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लूट और हत्या का खुलासा करने में पुलिस नाकाम

Mon, 08 Apr 2019 12:03 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 08 Apr 2019 12:03 AM IST
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लूट और हत्या का खुलासा करने में पुलिस नाकाम
शाहगंज। स्थानीय कोतवाली पुलिस लूट, हत्या जैसे गंभीर मामलों का भी खुलास करने में नाकाम साबित हो रही है। वेस्टर्न यूनियन संचालक से 10 जनवरी को हुऊ साढ़े सात लाख रुपये लूट की घटना का पुलिस ने खुलासा तो किया पर दो आरोपी अभी भी फरार हैं। 12 फरवरी को मजडीहा गांव के पास गोली मारकर हुई इरफाना की हत्या के आरोपियों को भी पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी। दोहरे हत्याकांड के भी छह आरोपी अभी फरार चल रहे हैं।
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शाहगंज कोतवाली क्षेत्र के मुजफ्फरपुर पट्टी चकेसर गांव में दस मार्च की रात भूमि विवाद को लेकर गोली मारकर दो सगे भाइयों की हत्या कर दी गई थी। जबकि एक युवक का अभी भी वाराणसी में इलाज चल रहा है। मृतक रामउग्र व राम केवल के भाई हरिवंश दुबे की तहरीर पर पुलिस ने आठ लोगों पर हत्या व हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया। हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की सात टीम बनाकर दर्जनों स्थानों पर दबिश देने का दावा किया। बावजूद इसके पुलिस को चकमा देकर घटना के नामजद दो आरोपी वीरेन्द्र उर्फ भीम व मोनू न्यायालय में समर्पण करने में कामियाब हो गए। बाकी छह आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं।12 फरवरी को नकाबपोश बदमाशों ने मजडीहा मोड़ के समीप आटो से शाहगंज आ रही नकाबपोश महिला इफराना को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया था। बदमाशों ने पिस्टल से इरफाना के शरीर में छह गोलियां उतार दी थी। आजमगढ़ जनपद के फूलपुर कोतवाली अंतर्गत सैदपुर बिशेखां गांव निवासी मृतका के भाई ने देवर व जेठ पर हत्या का नामजद मामला दर्ज कराया। पुलिस मामले की जांच में जुटी। घटना को लेकर पहले तो विभिन्न बिन्दुओं पर जांच करने का दावा किया और जल्द खुलासा का आश्वासन भी पुलिस ने दिया। लेकिन दो महीना बीत जाने के बाद भी हत्यारों का सुराग पुलिस नहीं लगा सकी। 10 जनवरी की सुबह बैंक से रुपये निकालकर खेतासराय स्थित अपनी दुकान पर जा रहे वेस्टर्न यूनियन संचालक एराकियाना मोहल्ला निवासी अरशद अंसारी से साढ़े सात लाख रुपये की लूट की घटना में पहले तो पीड़ित को ही पुलिस टार्चर करने लगी थी। जांच में जुटी पुलिस की एक टीम ने बैंक के सीसी टीवी फुटेज के जरिए एक युवक को हिरासत में लिया। उससे पूछताछ के बाद सारा मामला सामने आ गया। घटना का पर्दाफाश करने के लिए पुलिस जिस मुखबिर पर भरोसा किया वही लूट की घटना को अंजाम दिया था। उक्त मामले का खुलासा तो पुलिस ने कर दिया है, लेकिन घटना में शामिल दो आरोपी आज भी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं।
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