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Jaunpur News: पिलकिछा घाट पर एक ही चिता पर दंपती की हुई अंत्येष्टि, पिता ने कांपते हाथों से बेटे-बहू को दी मुखाग्नि
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जौनपुर। खुटहन के तिसौली गांव में बुधवार की रात में संदिग्ध परिस्थिति में नवदंपती की मौत के बाद शुक्रवार को दोनों का अंतिम संस्कार पिलकिछा घाट पर एक ही चिता पर किया गया। चार महीने पहले जिस घर में शादी की खुशियां थीं, शुक्रवार को उसी घर से गोविंद और उसकी पत्नी नेहा की अर्थियां एक साथ उठीं। पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शव घर लाए गए। पिता मिठाईलाल ने कांपते हाथों से बेटे-बहू को मुखाग्नि दी तो घाट पर मौजूद गांव के हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। गोविंद गौतम की शादी बीते 10 मई को नेहा से हुई थी। बुधवार की रात में दोनों के बीच किसी बात के लिए विवाद हुआ था। गुरुवार की सुबह कमरे का दरवाजा नहीं खुलने पर परिजनों ने उसे तोड़ा। कमरे में नेहा का शव बेड पर और गोविंद का शव फंदे से लटकता मिला था। गोविंद की मां का पहले ही निधन हो चुका है। उसका छोटा भाई धर्मेंद्र है।
चार महीने पहले घर में गूंजे थे मंगलगीत, आज चित्कारें सुनाई दीं
चार महीने पहले तिसौली गांव के इसी घर में विवाह के मंगलगीत गाए जा रहे थे। पिता मिठाईलाल ने बड़े अरमानों से बेटे गोविंद के सिर पर सेहरा सजाया था। बहू नेहा के आने से परिवार में खुशियां थीं। किसी ने नहीं सोचा था कि इतनी जल्दी उसी घर से बेटे-बहू की एक साथ अर्थियां उठेगी। चिता के सामने खड़े पिता मिठाईलाल की आंखों में आंसू और चेहरे पर बेबसी झलक रही थी।
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चार महीने पहले घर में गूंजे थे मंगलगीत, आज चित्कारें सुनाई दीं
चार महीने पहले तिसौली गांव के इसी घर में विवाह के मंगलगीत गाए जा रहे थे। पिता मिठाईलाल ने बड़े अरमानों से बेटे गोविंद के सिर पर सेहरा सजाया था। बहू नेहा के आने से परिवार में खुशियां थीं। किसी ने नहीं सोचा था कि इतनी जल्दी उसी घर से बेटे-बहू की एक साथ अर्थियां उठेगी। चिता के सामने खड़े पिता मिठाईलाल की आंखों में आंसू और चेहरे पर बेबसी झलक रही थी।
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