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सीएचसी पर तैनात डाक्टर को मरीज के परिजनों ने पीटा
Updated Fri, 18 May 2018 11:52 PM IST
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जौनपुर।
मछलीशहर। स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर गुरुवार की आधी रात को इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक की मरीज के परिजनों ने पिटाई कर दी। आरोप है कि दिल का दौरा पड़ने पर मरीज को लेकर परिजन अस्पताल आए थे। डाक्टर ने मृत घोषित कर दिया। इसी बात से खफा कुछ लोगों ने चिकित्सक की पिटाई कर दी। डाक्टर की पिटाई के बाद परिवार के लोग शव लेकर फरार हो गए। घटना के विरोध में सीएचसी पर शुक्रवार को ओपीडी सेवा ठप रही। डाक्टर की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। डाक्टरों ने चेतावनी दी है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही वे ड्यूटी पर लौटेंगे।
गुरुवार की रात में परसूपुर गांव निवासी एवं जूनियर हाईस्कूल रसूलपुर में तैनात शिक्षक नरेंद्रनाथ गौतम को रात में दिल का दौरा पड़ा। परिजन उन्हें पहले एक निजी चिकित्सक के यहां ले गए। हालत गंभीर देखते हुए उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। यहां ड्यूटी पर तैनात फार्मासिस्ट नरसिंह यादव ने डाक्टर अमरेश अग्रहरि को बुलाया। डाक्टर ने मरीज को देखने के बाद मृत घोषित कर दिया। परिजन एम्बुलेंस सुविधा उपलब्ध कराने को कहे तो डॉक्टर ने एम्बुलेंस अस्पताल से उपलब्ध नहीं होने की बात कही। इसपर मरीज के साथ आए कुछ युवक भड़क गए और डाक्टर की पिटाई कर दी और शव लेकर फरार हो गए। रात में उपजिलाधिकारी जगदम्बा सिंह भी पहुंचे और डाक्टरों से बात कर चिकित्सा सेवा बहाल रखने को कहा लेकिन डाक्टर अपनी मांग पर अड़े रहे। शुक्रवार को सुबह ओपीडी सेवा बाधित रही। अस्पताल कर्मी गेट बंद करके धरने पर बैठे रहे। आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक काम बंद रखने की चेतावनी दी। हालांकि डाक्टर की तहरीर पर पुलिस ने सरकारी काम में बाधा डालने, जानलेवा हमला करने समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। कोतवाली प्रभारी का कहना है कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी का प्रयास चल रहा है। अस्पताल के अधीक्षक डा. रफ़ीक़ फ़ारूक़ी का कहना है कि अस्पताल में सुरक्षा के लिए गार्ड की तैनाती की जाय तथा आरोपियों की गिरफ्तारी की जाय। सुरक्षा का इंतजाम होने पर ही अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं बहाल हो सकेंगी।
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मछलीशहर। स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर गुरुवार की आधी रात को इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक की मरीज के परिजनों ने पिटाई कर दी। आरोप है कि दिल का दौरा पड़ने पर मरीज को लेकर परिजन अस्पताल आए थे। डाक्टर ने मृत घोषित कर दिया। इसी बात से खफा कुछ लोगों ने चिकित्सक की पिटाई कर दी। डाक्टर की पिटाई के बाद परिवार के लोग शव लेकर फरार हो गए। घटना के विरोध में सीएचसी पर शुक्रवार को ओपीडी सेवा ठप रही। डाक्टर की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। डाक्टरों ने चेतावनी दी है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही वे ड्यूटी पर लौटेंगे।
गुरुवार की रात में परसूपुर गांव निवासी एवं जूनियर हाईस्कूल रसूलपुर में तैनात शिक्षक नरेंद्रनाथ गौतम को रात में दिल का दौरा पड़ा। परिजन उन्हें पहले एक निजी चिकित्सक के यहां ले गए। हालत गंभीर देखते हुए उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। यहां ड्यूटी पर तैनात फार्मासिस्ट नरसिंह यादव ने डाक्टर अमरेश अग्रहरि को बुलाया। डाक्टर ने मरीज को देखने के बाद मृत घोषित कर दिया। परिजन एम्बुलेंस सुविधा उपलब्ध कराने को कहे तो डॉक्टर ने एम्बुलेंस अस्पताल से उपलब्ध नहीं होने की बात कही। इसपर मरीज के साथ आए कुछ युवक भड़क गए और डाक्टर की पिटाई कर दी और शव लेकर फरार हो गए। रात में उपजिलाधिकारी जगदम्बा सिंह भी पहुंचे और डाक्टरों से बात कर चिकित्सा सेवा बहाल रखने को कहा लेकिन डाक्टर अपनी मांग पर अड़े रहे। शुक्रवार को सुबह ओपीडी सेवा बाधित रही। अस्पताल कर्मी गेट बंद करके धरने पर बैठे रहे। आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक काम बंद रखने की चेतावनी दी। हालांकि डाक्टर की तहरीर पर पुलिस ने सरकारी काम में बाधा डालने, जानलेवा हमला करने समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। कोतवाली प्रभारी का कहना है कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी का प्रयास चल रहा है। अस्पताल के अधीक्षक डा. रफ़ीक़ फ़ारूक़ी का कहना है कि अस्पताल में सुरक्षा के लिए गार्ड की तैनाती की जाय तथा आरोपियों की गिरफ्तारी की जाय। सुरक्षा का इंतजाम होने पर ही अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं बहाल हो सकेंगी।
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