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हर ओर जय श्रीराम का उद्घोष
अमर उजाला ब्यूरो , जौनपुर
Updated Sat, 28 Mar 2015 11:36 PM IST
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नवरात्र के समापन और मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जन्म दिवस के उपलक्ष्य में शनिवार को श्रीराम नवमी का पर्व जिले में परंपरागत ढंग से मनाया गया।
जय श्रीराम के उद्घोष से देवालय पूरे दिन गूंजते रहे। घर-घर क्वारी कन्याओं को भोजन कराया गया और दक्षिणा देकर देवी आराधना के नौ दिनी व्रत का पारण किया गया। इसी के साथ नवरात्र का समापन हो गया।
नवमी तिथि मधुमास पुनीता...मानस की इस चौपाई में निहित आस्था शनिवार को श्रीराम नवमी के अवसर पर जिले के देवालयों पर उमड़ पड़ी। बड़ी तादाद में लोगों ने देवी मंदिरों में दर्शन-पूजन कर मानव कल्याण की कामना की।
साथ ही घरों में भी मंगल गीत गाए गए। नौ दिन तक व्रत का पारण करने वाले तमाम व्रतियों ने कन्याओं को भोजन कराया। विविध पकवान बनाकर देवीरूप कन्याओं को परोसा गया। उनकी पूजा कर सुख-सौभाग्य की कामना की गई।
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पौराणिक शीतला चौकियां धाम और मैहर देवी मंदिर में नवमी के मौके पर भी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। मैहर देवी धाम में श्रद्धालुओं की भीड़ के चलते परमानपुर गली में जाम की स्थिति बन गई। कुछ ऐसा ही हाल शहर के चहारसू
स्थित चौरा माता मंदिर पर भी रहा। देर शाम देवी मंदिरों पर हवन-पूजन कर नवरात्र की पूर्णाहुति की गई। यह सिलसिला ग्रामीण इलाकों के मंदिरों पर भी चला। घरों में भी श्रद्धालुओं ने शाम को हवन-पूजन किया। नवरात्र का अंतिम
दिन होने के कारण शनिवार को भोर से ही देवी मंदिरों पर श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। इस दौरान घंट-घड़ियाल और जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा। भंडारी स्टेशन के समीप स्थित राम-जानकी मंदिर से
शाम को राम-बारात निकाली गई। इस दौरान आकर्षक वेश-भूषा में सजे देवताओं को देखकर लोग मंत्रमुग्ध हो गए। राम, सीता, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और हनुमान की झांकी निकाली गई।
भारत स्वाभिमान के सदस्यों ने राम नवमी को बाबा रामदेव के दीक्षा दिवस के रूप में मनाया। आर्य समाज के सत्संग भवन में आयोजित कार्यक्रम में हवन-पूजन के बाद भगवान श्रीराम के आदर्शों पर प्रकाश डाला गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता योग शिक्षक महेंद्र प्रताप ने की। इस मौके पर डा. विक्रम देव, शशिभूषण, अमित आर्य, मोहन लाल, राम कुमार, आलोक कोणार्क, सिकंदर, अचल, पवन, रवि गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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जय श्रीराम के उद्घोष से देवालय पूरे दिन गूंजते रहे। घर-घर क्वारी कन्याओं को भोजन कराया गया और दक्षिणा देकर देवी आराधना के नौ दिनी व्रत का पारण किया गया। इसी के साथ नवरात्र का समापन हो गया।
नवमी तिथि मधुमास पुनीता...मानस की इस चौपाई में निहित आस्था शनिवार को श्रीराम नवमी के अवसर पर जिले के देवालयों पर उमड़ पड़ी। बड़ी तादाद में लोगों ने देवी मंदिरों में दर्शन-पूजन कर मानव कल्याण की कामना की।
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साथ ही घरों में भी मंगल गीत गाए गए। नौ दिन तक व्रत का पारण करने वाले तमाम व्रतियों ने कन्याओं को भोजन कराया। विविध पकवान बनाकर देवीरूप कन्याओं को परोसा गया। उनकी पूजा कर सुख-सौभाग्य की कामना की गई।
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पौराणिक शीतला चौकियां धाम और मैहर देवी मंदिर में नवमी के मौके पर भी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। मैहर देवी धाम में श्रद्धालुओं की भीड़ के चलते परमानपुर गली में जाम की स्थिति बन गई। कुछ ऐसा ही हाल शहर के चहारसू
स्थित चौरा माता मंदिर पर भी रहा। देर शाम देवी मंदिरों पर हवन-पूजन कर नवरात्र की पूर्णाहुति की गई। यह सिलसिला ग्रामीण इलाकों के मंदिरों पर भी चला। घरों में भी श्रद्धालुओं ने शाम को हवन-पूजन किया। नवरात्र का अंतिम
दिन होने के कारण शनिवार को भोर से ही देवी मंदिरों पर श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। इस दौरान घंट-घड़ियाल और जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा। भंडारी स्टेशन के समीप स्थित राम-जानकी मंदिर से
शाम को राम-बारात निकाली गई। इस दौरान आकर्षक वेश-भूषा में सजे देवताओं को देखकर लोग मंत्रमुग्ध हो गए। राम, सीता, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और हनुमान की झांकी निकाली गई।
भारत स्वाभिमान के सदस्यों ने राम नवमी को बाबा रामदेव के दीक्षा दिवस के रूप में मनाया। आर्य समाज के सत्संग भवन में आयोजित कार्यक्रम में हवन-पूजन के बाद भगवान श्रीराम के आदर्शों पर प्रकाश डाला गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता योग शिक्षक महेंद्र प्रताप ने की। इस मौके पर डा. विक्रम देव, शशिभूषण, अमित आर्य, मोहन लाल, राम कुमार, आलोक कोणार्क, सिकंदर, अचल, पवन, रवि गुप्ता आदि मौजूद रहे।