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मौसम का मिजाज बदला आसमान में दिन भर छाए रहे बादल
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आज दिनभर छाया रहा बादल शाही पुल पे छाया बादल।
- फोटो : JAUNPUR
जौनपुर। बुधवार को सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे। दिन में कई बार बूंदाबांदी भी हुई। इससे अचानक तापमान में गिरावट आई है। मंगलवार को अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था लेकिन मौसम में बदलाव के चलते अधिकतम तापमान 27 डिग्री पर पहुंच गया। शाम को ठंड का एहसास बढ़ गया है।
फिलहाल सुबह और शाम को ठंड पड़ रही थी लेकिन बुधवार को बादलों के चलते तापमान में गिरावट रही। मौसम में आए इस बदलाव से ठंड का असर दिखने लगा है। बुधवार तापमान में दो डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। सर्द हवाओं के चलने के कारण दिन में सिहरन का एहसास होता रहा। शाम होते ही लोगों गर्म कपड़े निकाल लिए, जिनकी आमतौर पर भोर में ही जरूरत महसूस हो रही थी।
मौसम में आए बदलाव के कारण किसान धान की फसल को लेकर चिंतित हैं। धान की फसल अभी भी खेत में पड़ी है। अगर बारिश हुई तो धान की फसल को नुकसान हो सकता है। ऐसे किसान जो गेहूं की बुआई कर चुके हैं और फसल अभी उगी नहीं है। वह इस बात को लेकर परेशान हैं कि यदि तेज बारिश हुई तो फसल का जमाव प्रभावित हो सकता है। मौसम के बदले मिजाज ने सभी को सर्दी का एहसास करा दिया है। गलन बढने से सभी के शरीर पर गर्म कपडे दिखने लगे हैं। बाजार में गर्म कपडों की खरीदारी भी बढ़ गई है। कृषि विज्ञान केंद्र बक्शा के अध्यक्ष डॉ. सुरेश कुमार कनौजिया व मौसम वैज्ञानिक पंकज जायसवाल ने बताया कि 22 नवंबर तक मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। हल्की छिटपुट वर्षा के आसार हैं। अधिकतम तापमान 28-29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 10-14 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने कारण मौसम ने करवट बदला है।
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फिलहाल सुबह और शाम को ठंड पड़ रही थी लेकिन बुधवार को बादलों के चलते तापमान में गिरावट रही। मौसम में आए इस बदलाव से ठंड का असर दिखने लगा है। बुधवार तापमान में दो डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। सर्द हवाओं के चलने के कारण दिन में सिहरन का एहसास होता रहा। शाम होते ही लोगों गर्म कपड़े निकाल लिए, जिनकी आमतौर पर भोर में ही जरूरत महसूस हो रही थी।
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मौसम में आए बदलाव के कारण किसान धान की फसल को लेकर चिंतित हैं। धान की फसल अभी भी खेत में पड़ी है। अगर बारिश हुई तो धान की फसल को नुकसान हो सकता है। ऐसे किसान जो गेहूं की बुआई कर चुके हैं और फसल अभी उगी नहीं है। वह इस बात को लेकर परेशान हैं कि यदि तेज बारिश हुई तो फसल का जमाव प्रभावित हो सकता है। मौसम के बदले मिजाज ने सभी को सर्दी का एहसास करा दिया है। गलन बढने से सभी के शरीर पर गर्म कपडे दिखने लगे हैं। बाजार में गर्म कपडों की खरीदारी भी बढ़ गई है। कृषि विज्ञान केंद्र बक्शा के अध्यक्ष डॉ. सुरेश कुमार कनौजिया व मौसम वैज्ञानिक पंकज जायसवाल ने बताया कि 22 नवंबर तक मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। हल्की छिटपुट वर्षा के आसार हैं। अधिकतम तापमान 28-29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 10-14 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने कारण मौसम ने करवट बदला है।
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