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दो कार्यदायी संस्थाओं पर रही जांच टीम की नजर
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पूर्वांचल विश्वविद्यालय परिसर के विभिन्न विभागों में हुए विकास कार्यों की सोमवार को चार सदस्यीय टीम ने सोमवार को जांच की। विशेष सचिव उच्च शिक्षा मनोज कुमार के नेतृत्व में विवि परिसर पहुंची टीम ने निर्माण, वित्त, प्रशासन, गोपनीय, स्टेडियम, केंद्रीय भंडार, परिसर की सड़क आदि का निरीक्षण कर जायजा लिया। जांच टीम की नजर परिसर में काम पूरा नहीं कराने वाली दो कार्यदायी संस्थाओं पर टिकी रही। जांच टीम ने सभी विभागों का ब्योरा जुटाया। टीम 15 दिन में फिर विश्वविद्यालय का दौरा कर सकती है। इस बार जांच और बैठक में कार्यदायी संस्थाओं को भी शामिल करने की तैयारी है।
जांच टीम सुबह करीब 11 बजे विवि परिसर में पहुंची। विभागों का निरीक्षण करने के बाद टीम ने विवि परिसर में अधूरे पड़े निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। पूछताछ के दौरान टीम को बताया कि राजकीय निर्माण निगम और एनसीसीएफ (भारतीय राष्ट्रीय सहकारी संघ) के ज्यादातर निर्माण कार्य अधूरे हैं। राजकीय निर्माण निगम के 46 और एनसीसीएफ को 71 कार्य पूरे नहीं हो पाए हैं। जिनकी लागत भी कई गुना बढ़ चुकी है। कई कार्य ऐसे हैं जो अभी तक हैंडओवर नहीं किए गए हैं। परिसर में हुए विकास कार्यों के साथ विभागों में हुई खरीदारी आदि की जांच टीम ने जानकारी ली। जांच टीम 15 दिन के भीतर विवि का फिर दौरा कर सकती है। टीम सदस्यों का कहना था कि अगली बार विवि प्रशासन और कार्यदायी संस्थाओं के साथ बैठक की जाएगी। बैठक में यह जानकारी ली जाएगी कि आखिर कार्यदायी संस्थाओं ने निर्माण कार्य पूरा क्यों नहीं कराया। विवि प्रशासन ने कार्यों को पूरा कराने के लिए पहल नहीं की अथवा कार्यदायी संस्थाओं ने जानबूझ कर काम पूरा नहीं किया। निर्माण कार्य में धन के भुगतान की स्थिति का भी पता लगाया जाएगा।
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जांच टीम सुबह करीब 11 बजे विवि परिसर में पहुंची। विभागों का निरीक्षण करने के बाद टीम ने विवि परिसर में अधूरे पड़े निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। पूछताछ के दौरान टीम को बताया कि राजकीय निर्माण निगम और एनसीसीएफ (भारतीय राष्ट्रीय सहकारी संघ) के ज्यादातर निर्माण कार्य अधूरे हैं। राजकीय निर्माण निगम के 46 और एनसीसीएफ को 71 कार्य पूरे नहीं हो पाए हैं। जिनकी लागत भी कई गुना बढ़ चुकी है। कई कार्य ऐसे हैं जो अभी तक हैंडओवर नहीं किए गए हैं। परिसर में हुए विकास कार्यों के साथ विभागों में हुई खरीदारी आदि की जांच टीम ने जानकारी ली। जांच टीम 15 दिन के भीतर विवि का फिर दौरा कर सकती है। टीम सदस्यों का कहना था कि अगली बार विवि प्रशासन और कार्यदायी संस्थाओं के साथ बैठक की जाएगी। बैठक में यह जानकारी ली जाएगी कि आखिर कार्यदायी संस्थाओं ने निर्माण कार्य पूरा क्यों नहीं कराया। विवि प्रशासन ने कार्यों को पूरा कराने के लिए पहल नहीं की अथवा कार्यदायी संस्थाओं ने जानबूझ कर काम पूरा नहीं किया। निर्माण कार्य में धन के भुगतान की स्थिति का भी पता लगाया जाएगा।
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