आया तो समय पर धान का बीज नहीं डाल पाएंगे और न ही समय से धान की रोपाई हो पाएगी। इससे पैदावार में भी कमी आ सकती है।जिले में सिंचाई के लिए छोटी-बड़ी कुल 343 नहरें हैं। जो करीब 1705 किमी लंबी हैं। इन नहरों से रबी और खरीफ की कुल दो लाख चार हजार हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होती है। धान की नर्सरी डालने के लिए खेत तैयार कर किसान पानी आस लगाए हुए हैं, लेकिन अभी तक नहरों में पानी की जगह धूल उड़ रही है। सिंगरामऊ क्षेत्र के नाभीपुर, भूला, कुमारपट्टी, करनपुर, हरिहरपुर, बछुआर, तुरकौली, कुसहा, बरैया आदि गांवों में रामगंज रजवाहा की नहर से सिंचाई की जाती है, हजारों एकड़ खेतों में धान की नर्सरी से लेकर धान की रोपाई के लिए किसान पानी को लेकर चिंतित हैं। क्षेत्रीय किसान सूखी नहर की तरफ टकटकी लगाए हुए हैं। सुइथाकलां क्षेत्र के सूरापुर, डीह असरफाबाद, पूरासम्भल शाह, रुधौली, सुइथाकलां, करीमपुर, डेहरी, समशुद्दीनपुर सहित अन्य गांवों की हजारों एकड़ खेतों की सिंचाई नहर के पानी से किया जाता है, धान की नर्सरी डालने के लिए किसान पानी को लेकर चिंतित हैं, लेकिन नहरों में अभी तक पानी छोड़ा गया है। सुरेरी थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत देहुंआ, भानपुर, भोड़ा, पटेला, पाल्हनपुर, भदखिन, कोचारी समेत कई गांव से होकर गुजरने वाली शारदा सहायक खंड 39 के पटखौली व कोचारी माइनर में पानी नहीं आने से क्षेत्रीय किसानों को धान की नर्सरी डालने के लिए मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है।
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नहरों में 25 जून तक पानी छोड़ा जाएगा। अभी ऊपर से बंद किया गया है। टेल तक पानी पहुंच जाए इसलिए नहरों को प्रति वर्ष नवंबर माह में सफाई कराई जाती है। किसानों को सहूलियत मिले इसके लिए विशेष प्रयास किया जा रहा है। - विपिन कुमार, अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग
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