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हिरासत में मृत युवक के परिजनों से मिले रामगोविंद चौधरी, कहा-थाने में किशन की हत्या प्रदेश सरकार की देन 

Sun, 14 Feb 2021 04:05 PM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जौनपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जौनपुर Published by: स्‍वाधीन तिवारी Updated Sun, 14 Feb 2021 04:05 PM IST
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Ramgovind Chaudhary met family of dead young man in police custody in jaunpur
परिजनों को ढांढस बंधाते रामगोविंद चौधरी - फोटो : अमर उजाला

सपा नेता व विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने जौनपुर में पुलिस हिरासत में किशन यादव की मौत को हत्या करार दिया है। इसके लिए सीधे तौर पर प्रदेश सरकार को जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा कि यह योगी सरकार की ठोक नीति का नतीजा है। गुंडे-माफिया सरेआम सड़कों पर घूम रहे हैं और बेकसूर लोगों की फर्जी मुकदमे में फंसाकर हत्या की जा रही है। सपा इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने घटना की कड़ी निंदा करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।

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बक्शा थाने में गुरुवार की रात चकमिर्जापुर गांव निवासी कृष्णा उर्फ किशन उर्फ पुजारी यादव (25) की मौत के मामले की जांच करने सपा प्रतिनिधिमंडल रविवार की दोपहर करीब दो बजे गांव पहुंचा। यहां मृतक किशन यादव के चित्र पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद प्रतिनिधिमंडल ने परिजनों से मुलाकात की।
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किशन के बड़े भाई अजय यादव और पिता तिलकधारी को अलग कमरे में बिठाकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। करीब 45 मिनट तक गांव में रहे सपा प्रतिनिधिमंडल ने विभिन्न पहलुओं पर लोगों से पूछताछ की। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे रामगोविंद चौधरी ने कहा कि पुलिस द्वारा की गई किशन यादव की हत्या प्रदेश सरकार की देन है। यूपी सरकार की कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है।
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इसे हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट और अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी पुष्ट किया है। इस मामले में भारत पांचवें नंबर पर है और देश में यूपी नंबर एक पर है। पुलिस ने किशन यादव के घर में घुसकर उत्पात मचाया। जबरन आलमारी का ताला खोलवाकर 65 हजार रुपये ले गए, जिसे बाद में लूट का माल बताया गया।
 

पोस्टमार्टम के 36 घंटे बाद भी रिपोर्ट सार्वजनिक न करना भी मामले में लीपापोती की कोशिश को उजागर करता है, मगर सपा ऐसा होने नहीं देगी। इस मामले को सदन में उठाया जाएगा। किशन यादव की मृत्यु नहीं, वह शहीद हुआ है।

सरकार से मांग करते हैं कि परिवारवालों को 30 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देते हुए पूरे मामले की हाईकोर्ट के जज की निगरानी में निष्पक्ष जांच कराई जाए। प्रतिनिधिमंडल में शाहगंज विधायक व पूर्व मंत्री शैलेंद्र यादव ललई, मछलीशहर विधायक व पूर्व मंत्री जगदीश सोनकर, मल्हनी विधायक लकी यादव, जिलाध्यक्ष लालबहादुर यादव, पूर्व सांसद तूफानी सरोज आदि शामिल रहे।

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