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एआरटीओ दफ्तर पर छापा
jaunpur
Updated Sun, 16 Apr 2017 12:27 AM IST
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डीएम से शिकायत करते लाइसेंस बनवाने आए लोग।
- फोटो : jounpur
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एआरटीओ कार्यालय में जिलाधिकारी डा. बलकार सिंह और एसपी अतुल सक्सेना ने संयुक्त रुप से शनिवार को छापेमारी की। इस दौरान एक-एक पटल सहित कैश काउंटर, फार्म विक्री आदि की जांच की। मिली खामियों को सुधारने का निर्देश दिया। इस दौरान एआरटीओ प्रशासन और संबंधित पटल के बाबू को खुद इस बात का पता नहीं था कि उनके कार्यालय में कितने लाइसेंस लंबित हैं। जिस पर डीएम ने फटकार लगाई। उधर, छापेमारी के चलते कार्यालय में हड़कंप मचा रहा।
प्रदेश सरकार द्वारा एआरटीओ कार्यालय को दलाल मुक्त करने के फरमान के बाद जिलाधिकारी व एसपी शनिवार को पूर्वाह्न 11 बजे जगदीशपुर रेलवे क्रासिंग स्थित एआरटीओ कार्यालय पहुंचे। अधिकारियों की गाड़ी देखते ही दुकानों और कार्यालय के इर्द गिर्द जमावड़ा लगाने वाले दलाल फरार हो गए।
इसके बाद डीएम व एसपी एआरटीओ कार्यालय में दाखिल हुए। लाइन में लगे लोगों से पूछताछ कर लाइसेंस बनवाने में होने वाली समस्याओं के बारे में जानकारी लीी। केश काउंटर पर चेक के दौरान कैश सही पाया गया। काउंटर पर ही आठ से 10 फार्म मिले। जिसको कब्जे में ले लिया गया। इस दौरान जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्ष्ाक ने कार्यालय के एक-एक पटल पर जाकर वहां की कार्यप्रणाली की जानकारी हासिल की और कर्मचारियों से संबधित पूछताछ की।
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अधिकारियों ने जब बाबू विवेक मधुकर से उक्त फार्मो सहित जनवरी से अब तक लर्निंग, परमानेंट व पेंडिग लाइसेंस के बारे में पूछा तो वह बगले झांकने लगा। नाराज डीएम ने एआराटीओ सहित बाबू को फटकार लगाई। कहा कि कार्यालय में काम करते समय उन्हेे इस बात की जानकारी क्यों नहीं है।
इस दौरान उन्होंने फार्म विक्री काउंटर जांच करने के साथ ही संबंधित बाबू को फार्म खरीदने वाले का नाम लिखने का निर्देश दिया। कहा कि कार्य से आने वाले लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो इसका अधिकारी और कर्मचारी पूरा ध्यान रखें। यदि शिकायत मिली तो कार्रवाई के लिए तैयार रहें।जांच पड़ताल का डेढ़ घंटे तक चली। इसके बाद डीएम ने एआरटीओ कार्यालय के सड़क की तत्काल माप कराकर सड़क की जद में आने वाले दुकानों व भवनों को तोड़वाने का निर्देश दिया।
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प्रदेश सरकार द्वारा एआरटीओ कार्यालय को दलाल मुक्त करने के फरमान के बाद जिलाधिकारी व एसपी शनिवार को पूर्वाह्न 11 बजे जगदीशपुर रेलवे क्रासिंग स्थित एआरटीओ कार्यालय पहुंचे। अधिकारियों की गाड़ी देखते ही दुकानों और कार्यालय के इर्द गिर्द जमावड़ा लगाने वाले दलाल फरार हो गए।
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इसके बाद डीएम व एसपी एआरटीओ कार्यालय में दाखिल हुए। लाइन में लगे लोगों से पूछताछ कर लाइसेंस बनवाने में होने वाली समस्याओं के बारे में जानकारी लीी। केश काउंटर पर चेक के दौरान कैश सही पाया गया। काउंटर पर ही आठ से 10 फार्म मिले। जिसको कब्जे में ले लिया गया। इस दौरान जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्ष्ाक ने कार्यालय के एक-एक पटल पर जाकर वहां की कार्यप्रणाली की जानकारी हासिल की और कर्मचारियों से संबधित पूछताछ की।
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अधिकारियों ने जब बाबू विवेक मधुकर से उक्त फार्मो सहित जनवरी से अब तक लर्निंग, परमानेंट व पेंडिग लाइसेंस के बारे में पूछा तो वह बगले झांकने लगा। नाराज डीएम ने एआराटीओ सहित बाबू को फटकार लगाई। कहा कि कार्यालय में काम करते समय उन्हेे इस बात की जानकारी क्यों नहीं है।
इस दौरान उन्होंने फार्म विक्री काउंटर जांच करने के साथ ही संबंधित बाबू को फार्म खरीदने वाले का नाम लिखने का निर्देश दिया। कहा कि कार्य से आने वाले लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो इसका अधिकारी और कर्मचारी पूरा ध्यान रखें। यदि शिकायत मिली तो कार्रवाई के लिए तैयार रहें।जांच पड़ताल का डेढ़ घंटे तक चली। इसके बाद डीएम ने एआरटीओ कार्यालय के सड़क की तत्काल माप कराकर सड़क की जद में आने वाले दुकानों व भवनों को तोड़वाने का निर्देश दिया।