केराकत। तहसील के बहिरी गांव निवासी एक दिव्यांग अपनी मां और बहन के साथ धरने पर बैठकर इच्छा मृत्यु की मांग कर रहा है। वहीं, तहसील प्रशासन का कहना है कि उनका भूमि विवाद का मामला है। यह लोग चाहते हैं कि प्रशासन किसी दूसरे का घर तोड़कर इनको कब्जा दिलाए।
बहिरी गांव निवासी मनोज कुमार निषाद के पिता की मृत्यु हो चुकी है। उसके पिता तीन भाई थे। पिता की मृत्यु के बाद माता ने दूसरी शादी कर ली। वहीं, जमीन पर अन्य दो भाई काबिज हो गए हैं। मनोज के दादा के रहते ही जमीन का बंटवारा हो चुका था, लेकिन पिछले 11 वर्षों से यह लोग उस बंटवारे को गलत ठहराकरा अपने मनमाफिक हिस्सा मांग रहे हैं। जो भाई सड़क पर काबिज है, उसका मड़हा गिराकर हिस्सा मांग रहे हैं। आरोप है कि हिस्सा मांगने पर पट्टीदार लोग मारपीट के भगा दे रहे हैं। बुधवार को उपजिलाधिकारी माज अख्तर मौके का निरीक्षण करने गए थे और इन लोगों को समझाया लेकिन यह लोग बात नहीं माने। बृहस्पतिवार को मनोज अपनी मां और बहन के साथ आकर उपजिलाधिकारी कार्यालय के सामने इच्छा मृत्यु की मांग लेकर धरने पर बैठ गया है। एसडीएम माज अख्तर ने बताया कि उनके पूर्वजों ने विवाद से बचाने के लिए अपने जीते जी जमीन का बंटवारा कर दिया था। अब यह लोग मुख्य सड़क पर काबिज दूसरे का घर तोड़कर अपने मनमाफिक कब्जा चाहते हैं। प्रशासन पर दबाव बनाकर अपना काम करवाना चाहते हैं। प्रशासन किसी की भूमिधरी से उसे बेदखल कर दूसरे को कब्जा नहीं दिला सकता है।