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किसानों ने छुट्टा पशुओं को विद्यालय में बंद कर किया प्रदर्शन
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धर्मापुर क्षेत्र के कमरहीं गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में ग्रमीणों द्वारा बंद किए गये छुट्टा
- फोटो : JAUNPUR
छुट्टा पशुओं को विद्यालय में किया बंद, प्रदर्शन
फसलों की क्षति होने से किसानों में रोष, गोशाला में पशु भेज कराया शांत
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मापुर। फसलों की बरबादी से त्रस्त करमही गांव के किसानों ने सोमवार को प्राथमिक विद्यालय का ताला तोड़कर में छुट्टा पशुओं बंद कर दिया और प्रदर्शन करने लगे। सूचना मिलने पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट, तहसीलदार, नायब तहसीलदार तथा जफराबाद पुलिस मौके पर पहुंच गए। पशुओं को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के आदेश पर पिकअप से इमलो पशु आश्रय केंद्र में भेजा गया। तब जाकर किसान शांत हुए।
करमही गांव के सैकड़ों किसान पिछले कई महीनों से छुट्टा पशुओं द्वारा फसलों की क्षति किए जाने से आजिज आ चुके थे। छुट्टा पशुओं द्वारा मक्के व धान के फसल को पूरी तरह से बर्बाद किया जा रहा था। उनके द्वारा लगभग 52 छुट्टा पशुओं को सोमवार की सुबह हांककर करमही गांव के प्राथमिक विद्यालय ले आए और स्कूल का ताला तोड़कर बंद कर दिया। इस बात की जानकारी किसी ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को दिया। सूचना के बाद खुद ज्वाइंट मजिस्ट्रेट, तहसीलदार ज्ञानेंद्र सिंह, नायब तहसीलदार मांधाता प्रताप सिंह, सीओ सीटी सुशील सिंह व प्रभारी निरीक्षक जफराबाद मधुप कुमार सिंह को लेकर मौके पर पहुंच गए। किसानों ने अधिकारियों के सामने जमकर प्रदर्शन किया। एसडीएम द्वारा ने उग्र किसानों को समझा बुझा कर शांत करा। उन्होंने कहा कि आप लोग पशुओं को विद्यालय कैंपस में बंद कर के गैरकानूनी कार्य कर रहे हैं। यदि इन्हें कैंपस से बाहर निकालने नहीं देंगे तो सभी लोगों के विरुद्ध कानूनी करवाई की जाएगी। एसडीएम के आदेश पर तत्काल वाहन से लादकर पशुओं को इमलो पांडे पट्टी तथा जिला मुख्यालय पर स्थित गौशाला पर भेजा गया।प्रभारी निरीक्षक जफराबाद मधुप कुमार सिंह ने बताया कि मामले में पशुओं को गलत तरीके से प्राथमिक विद्यालय के कैंपस में बंद किए जाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। प्रदर्शन करने वालों में गांव के अरुण मिश्र, मनीष मिश्र, दुर्गेश मिश्र, प्रेम प्रकाश कन्नौजिया, राजन मिश्र, सोनू यादव, सूरज मौर्य, अंकित, महाबली आदि थे।
इनसेट:
एसडीएम ने प्रधान को लगाई फटकार
जौनपुर। करमही गांव पहुंचे ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सत्यप्रकाश ने किसानों से पूछा कि इस विद्यालय के गेट का ताला क्यों तोड़ा तो गांव के किसान योगेश, महाबली, रवि प्रकाश, मतई ने बताया कि ग्राम प्रधान को मौके पर बुलाया गया था। प्रधान बोले हमारे पास चाभी नहीं है। गेट का ताला तोड़कर पशुओं को अंदर कर दो। इसके बाद हम लोगों ने ताला तोड़कर पशुओ को अंदर कर दिया। यह बात सुनते ही एसडीएम ने ग्राम प्रधान घनश्याम को यह कहते हुए जमकर फटकार लगाई की आप ग्राम प्रधान होते हुए न तो किसी अधिकारियों को सूचना दिए और उल्टा ताला तोड़ने के लिए ग्रामीणों को प्रेरित कर रहे हैं। ग्राम प्रधान एसडीएम के फटकार का कोई जवाब नही दे सके और अगल बगल देखने लगे।
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इनसेट:
किसानों ने स्कूल में बंद किया छुट्टा पशु
केराकत। छुट्टा पशुओं से हो रही फसलों की हानि से क्षुब्ध होकर अकबरपुर के किसानों ने दो दर्जन से अधिक छुट्टा मवेशियों को मंगलवार को प्राथमिकता विद्यालय के प्रांगण में घुसाकर बंद कर दिया है। किसानों का कहना है कि छुट्टा पशुओं के चलते हम लोगों की फसलें काफी बर्बाद हो रही हैं। शासन प्रशासन कोई भी ध्यान नहीं दे रहा है। किसानों ने प्रशासन से अविलंब छुट्टा पशुओं से किसानो को मुक्ति दिलाने की मांग की है।
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फसलों की क्षति होने से किसानों में रोष, गोशाला में पशु भेज कराया शांत
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मापुर। फसलों की बरबादी से त्रस्त करमही गांव के किसानों ने सोमवार को प्राथमिक विद्यालय का ताला तोड़कर में छुट्टा पशुओं बंद कर दिया और प्रदर्शन करने लगे। सूचना मिलने पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट, तहसीलदार, नायब तहसीलदार तथा जफराबाद पुलिस मौके पर पहुंच गए। पशुओं को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के आदेश पर पिकअप से इमलो पशु आश्रय केंद्र में भेजा गया। तब जाकर किसान शांत हुए।
करमही गांव के सैकड़ों किसान पिछले कई महीनों से छुट्टा पशुओं द्वारा फसलों की क्षति किए जाने से आजिज आ चुके थे। छुट्टा पशुओं द्वारा मक्के व धान के फसल को पूरी तरह से बर्बाद किया जा रहा था। उनके द्वारा लगभग 52 छुट्टा पशुओं को सोमवार की सुबह हांककर करमही गांव के प्राथमिक विद्यालय ले आए और स्कूल का ताला तोड़कर बंद कर दिया। इस बात की जानकारी किसी ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को दिया। सूचना के बाद खुद ज्वाइंट मजिस्ट्रेट, तहसीलदार ज्ञानेंद्र सिंह, नायब तहसीलदार मांधाता प्रताप सिंह, सीओ सीटी सुशील सिंह व प्रभारी निरीक्षक जफराबाद मधुप कुमार सिंह को लेकर मौके पर पहुंच गए। किसानों ने अधिकारियों के सामने जमकर प्रदर्शन किया। एसडीएम द्वारा ने उग्र किसानों को समझा बुझा कर शांत करा। उन्होंने कहा कि आप लोग पशुओं को विद्यालय कैंपस में बंद कर के गैरकानूनी कार्य कर रहे हैं। यदि इन्हें कैंपस से बाहर निकालने नहीं देंगे तो सभी लोगों के विरुद्ध कानूनी करवाई की जाएगी। एसडीएम के आदेश पर तत्काल वाहन से लादकर पशुओं को इमलो पांडे पट्टी तथा जिला मुख्यालय पर स्थित गौशाला पर भेजा गया।प्रभारी निरीक्षक जफराबाद मधुप कुमार सिंह ने बताया कि मामले में पशुओं को गलत तरीके से प्राथमिक विद्यालय के कैंपस में बंद किए जाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। प्रदर्शन करने वालों में गांव के अरुण मिश्र, मनीष मिश्र, दुर्गेश मिश्र, प्रेम प्रकाश कन्नौजिया, राजन मिश्र, सोनू यादव, सूरज मौर्य, अंकित, महाबली आदि थे।
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एसडीएम ने प्रधान को लगाई फटकार
जौनपुर। करमही गांव पहुंचे ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सत्यप्रकाश ने किसानों से पूछा कि इस विद्यालय के गेट का ताला क्यों तोड़ा तो गांव के किसान योगेश, महाबली, रवि प्रकाश, मतई ने बताया कि ग्राम प्रधान को मौके पर बुलाया गया था। प्रधान बोले हमारे पास चाभी नहीं है। गेट का ताला तोड़कर पशुओं को अंदर कर दो। इसके बाद हम लोगों ने ताला तोड़कर पशुओ को अंदर कर दिया। यह बात सुनते ही एसडीएम ने ग्राम प्रधान घनश्याम को यह कहते हुए जमकर फटकार लगाई की आप ग्राम प्रधान होते हुए न तो किसी अधिकारियों को सूचना दिए और उल्टा ताला तोड़ने के लिए ग्रामीणों को प्रेरित कर रहे हैं। ग्राम प्रधान एसडीएम के फटकार का कोई जवाब नही दे सके और अगल बगल देखने लगे।
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किसानों ने स्कूल में बंद किया छुट्टा पशु
केराकत। छुट्टा पशुओं से हो रही फसलों की हानि से क्षुब्ध होकर अकबरपुर के किसानों ने दो दर्जन से अधिक छुट्टा मवेशियों को मंगलवार को प्राथमिकता विद्यालय के प्रांगण में घुसाकर बंद कर दिया है। किसानों का कहना है कि छुट्टा पशुओं के चलते हम लोगों की फसलें काफी बर्बाद हो रही हैं। शासन प्रशासन कोई भी ध्यान नहीं दे रहा है। किसानों ने प्रशासन से अविलंब छुट्टा पशुओं से किसानो को मुक्ति दिलाने की मांग की है।