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Jaunpur News: रोहिणी नक्षत्र और वृद्धि-सर्वार्थ सिद्ध योग में पड़ रहा दूसरा सोमवार

Sun, 20 Jul 2025 12:38 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 20 Jul 2025 12:38 AM IST
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The second Monday is falling in Rohini Nakshatra and Vriddhi-Sarvartha Siddha Yoga
मछलीशहर। सावन के दूसरे सोमवार 21 जुलाई को ग्रह नक्षत्रों का विशेष संयोग बन रहा है। डॉ. शैलेश मोदनवाल ने बताया कि इस दिन रोहिणी नक्षत्र वृद्धि योग के साथ सर्वार्थ सिद्ध योग का संयोग प्राप्त हो रहा है। इस दिन चंद्रमा वृषभ राशि में रोहिणी नक्षत्र में रहेंगे, जिससे गौरी योग बनेगा। साथ ही, कामिका एकादशी का शुभ संयोग भी रहेगा, जिससे भगवान शिव और विष्णु दोनों की कृपा प्राप्त होगी। वृद्धि योग सुख-समृद्धि में वृद्धि करने वाला माना जाता है। इससे इस दिन शिवार्चन करने से विशेष फल की प्राप्ति होगी। ज्योतिष एवं तंत्र के आचार्य डॉ. शैलेश मोदनवाल के अनुसार रोहिणी चंद्रमा का नक्षत्र है जब चंद्रमा रोहिणी नक्षत्र में होता है तब चंद्रमा का संचरण शुक्र के वृष राशि में होता है। वृष राशि में चंद्रमा उच्च का हो जाता है अर्थात चंद्रमा का शुभत्व व प्रभाव बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। चंद्रमा मन का कारक है और शिव की जटाओं में सुशोभित है इसलिए इस दिन शिवार्चन से मनचाहा वरदान प्राप्त होगा साथ ही सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होगी । कुंडली में उत्पन्न अशुभ चंद्रमा की दशा का निवारण भी होगा। वृद्धियोग, ज्योतिष में एक शुभ योग है जो ''प्रगति'' का प्रतीक है। इस योग में किए गए कार्यों में सफलता और उन्नति मिलने की संभावना अधिक होती है। वृद्धि योग के साथ सर्वार्थ सिद्ध योग का संयोग प्राप्त होने से यह एक महायोग बन गया है । इसमें शिवार्चन का विशेष फल प्राप्त होगा। इस योग में शिव की अर्चना करने से सभी कार्यों में सफलता मिलती है, मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, और धन-धान्य में वृद्धि होती है।
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पंचामृत से भगवान शिव को स्नान कराएं-इस दिन पंचामृत से भगवान शिव को स्नान कराएं। चावल, भस्मी, सफेद फूल, बेलपत्र, शमीपत्र, दूर्वा, धतूर, मदार व भांग अर्पित करें। धूप दीपादि से आरती करे। रुद्राष्टकम का पाठ व ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करना विशेष लाभदायी होगा। शिवार्चन का पूर्ण फल प्राप्त करने के लिए मस्तक पर भस्मी और गले में रुद्राक्ष की माला धारण करके ही भगवान शिव की अर्चना प्रारंभ करने का विधान है।
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