फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jaunpur News ›   Devotees thrashed with Chhath songs, the supernatural splendor of the Ghats

छठ गीतों से गूंजे तट, घाटों की अलौकिक छटा से निहाल हुए भक्त

Sat, 21 Nov 2020 12:15 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 21 Nov 2020 12:15 AM IST
विज्ञापन
Devotees thrashed with Chhath songs, the supernatural splendor of the Ghats
गोपी घाट पर नदी में खड़े होकर अस्ताचलगामी सूर्य के डूबने का इंतजार करती व्रती महिला - फोटो : JAUNPUR
जौनपुर। ‘कांचही बांस की बहंगिया, बहंगी लचकत जाए।’ छठ के ऐसे ही गीत शुक्रवार को सारी रात गूंजते रहे। दोपहर बाद नैवेद्य से सजी लचकती हुई बहंगी लेकर व्रती महिलाओं के परिजन घाटों पर पहुंचे। घाटों पर सूर्योपासना के महापर्व आस्था रेला लग गया। संतान की सलामती और परिवार के मंगलकामना से व्रती महिलाओं ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया। कोरोना संक्रमण के भय से इस बार बड़ी संख्या में महिलाओं ने घरों के पास ही कृत्रिम कुंड बनाकर छठ पूजा की। शनिवार की सुबह उदीयमान सूर्य को अर्घ्य के साथ चार दिवसीय व्रत का समापन होगा।
विज्ञापन

नहाय-खाय से पवित्र होने के बाद बृहस्पतिवार को खरना का व्रत किया गया। पवित्रता से देर रात तक व्रती महिलाएं ठेकुआ आदि प्रसाद बनाती रहीं। शुक्रवार को सुबह से निराजल व्रत शुरू हो गया। विभिन्न तरह के फलों, घर में बनाया गया नैवेद्य आदि से छठ मां की डलिया सजाई गई। लाल वस्त्र में उसे बांध कर व्रती महिलाओं के परिजन नंगे पांव घाट तक पहुंचे। अपराह्न तीन बजे के बाद व्रती महिलाओं की टोली घाटों की ओर चल पड़ी। चारों तरफ से छठ के गीत गूंजते रहे। गन्ने से घाट पर बनी वेदी पर मंडप बनाकर पूजन सामग्री और प्रसाद रखा गया। जल कलश और दीपक को वेदी पर सजाकर महिलाएं जल में उतर गईं। कमर तक जल में खड़े होकर सूर्य की स्तुति करती रहीं। एक घंटे तक जल में खड़े रहने के बाद जैसे ही सूर्य का गोला नारंगी हुई। अर्घ्य दिया जाने लगा। आरती होने लगी। घाटों पर आस्था का रंग बिखर गया।
विज्ञापन

शहर के गोपी घाट, विसर्जन घाट, गूलर घाट, हनुमान घाट, सूरज घाट, अली घाट आदि पर सैकड़ों की तादाद में व्रती महिलाओं की भीड़ रही। शाही पुल से सद्भावना पुल के मध्य का पूरा इलाका व्रती महिलाओं की भीड़ से पटा रहा। शाम होते ही पूरा नदी तट दीया और विद्युत लाइट की रोशन से जगमगा उठा। अलौकिक छटा देखते ही बन रही थी। डीएम दिनेश कुमार सिंह ने नाव पर सवार होकर छठ पूजा का अवलोकन किया। घाट किनारे विभिन्न समितियों ने सहायतार्थ शिविर लगाकर व्रती महिलाओं को मदद पहुंचाई। शक्तिपीठ शीतला चौकियां धाम स्थित तालाब में भी इस बार बड़ी संख्या में महिलाओं ने छठ पूजा की। मड़ियाहूं क्षेत्र के चुटका देवी मंदिर पर स्थित तालाब में अर्घ्य दिया गया। यहां विधायक डॉ लीना तिवारी ने भी छठ पूजा की।
विज्ञापन
विज्ञापन

मन्नतें हुई पूरी तो दंडवत कर नापी छठ घाट की दूरी
केराकत। कुछ महिलाओं ने गत वर्ष छठ माता से मन्नतें मांगी थी। मन्नत पूरा होने पर वह दंडवत करते हुए छठ घाट तक पहुंचीं। घर से लेकर घाट तक वह दंडवत करते हुए गईं और अर्घ्य देने के बाद इसी तरह वापस भी लौटीं। ग्राम हुरहुरी निवासी पूनम श्रीवास्तव ने अपने लिये बेटे की मन्नत मांगी थी। मन्नत पूरी होने पर वह दंडवत करते हुए घाट पर पहुंचीं। इसी गांव की संजीव देवी ने पति विमल रावत के टूटे पैर के ठीक होने के लिए मन्नत की थी।

हनुमान घाट पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़।

हनुमान घाट पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़।- फोटो : JAUNPUR

विसर्जन घाट पर नदी में खड़े होकर अस्ताचलगामी सूर्य के डूबने का इंतजार करती व्रती महिला

विसर्जन घाट पर नदी में खड़े होकर अस्ताचलगामी सूर्य के डूबने का इंतजार करती व्रती महिला- फोटो : JAUNPUR

शाही पुल पर साष्टांग करते हुए गोमती नदी के घाट पर जाती व्रती महिला।

शाही पुल पर साष्टांग करते हुए गोमती नदी के घाट पर जाती व्रती महिला।- फोटो : JAUNPUR

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed