जौनपुर: रामजानकी मठ की महिला महंत को बदमाशों ने मारी गोली, खुद ही पुलिस को फोन कर दी जानकारी
जौनपुर के थानागद्दी ग्राम सभा के रामजानकी मठ की महिला महंत को अज्ञात बदमाशों ने शनिवार तड़के गोली मार दी। गोली लगने से घायल साध्वी ने खुद फोन कर पुलिस को घटना की जानकारी दी।
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यूपी के जौनपुर जिले से एक सनसनीखेज घटना की जानकारी सामने आई है। केराकत कोतवाली क्षेत्र के थानागद्दी चौकी अंतर्गत रामजानकी मठ की महिला महंत को अज्ञात बदमाशों ने गोली मार दी। गोली लगने से घायल साध्वी की हालत गंभीर है। इलाज के लिए बीएचयू ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया गया है। पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया है।
बम्मावन और थानागद्दी ग्राम सभा की सीमा पर स्थित रामजानकी मठ की छत पर बने कमरे में 48 वर्षीय महिला महंत इंद्रावती दास महराज सो रही थीं। शनिवार तड़के एक अज्ञात बदमाश ने गोली मार दी। साध्वी को दो गोली मारी गई। एक गोली तो मात्र छू कर गई लेकिन दूसरी गोली सीने में बायीं तरफ लगी।
मठ के ही किसी शख्स ने वारदात को दिया अंजाम
घटना के बाद घायल साध्वी ने खुद से 112 डायल पुलिस और थानागद्दी चौकी इंचार्ज को फोन कर सूचना दी। मौके पर केराकत कोतवाल लक्ष्मण पर्वत और थानागद्दी चौकी इंचार्ज संतोष यादव पहुंचे। आनन फानन घायल को प्राथमिक इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र केराकत भेजा। वहां से बीएचयू ट्रॉमा सेंटर रेफऱ कर दिया गया।
केराकत कोतवाल ने कहा कि प्रथम दृष्टया लग रहा है कि हमलावर पहले से ही घर मे मौजूद था, क्योंकि जिस कमरे में घटना हुई है वहां और पूरे मकान मे जाने का सिर्फ एक ही रास्ता है। जो घटना के बाद भी अंदर से बंद था।
ऐसे मे सवाल उठता है कि आरोपी वारदात अंजाम देने के बाद कैसे फरार हुआ। मामले में पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया है। इधर, घटना के संदर्भ में स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने गोली चलने की आवाज नहीं सुनी। कई लोगों ने कहा कि महिला महंत का व्यवहार अच्छा नहीं था।
मठ के उत्तराधिकार के लिए तो नहीं मारी गई गोली?
रामजानकी मठ थानागद्दी पर अधिकार के लिए बम्मावन गांव निवासी रविंद्र नाथ सिंह और रामकिशोर दास में विवाद था। जिसका मुकदमा हाईकोर्ट में चल रहा है। महंत रामकिशोर दास ने अपनी मृत्यु से पहले इंद्रावती दास को मठ का महंत बना दिया था। जिसे लेकर रविंद्र नाथ सिंह से विवाद अभी भी चल रहा है। पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है।
भाई-बहन का आपसी विवाद भी हो सकता है घटना का कारण
साध्वी इंद्रवती दास महराज और उसका भाई ऋषि गुप्ता दोनों ही बचपन से महंत रामकिशोर दास के साथ रहते थे। 2017 मे रामकिशोर दास ने अपनी मृत्यु से पहले मठ का उत्तराधिकारी इंद्रवती दास को बना दिया। जिससे भाई-बहन में विवाद हो गया। जो क्षेत्र में चर्चा का विषय भी रहा था।
महंत की मृत्यु के बाद इंद्रवती ने अपने भाई को मठ से निकाल दिया था। जिसके बाद वह थानागद्दी बाजार में किराए के मकान में रहता है। दोनों का आपसी विवाद भी घटना का कारण माना जा रहा है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।