जौनपुर। भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के पूजन का पांच दिवसीय पूजनोत्सव रविवार को कढ़ी और भात के भंडारा के साथ समापन हुआ। बड़ी संख्या में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। दोपहर में आरती और पूजन के बाद भगवान को कढ़ी और भात का भोग लगाया गया। उसके बाद भंडारा शुरू हुआ। दोपहर से शुरू हुआ भंडारा देर शाम तक चला। भक्तों ने प्रसाद वितरण में पूरा सहयोग किया। वहीं, मंदिर समिति का दावा है कि सात हजार से अधिक लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
नगर के रासमंडल स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर परिसर में आयोजित पूजनोत्सव में भगवान के स्वस्थ होने के बाद बृहस्पतिवार को परवल का जूस दिया गया। भगवान जगन्नाथ शुक्रवार को नगर भ्रमण के लिए निकले। शुक्रवार एक जुलाई को सुबह 10 बजे भगवान जगन्नाथ का भव्य शृंगार के बाद खिचड़ी का भोग लगाया जाएगा। खिचड़ी खाने के बाद इसी दिन शाम 4 बजे भगवान शाही रथ से शहर घूमने निकले। शनिवार दो जुलाई को भव्य शृंगार किया गया। शाम को छप्पन भोग लगाया गया। आचार्य रजनीकांत द्विवेदी ने बताया कि पौराणिक परंपरा है कि जेष्ठ मास की पूर्णिमा को गर्मी से मुक्ति पाने के लिए भगवान 108 घड़े का स्नान कर लेते हैं। इसके कारण, भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा ज्वर से पीडि़त हो जाते हैं। भगवान के स्वस्थ होेने के बाद हवन पूजन और रथयात्रा का आयोजन किया जाता है। रविवार को भंडारे के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। मौके पर मंदिर के पुजारी दिनेशचंद्र द्विवेदी, डा. रजनीकांत द्विवेदी, अध्यक्ष शशांक सिंह रानू, शिवशंकर साहू, राजेश गुप्त, संजय सीए, आशीष यादव, महेश जायसवाल आदि मौजूद रहे।