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मां के दर्शन कर निहाल हुए भक्त, गूंजे जयकारे
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मुंगराबादशाहपुर के मोहल्ला साहबगंज में श्री दुर्गा पूजा समिति की तरफ से सजाई गई भव्य दुर्गा प्र?
- फोटो : JAUNPUR
जौनपुर। शारदीय नवरात्र के अंतिम दिन देवी मंदिरों में आदिशक्ति के महागौरी और सिद्धिदात्री स्वरुप की अराधना हुई। मां के दर्शन-पूजन के लिए जहां मंदिरों में कतार लगी रही तो पूजा पंडालों में सजी झांकियों के अवलोकन के लिए भी श्रद्धालु उमड़े। भजन-कीर्तन के साथ हवन कर लोगों ने नौ दिवसीय व्रत का समापन किया। कन्या पूजन कर उन्हें भोग लगाया।
नवरात्र की अष्टमी और नवमी तिथि एक साथ होने के चलते अन्य दिनों की अपेक्षा मंदिरों में भीड़ अधिक रही। मां के दोनों स्वरुप के दर्शन का पुण्य पाने के लिए श्रद्धालु भोर से ही मंदिरों में कतारबद्ध हो गए थे। चौकिया स्थित मां शीतला धाम में हजारों श्रद्धालुुओं ने शीश नवाया। यहां पूरे दिन कतार लगी रही। परमानतपुर स्थित मैहर देवी मंदिर में भी श्रद्धालु बड़ी संख्या में दर्शन के लिए पहुंचे। प्रात: काल से माता का श्रृंगार व पूजन कर माता रानी की कृपा और एक झलक देखने के लिए भक्तजनों का तांता लगा रहा। महंत सूर्य प्रकाश जायसवाल ने नौ कन्याओं की पूजा कर उन्हें खीर पूड़ी का भोग लगाया।
सिटी स्टेशन स्थित मां दक्षिणा काली मंदिर में नवमी के दिन कोरोना से मुक्ति के लिए हवन पूजन हुआ। मंदिर के पुजारी भगवती सिंह वागीश ने कहा कि काली ही कोरोना की संघारक हैं। माता के नाम का जप करने से सभी बीमारियां दूर हो जाती हैं। उधर, शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सजे पूजा पंडाल में महिषासुर मर्दिनी के दिव्य स्वरुप के दर्शन के लिए भक्त पहुंचे। पिछले वर्षों की अपेक्षा इस बार भीड़ जरुर कम थी, लेकिन भक्तिभाव में कोई कमी नजर नहीं आई। मुफ्तीगंज के बीरमपुर में मां चंडी मंदिर में मां चंडी का भव्य श्रृंगार कर महागौरी महोत्सव मनाया गया। मछलीशहर: शक्ति की उपासना का पर्व नवरात्र हवन के साथ पूरा हुआ। शनिवार को दोपहर बाद से नवमीं तिथि में श्रद्धालुओं ने हवन कर कन्या पूजन किया।
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नवरात्र की अष्टमी और नवमी तिथि एक साथ होने के चलते अन्य दिनों की अपेक्षा मंदिरों में भीड़ अधिक रही। मां के दोनों स्वरुप के दर्शन का पुण्य पाने के लिए श्रद्धालु भोर से ही मंदिरों में कतारबद्ध हो गए थे। चौकिया स्थित मां शीतला धाम में हजारों श्रद्धालुुओं ने शीश नवाया। यहां पूरे दिन कतार लगी रही। परमानतपुर स्थित मैहर देवी मंदिर में भी श्रद्धालु बड़ी संख्या में दर्शन के लिए पहुंचे। प्रात: काल से माता का श्रृंगार व पूजन कर माता रानी की कृपा और एक झलक देखने के लिए भक्तजनों का तांता लगा रहा। महंत सूर्य प्रकाश जायसवाल ने नौ कन्याओं की पूजा कर उन्हें खीर पूड़ी का भोग लगाया।
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सिटी स्टेशन स्थित मां दक्षिणा काली मंदिर में नवमी के दिन कोरोना से मुक्ति के लिए हवन पूजन हुआ। मंदिर के पुजारी भगवती सिंह वागीश ने कहा कि काली ही कोरोना की संघारक हैं। माता के नाम का जप करने से सभी बीमारियां दूर हो जाती हैं। उधर, शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सजे पूजा पंडाल में महिषासुर मर्दिनी के दिव्य स्वरुप के दर्शन के लिए भक्त पहुंचे। पिछले वर्षों की अपेक्षा इस बार भीड़ जरुर कम थी, लेकिन भक्तिभाव में कोई कमी नजर नहीं आई। मुफ्तीगंज के बीरमपुर में मां चंडी मंदिर में मां चंडी का भव्य श्रृंगार कर महागौरी महोत्सव मनाया गया। मछलीशहर: शक्ति की उपासना का पर्व नवरात्र हवन के साथ पूरा हुआ। शनिवार को दोपहर बाद से नवमीं तिथि में श्रद्धालुओं ने हवन कर कन्या पूजन किया।
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