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पैसों के लेनदेन के विवाद में चाचा ने की भतीजे की हत्या, चार के खिलाफ केस दर्ज
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खुटहन (जौनपुर)। सुइथाखुर्द गांव में गुरुवार को अपने ननिहाल में नवासे पर रह रहे युवक की की पीटकर हुई हत्या के मामले में पुलिस ने चार नामजद आरोपियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज कर लिया है। घटना का कारण पैसों के लेनदेन का विवाद बताया जा रहा है।
आजमगढ़ जिले के पवई थाना क्षेत्र के मखसुदिया गांव निवासी रामबली गौतम करीब 40 साल से सुइथाखुर्द गांव में स्थित अपनी ससुराल में नवासे पर रह रहे थे। चार साल पूर्व रामबली की मौत हो गई। उनकी पत्नी और दोनों बच्चे और बहू यहीं रहते हैं। रामबली मुंबई में निजी कंपनी में नौकरी करते थे। वहां एक फ्लैट खरीदा था। सात साल पूर्व वह मुंबई से नौकरी छोड़ सुइथाखुर्द गांव आ गये थे। उनकी पत्नी राजदेई का आरोप है कि पांच वर्ष पूर्व उन्होंने अपना फ्लैट 16 लाख रुपये में अपने पैतृक गांव के पड़ोसी को बेच दिया था, जिसमें छह लाख रुपये नकद मिले थे। शेष रकम बकाया है। रामबली के छोटे भाई लालचंद गौतम को फ्लैट बेचने की जानकारी मिली तो वह भी हिस्सा मांगने लगा। इसी बात पर दोनों भाइयों में विवाद चल रहा था। कई बार पंचायत हुई लेकिन कोई हल नहीं निकला। इसी बीच रामबली की मौत भी हो गई। बाद में उनका बड़ा पुत्र राम सिंह गौतम बकाया दस लाख रुपये के लिए फ्लैट खरीदने वाले पर दबाव बनाना शुरू किया। चाचा भी अपना हिस्सा मांगने लगा। बृहस्पतिवार की दोपहर दो बाइकों पर सवार होकर तीन और साथियों के साथ गांव पहुंचे लालचंद ने भतीजा राम सिंह और भाभी राजदेई को घर से सौ मीटर दूर नहर पर समझौता के लिए बुलाया। कुछ देर तक बातचीत हुई उसके बाद अचानक चारों ने राम सिंह को पीटना शुरू कर दिया। ग्रामीण दौड़े तो हमलावर भाग निकले। उसे जिला चिकित्सालय ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। सीओ शाहगंज जितेंद्र दुबे का कहना है कि मृतक की मां राजदेई की तहरीर पर पुलिस ने चार के खिलाफ केस दर्ज कर तलाश में जुट गई है। रामसिंह परिवार का अकेला कमासुत सदस्य था। परिवार में मां के अलावा पत्नी शशिकला, पांच साल के पुत्र शशांक और तीन वर्षीय पुत्री श्रुति हैं।
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आजमगढ़ जिले के पवई थाना क्षेत्र के मखसुदिया गांव निवासी रामबली गौतम करीब 40 साल से सुइथाखुर्द गांव में स्थित अपनी ससुराल में नवासे पर रह रहे थे। चार साल पूर्व रामबली की मौत हो गई। उनकी पत्नी और दोनों बच्चे और बहू यहीं रहते हैं। रामबली मुंबई में निजी कंपनी में नौकरी करते थे। वहां एक फ्लैट खरीदा था। सात साल पूर्व वह मुंबई से नौकरी छोड़ सुइथाखुर्द गांव आ गये थे। उनकी पत्नी राजदेई का आरोप है कि पांच वर्ष पूर्व उन्होंने अपना फ्लैट 16 लाख रुपये में अपने पैतृक गांव के पड़ोसी को बेच दिया था, जिसमें छह लाख रुपये नकद मिले थे। शेष रकम बकाया है। रामबली के छोटे भाई लालचंद गौतम को फ्लैट बेचने की जानकारी मिली तो वह भी हिस्सा मांगने लगा। इसी बात पर दोनों भाइयों में विवाद चल रहा था। कई बार पंचायत हुई लेकिन कोई हल नहीं निकला। इसी बीच रामबली की मौत भी हो गई। बाद में उनका बड़ा पुत्र राम सिंह गौतम बकाया दस लाख रुपये के लिए फ्लैट खरीदने वाले पर दबाव बनाना शुरू किया। चाचा भी अपना हिस्सा मांगने लगा। बृहस्पतिवार की दोपहर दो बाइकों पर सवार होकर तीन और साथियों के साथ गांव पहुंचे लालचंद ने भतीजा राम सिंह और भाभी राजदेई को घर से सौ मीटर दूर नहर पर समझौता के लिए बुलाया। कुछ देर तक बातचीत हुई उसके बाद अचानक चारों ने राम सिंह को पीटना शुरू कर दिया। ग्रामीण दौड़े तो हमलावर भाग निकले। उसे जिला चिकित्सालय ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। सीओ शाहगंज जितेंद्र दुबे का कहना है कि मृतक की मां राजदेई की तहरीर पर पुलिस ने चार के खिलाफ केस दर्ज कर तलाश में जुट गई है। रामसिंह परिवार का अकेला कमासुत सदस्य था। परिवार में मां के अलावा पत्नी शशिकला, पांच साल के पुत्र शशांक और तीन वर्षीय पुत्री श्रुति हैं।
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