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Jaunpur News: 5 बिस्वा जमीन पर 4 साल से नहीं मिल रहा कब्जा, किससे करें शिकायत...
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समाधान दिवस का उद्देश्य आम जनता की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान करना है लेकिन कई थानों में ऐसा नहीं होता। इसकी हकीकत जानने को शनिवार को अमर उजाला ने थानों की लाइव पड़ताल कराई तो कई ऐसे मामले मिले, जिनमें कोई पांच साल तो कोई चार साल से कानून की चौखट पर न्याय की गुहार लगाता दिखा।
इस मौके पर जिलाधिकारी डॉ. दिनेशचंद्र और कप्तान डॉ. कौस्तुभ ने शहर के लाइनबाजार थाने पर स्वयं ही शिकायतें सुनी और उनका समाधान करने के लिए संबंधित अफसरों को निर्देशित किया। चंदवक थाने पर उम्मीद की किरण के साथ शिकायत लेकर आए रामदेवपुर निवासी नारायण ने बताया कि गरीबी रेखा के नीचे की श्रेणी के आधार पर 1985 में उनके पिताजी और दो भाइयों को लगभग पांच बिस्वा जमीन सरकार की तरफ से अनुदान में मिली थी। तब से आज तक उन्हें उस जमीन पर कब्जा नहीं मिल सका है। विपक्षी जमीन को जोत-बो रहे हैं। 2020 से थाना दिवस और संपूर्ण समाधान दिवस पर लगातार चक्कर काट रहे हैं। उन्होंने कहा कि किससे शिकायत करें कि समाधान मिले। ऐसे ही अन्य मामले भी आए, जिनसे प्रार्थना पत्र लेकर उन्हें आश्वासन देकर लौटा दिया गया।
चंदवक थानाक्षेत्र के मढ़ी गांव निवासी वंशराज ने बताया कि उन्होंने गलत तरीके से पट्टा की गई ग्रामसभा की जमीन को न्यायालय में मुकदमा लड़कर निरस्त करवाया। ग्रामसभा के नाम करवाया लेकिन 2006 से हुए आदेश के बाद भी 19 वर्षों से वहां का कब्जा नहीं हट सका है। राजस्वकर्मियों के साथ पुलिस भी कोई कार्रवाई नहीं करती।
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सरायख्वाजा के मल्हनी बाजार निवासी विनोद कुमार ने बताया कि उन्होंने अपने पड़ोसी रामप्यारे गिरी से जमीन बैनामा कराया था लेकिन जब भी बाउंड्री करने का काम शुरू करता है तो विपक्ष राधेश्याम गिरी और उनके परिजन मिलकर काम रोक देते हैं। शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होती।
मड़ियाहूं क्षेत्र के ककराही गांव निवासी गुलाब सिंह ने बताया कि पड़ोसी ने उनकी आबादी की जमीन पर जबरदस्ती कब्जा कर लिया है। पिछले चार बार से थाना समाधान दिवस में प्रार्थना पत्र दिया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। सिर्फ लेखपाल एक दिन जाकर फोटो खींचकर चले आए।
केराकत क्षेत्र के कटहरी निवासी विनीत कुमार सिंह ने बताया कि उनकी भूमि विवाद की शिकायत सात साल से लंबित है। समाधान दिवस पर लगातार शिकायत दर्ज कराने के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं हुई। विपक्षी आए दिन विवाद करने पर आमादा रहता है।
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इस मौके पर जिलाधिकारी डॉ. दिनेशचंद्र और कप्तान डॉ. कौस्तुभ ने शहर के लाइनबाजार थाने पर स्वयं ही शिकायतें सुनी और उनका समाधान करने के लिए संबंधित अफसरों को निर्देशित किया। चंदवक थाने पर उम्मीद की किरण के साथ शिकायत लेकर आए रामदेवपुर निवासी नारायण ने बताया कि गरीबी रेखा के नीचे की श्रेणी के आधार पर 1985 में उनके पिताजी और दो भाइयों को लगभग पांच बिस्वा जमीन सरकार की तरफ से अनुदान में मिली थी। तब से आज तक उन्हें उस जमीन पर कब्जा नहीं मिल सका है। विपक्षी जमीन को जोत-बो रहे हैं। 2020 से थाना दिवस और संपूर्ण समाधान दिवस पर लगातार चक्कर काट रहे हैं। उन्होंने कहा कि किससे शिकायत करें कि समाधान मिले। ऐसे ही अन्य मामले भी आए, जिनसे प्रार्थना पत्र लेकर उन्हें आश्वासन देकर लौटा दिया गया।
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चंदवक थानाक्षेत्र के मढ़ी गांव निवासी वंशराज ने बताया कि उन्होंने गलत तरीके से पट्टा की गई ग्रामसभा की जमीन को न्यायालय में मुकदमा लड़कर निरस्त करवाया। ग्रामसभा के नाम करवाया लेकिन 2006 से हुए आदेश के बाद भी 19 वर्षों से वहां का कब्जा नहीं हट सका है। राजस्वकर्मियों के साथ पुलिस भी कोई कार्रवाई नहीं करती।
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सरायख्वाजा के मल्हनी बाजार निवासी विनोद कुमार ने बताया कि उन्होंने अपने पड़ोसी रामप्यारे गिरी से जमीन बैनामा कराया था लेकिन जब भी बाउंड्री करने का काम शुरू करता है तो विपक्ष राधेश्याम गिरी और उनके परिजन मिलकर काम रोक देते हैं। शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होती।
मड़ियाहूं क्षेत्र के ककराही गांव निवासी गुलाब सिंह ने बताया कि पड़ोसी ने उनकी आबादी की जमीन पर जबरदस्ती कब्जा कर लिया है। पिछले चार बार से थाना समाधान दिवस में प्रार्थना पत्र दिया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। सिर्फ लेखपाल एक दिन जाकर फोटो खींचकर चले आए।
केराकत क्षेत्र के कटहरी निवासी विनीत कुमार सिंह ने बताया कि उनकी भूमि विवाद की शिकायत सात साल से लंबित है। समाधान दिवस पर लगातार शिकायत दर्ज कराने के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं हुई। विपक्षी आए दिन विवाद करने पर आमादा रहता है।

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