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धान तो खरीद लिया, अब भुगतान में अटकाया
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जौनपुर। लगातार निगरानी और हिदायतों के बाद धान खरीद की गति को भले ही थोड़ी तेज हुई है, लेकिन भुगतान अटकने लगा है। 72 घंटे में भुगतान के दावे सिर्फ कागजों पर हैं। जिले में अब तक 147 करोड़ रुपये के धान की खरीद हुई, जिसमें महज 78 करोड़ का ही भुगतान किया गया है। किसान भुगतान के लिए चक्कर काट रहे हैं। कभी सर्वर की खराबी तो कभी बैंक बंद होने की दलील देकर क्रय केंद्र प्रभारी उन्हें लौटा रहे हैं।
किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए सरकार ने इस बार क्रय केंद्र अक्तूबर से शुरू कर दिए थे। नौ क्रय एजेंसियों के अंतर्गत 107 धान क्रय केंद्रों पर खरीद चल रही है, जिन्हें कुल 85 हजार मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य दिया गया है। सरकार का निर्देश है कि खरीद के 72 घंटे के भीतर ही किसानों के खाते में 1868 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान हर हाल में भेज दिया। खरीद के बाद भुगतान की प्रक्रिया समय से पूरी करने के लिए ही पंजीकरण के बाद भूमि के साथ खाते का सत्यापन भी पूरा कर लिया जा रहा है। इसके चलते किसानों को पंजीकरण के बाद लंबा समय बिक्री के लिए दिया गया। इन तमाम कवायदों के बाद भी भुगतान पाने के लिए किसानों को क्रय केंद्रों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। जिले में अब 78 हजार मीट्रकि टन की खरीद पूरी हो चुकी है। खरीदे गए धान की राशि 147.07 करोड़ रुपये है। इसके सापेक्ष अब तक 77.76 करोड़ की राशि का ही भुगतान हुआ है। बदलापुर में विपणन शाखा पर 300 किसानों से अब तक 13000 क्विंटल धान की खरीद हुई है। चालीस से अधिक किसान ऐसे हैं, जिन्हें एक सप्ताह बाद भी भुगतान नहीं मलिा है। किसान सुरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि 10 दिसंबर को धान बेचा था, अभी तक भुगतान नही मिला है। केराकत, मछलीशहर के भी कई किसान भुगतान के लिए चक्कर काट रहे हैं।
आधे किसानों ने की बिक्री, मगर 90 प्रतिशत लक्ष्य पूरा
जौनपुर। इसे अधिक उत्पादन का असर कहें, विक्रय व्यवस्था की पारदर्शिता कहें या सिर्फ आंकड़ों की बाजीगरी। हर बार जहां लक्ष्य पूरा करने के लिए अफसर जनवरी तक माथापच्ची करते रहते थे, उन्होंने इस बार दिसंबर में ही लक्ष्य का 90 प्रतिशत खरीद पूरा कर लिया है। यह खरीद भी पंजीकरण कराने सिर्फ 60 फीसदी किसानों से ही हुई है। मतलब अगर सभी पंजीकृत किसानों से खरीद हो तो लक्ष्य से डेढ़ गुना धान की खरीद होगी। जिले में 85 हजार मीट्रिक टन का लक्ष्य शासन ने आवंटित किया है। क्रय केंद्रों पर धान बेचने के लिए 30090 किसानों ने पंजीकरण कराया है, जिसमें 16567 से करीब 78 हजार मीट्रिक टन खरीद हो चुकी है।
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क्रय केंद्रों से न लौटाए जाएं किसान
जौनपुर। नोडल अधिकारी सत्येंद्र कुमार सिंह ने रविवार की रात कलेक्ट्रेट सभागार में धान खरीद की समीक्षा की। निर्देश दिए कि धान बिक्री में किसानों को कोई समस्या न आए। किसी भी किसान को क्रय केंद्र से वापस न किया जाए। न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम पर खरीद बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी एसडीएम, तहसीलदार, लेखपाल और अन्य अधिकारियों को लगाकर सभी धान क्रय केंद्रों का निरीक्षण कराने का निर्देश दिया।
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किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए सरकार ने इस बार क्रय केंद्र अक्तूबर से शुरू कर दिए थे। नौ क्रय एजेंसियों के अंतर्गत 107 धान क्रय केंद्रों पर खरीद चल रही है, जिन्हें कुल 85 हजार मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य दिया गया है। सरकार का निर्देश है कि खरीद के 72 घंटे के भीतर ही किसानों के खाते में 1868 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान हर हाल में भेज दिया। खरीद के बाद भुगतान की प्रक्रिया समय से पूरी करने के लिए ही पंजीकरण के बाद भूमि के साथ खाते का सत्यापन भी पूरा कर लिया जा रहा है। इसके चलते किसानों को पंजीकरण के बाद लंबा समय बिक्री के लिए दिया गया। इन तमाम कवायदों के बाद भी भुगतान पाने के लिए किसानों को क्रय केंद्रों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। जिले में अब 78 हजार मीट्रकि टन की खरीद पूरी हो चुकी है। खरीदे गए धान की राशि 147.07 करोड़ रुपये है। इसके सापेक्ष अब तक 77.76 करोड़ की राशि का ही भुगतान हुआ है। बदलापुर में विपणन शाखा पर 300 किसानों से अब तक 13000 क्विंटल धान की खरीद हुई है। चालीस से अधिक किसान ऐसे हैं, जिन्हें एक सप्ताह बाद भी भुगतान नहीं मलिा है। किसान सुरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि 10 दिसंबर को धान बेचा था, अभी तक भुगतान नही मिला है। केराकत, मछलीशहर के भी कई किसान भुगतान के लिए चक्कर काट रहे हैं।
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आधे किसानों ने की बिक्री, मगर 90 प्रतिशत लक्ष्य पूरा
जौनपुर। इसे अधिक उत्पादन का असर कहें, विक्रय व्यवस्था की पारदर्शिता कहें या सिर्फ आंकड़ों की बाजीगरी। हर बार जहां लक्ष्य पूरा करने के लिए अफसर जनवरी तक माथापच्ची करते रहते थे, उन्होंने इस बार दिसंबर में ही लक्ष्य का 90 प्रतिशत खरीद पूरा कर लिया है। यह खरीद भी पंजीकरण कराने सिर्फ 60 फीसदी किसानों से ही हुई है। मतलब अगर सभी पंजीकृत किसानों से खरीद हो तो लक्ष्य से डेढ़ गुना धान की खरीद होगी। जिले में 85 हजार मीट्रिक टन का लक्ष्य शासन ने आवंटित किया है। क्रय केंद्रों पर धान बेचने के लिए 30090 किसानों ने पंजीकरण कराया है, जिसमें 16567 से करीब 78 हजार मीट्रिक टन खरीद हो चुकी है।
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क्रय केंद्रों से न लौटाए जाएं किसान
जौनपुर। नोडल अधिकारी सत्येंद्र कुमार सिंह ने रविवार की रात कलेक्ट्रेट सभागार में धान खरीद की समीक्षा की। निर्देश दिए कि धान बिक्री में किसानों को कोई समस्या न आए। किसी भी किसान को क्रय केंद्र से वापस न किया जाए। न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम पर खरीद बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी एसडीएम, तहसीलदार, लेखपाल और अन्य अधिकारियों को लगाकर सभी धान क्रय केंद्रों का निरीक्षण कराने का निर्देश दिया।