{"_id":"628143e38e39ac59e32640de","slug":"ganga-prasad-tiwari-the-last-freedom-fighter-of-the-district-took-his-last-breath-jaunpur-news-vns653733355","type":"story","status":"publish","title_hn":"जनपद के अंतिम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी गंगा प्रसाद तिवारी ने ली अंतिम सांस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जनपद के अंतिम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी गंगा प्रसाद तिवारी ने ली अंतिम सांस
विज्ञापन
सुजानगंज क्षेत्र के सर्वेमऊ गांव निवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी गंगा प्रसाद तिवारी की फाईल फ?
- फोटो : JAUNPUR
सुजानगंज। जिले के अंतिम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सर्वेमऊ बेलवार गांव निवासी गंगा प्रसाद तिवारी ने रविवार की सुबह 10 बजे अंतिम सांस ली। वे लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके निधन से शोक की लहर दौड़ गई। सूचना मिलने पर एसडीएम ज्योति सिंह सुबह ही पहुंच र्गईं थी। वहीं देर शाम बदलापुर क्षेत्राधिकारी शुभम तोडी ने पुलिस कर्मियों के साथ पहुंच कर गार्ड ऑफ आनर दी। दाह संस्कार सोमवार को प्रयागराज जिले के रसूलाबाद घाट पर किया जाएगा।
सर्वेमउ बेलवार निवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी गंगा प्रसाद तिवारी का जन्म 10 जनवरी 1923 को राम श्रीनेत तिवारी के घर बड़े पुत्र के रूप में हुआ था। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के प्रेरणा से वह सन 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन में कूद पड़े। इसी आंदोलन में सुजानगंज के बाभनपुर में आंदोलन के लिए एक बैठक में शामिल हुए और छुप-छुप कर देश के क्रांतिकारी गतिविधियों में शामिल रहे। 1943 में वे पृथ्वीगंज के ढाका गांव स्थित मंदिर में किताब पढ़ रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पट्टी न्यायालय से उन्हें सजा सुनाई गई। सजा भुगतने के बाद वे वापस गांव आ गए और फिर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आह्वान पर वर्धा चले गए। वहीं से महात्मा गांधी की ओर से उन्हें अलग-अलग क्षेत्रों में भेजा जा रहा था। वे लगातार 1947 तक देश के विभिन्न कोनों में देश की सेवा करते रहे और आजादी के बाद अपने गांव सर्वेमऊ में ही रहने लगे। इस दौरान वे 1952 से लेकर 1992 तक गांव के ग्राम प्रधान भी रहे । रविवार को सुबह करीब 10 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली । खबर सुनते ही क्षेत्र के लोगों का जमावड़ा लगने लगा। मौके पर पहुंची एसडीएम मछलीशहर ज्योति सिंह ने सहायता राशि प्रदान की। थानाध्यक्ष सुजानगंज कृष्ण कुमार सिंह व लेखपाल राजेश सिंह समेत गई लोग उपस्थित रहे। उनके भतीजे अरुण कुमार तिवारी ने बताया कि उनका अंतिम संस्कार सोमवार को प्रयागराज जनपद के रसूलाबाद घाट पर किया जाएगा। सुबह आठ बजे उनकी शव यात्रा निकलेगी।
पेंशन के अलावा अन्य सरकारी सुविधाओं से थे वंचित
सुजानगंज। सर्वेमऊ निवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. गंगा प्रसाद तिवारी को सिर्फ पेंशन का लाभ मिल रहा था। सरकार की अन्य सुविधाओं से वंचित थे। अभी भी इनके घर तक जाने का मार्ग क्षतिग्रस्त है। आज भी कच्चा मकान है, जिसमें उनके परिवार के लोग रहते हैं। कई बार प्रार्थना देने के बाद भी जिम्मेदारों की ओर से इनको सरकारी योजनाओं का लाभ आवास और सड़क की सुविधा उपलब्ध कराने का सिर्र्फ आश्वासन मिलता रहा ।
विज्ञापन
विज्ञापन
सर्वेमउ बेलवार निवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी गंगा प्रसाद तिवारी का जन्म 10 जनवरी 1923 को राम श्रीनेत तिवारी के घर बड़े पुत्र के रूप में हुआ था। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के प्रेरणा से वह सन 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन में कूद पड़े। इसी आंदोलन में सुजानगंज के बाभनपुर में आंदोलन के लिए एक बैठक में शामिल हुए और छुप-छुप कर देश के क्रांतिकारी गतिविधियों में शामिल रहे। 1943 में वे पृथ्वीगंज के ढाका गांव स्थित मंदिर में किताब पढ़ रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पट्टी न्यायालय से उन्हें सजा सुनाई गई। सजा भुगतने के बाद वे वापस गांव आ गए और फिर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आह्वान पर वर्धा चले गए। वहीं से महात्मा गांधी की ओर से उन्हें अलग-अलग क्षेत्रों में भेजा जा रहा था। वे लगातार 1947 तक देश के विभिन्न कोनों में देश की सेवा करते रहे और आजादी के बाद अपने गांव सर्वेमऊ में ही रहने लगे। इस दौरान वे 1952 से लेकर 1992 तक गांव के ग्राम प्रधान भी रहे । रविवार को सुबह करीब 10 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली । खबर सुनते ही क्षेत्र के लोगों का जमावड़ा लगने लगा। मौके पर पहुंची एसडीएम मछलीशहर ज्योति सिंह ने सहायता राशि प्रदान की। थानाध्यक्ष सुजानगंज कृष्ण कुमार सिंह व लेखपाल राजेश सिंह समेत गई लोग उपस्थित रहे। उनके भतीजे अरुण कुमार तिवारी ने बताया कि उनका अंतिम संस्कार सोमवार को प्रयागराज जनपद के रसूलाबाद घाट पर किया जाएगा। सुबह आठ बजे उनकी शव यात्रा निकलेगी।
विज्ञापन
पेंशन के अलावा अन्य सरकारी सुविधाओं से थे वंचित
सुजानगंज। सर्वेमऊ निवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. गंगा प्रसाद तिवारी को सिर्फ पेंशन का लाभ मिल रहा था। सरकार की अन्य सुविधाओं से वंचित थे। अभी भी इनके घर तक जाने का मार्ग क्षतिग्रस्त है। आज भी कच्चा मकान है, जिसमें उनके परिवार के लोग रहते हैं। कई बार प्रार्थना देने के बाद भी जिम्मेदारों की ओर से इनको सरकारी योजनाओं का लाभ आवास और सड़क की सुविधा उपलब्ध कराने का सिर्र्फ आश्वासन मिलता रहा ।

सुजानगंज के सर्वेमऊ में स्वतंत्रता सेनानी गार्ड ऑफ ऑनर देते सी ओ बदलापुर। संवाद- फोटो : JAUNPUR
विज्ञापन