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Jaunpur News: दावा फेल, आठ माह बाद भी पुल की मरम्मत नहीं
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डोभी। वाराणसी-आजमगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 233 पर चंदवक में स्थित गोमती नदी पर बने पुल से आवागमन करीब आठ माह बाद भी बहाल नहीं हो सका। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों का वह दावा भी फेल हो गया जिसमें उन्होंने दिसंबर 2022 से बंद किए गए इस पुल की मरम्मत के लिए सितंबर तक कार्य पूरा कर आवागमन बहाल करने को कहा था। ऐसे में वाराणसी से आजमगढ़, चंदवक और जौनपुर जाने वाले यात्रियों को अतिरिक्त किराया और अतिरिक्त समय खर्च करना पड रहा है। करीब 23 साल पहले बने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सेतु की जांच दिसंबर में हुई थी। जांच में पुल को जर्जर करार देते हुए इसपर बड़े वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित कर दिया गया था। 25 जनवरी 2023 से आवागमन बंद है। उसके बाद किसी भी अधिकारी ने पुल की मरम्मत के लिए प्रयास नहीं किया। जब अमर उजाला ने जुलाई में समाचार अभियान चलाकर खबरें प्रकाशित कीं तो एनएचएआई के पीडी ने जुलाई माह के अंत तक पुल की मरम्मत कराने का दावा किया। लेकिन दावा हवाई साबित हुआ। पुन: पूर्व विधायक दिनेश चौधरी के साथ एनएचएआई के आरओ ने निरीक्षण कर सितंबर में मरम्मत कराकर इसे आवागमन के लिए खोल देने का भरोसा दिलाया था, लेकिन वह भी दावा फेल हो गया। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि अधिकारी जनहित के जुड़े इस मुद्दे पर लापरवाही बरत रहे हैं। उधर, एनएचएआई के आरओ एसबी सिंह ने बताया कि अब अक्तूबर तक मरम्मत होगी।
30 किमी की तय करनी पड़ती है अतिरिक्त दूरी
रोडवेज बसों व ट्रकों के वाया औड़िहार-आजमगढ़ जाने से यात्री किराये के साथ ही मालभाड़ा भी बढ़ गया। इसका बोझ सीधे आम जनता पर पड़ रहा है। बड़े वाहनों के वाया थानागद्दी, केराकत, खुज्झी, आजमगढ़ जाने से टाई नाले पर बना पुल भी क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे आवागमन बाधित हुआ। यदि ऐसा ही रहा तो एनएचएआई को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। यात्रियों के अनुसार करीब 30 किमी अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।
बोले नागरिक ...
पुल पर बीते नौ माह से बड़ी गाडियों का आवागमन बंद है। जिससे माल ले जाने व ले आने पर अधिक किराया देना पड़ रहा है। अभी तक पुल की मरम्मत भी नहीं कराई गई। टोल टैक्स जब तक बनकर तैयार नहीं होगा तब तक पुल चालू नहीं होगा। -अंबुज यादव, व्यापारी चंदवक
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पुल के क्षतिग्रस्त होने से सबसे ज्यादा व्यापार प्रभावित हो रहा है। क्षेत्र के व्यापारियों का सामान वाराणसी से ही आता है। पहले 30 किमी वाराणसी की दूरी थी अब पुल क्षतिग्रस्त होने से वह दूरी वाया औड़िहार 70 किमी हो गई है। महेंद्र प्रजापति, व्यापारी, पूर्व जिला पंचायत सदस्य
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30 किमी की तय करनी पड़ती है अतिरिक्त दूरी
रोडवेज बसों व ट्रकों के वाया औड़िहार-आजमगढ़ जाने से यात्री किराये के साथ ही मालभाड़ा भी बढ़ गया। इसका बोझ सीधे आम जनता पर पड़ रहा है। बड़े वाहनों के वाया थानागद्दी, केराकत, खुज्झी, आजमगढ़ जाने से टाई नाले पर बना पुल भी क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे आवागमन बाधित हुआ। यदि ऐसा ही रहा तो एनएचएआई को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। यात्रियों के अनुसार करीब 30 किमी अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।
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बोले नागरिक ...
पुल पर बीते नौ माह से बड़ी गाडियों का आवागमन बंद है। जिससे माल ले जाने व ले आने पर अधिक किराया देना पड़ रहा है। अभी तक पुल की मरम्मत भी नहीं कराई गई। टोल टैक्स जब तक बनकर तैयार नहीं होगा तब तक पुल चालू नहीं होगा। -अंबुज यादव, व्यापारी चंदवक
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पुल के क्षतिग्रस्त होने से सबसे ज्यादा व्यापार प्रभावित हो रहा है। क्षेत्र के व्यापारियों का सामान वाराणसी से ही आता है। पहले 30 किमी वाराणसी की दूरी थी अब पुल क्षतिग्रस्त होने से वह दूरी वाया औड़िहार 70 किमी हो गई है। महेंद्र प्रजापति, व्यापारी, पूर्व जिला पंचायत सदस्य