फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jaunpur News ›   An era of music ends with the death of Lata Mangeshkar

लता मंगेशकर के निधन से संगीत के एक युग का अंत

Mon, 07 Feb 2022 12:12 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 07 Feb 2022 12:12 AM IST
विज्ञापन
An era of music ends with the death of Lata Mangeshkar
जौनपुर। भारतरत्न लता मंगेशकर के निधन से जिले के कलाकार काफी दुखी हैं। कलाकारों ने नम आंखों से स्वर कोकिला को श्रद्धांजलि दी। कलाकारों ने कहा कि लता मंगेशकर के निधन से संगीत के एक युग का अंत हो गया। उनके बिना देश में संगीत की महफिल कैसे सजेगी। इस तरफ हर कलाकार ध्यान आकृष्ट हो रहा है। उनके निधन से संगीत की संगीत के क्षेत्र में उदासी जैसी स्थिति हो गई है। स्वर की देवी को भगवान अपने चरणों में स्थान दें, यहीं हम सभी की कामना है।
विज्ञापन

लता मंगेशकर की आवाज को देश की जनता, कलाकार कभी भुला नहीं पाएंगे। उनकी आवाज भले की थम गई है, लेकिन उनकी आवाज देश के हर नागरिक के कानों में गूंज रही है। उनकी गायकी का आज भी कोई जवाब नहीं है। भगवान अपने चरणों में उनकी आत्मा को जगह प्रदान करें। - रवींद्र सिंह ज्योति, गायक
विज्ञापन

लता मंगेशकर के निधन की खबर सुनकर स्तब्ध हूं। मुझे तो विश्वास ही नहीं हो रहा था लेकिन जब मैंने उनकी खबर टीवी चैनलों पर देखा तो मुझे पूर्ण विश्वास हुआ। उनका निधन से हम भोजपुरी कलाकार काफी दुखी हैं। उनकी इस कमी को कोई पूरी नहीं कर सकता है। - आशीष पाठक (अमृत), गायक
विज्ञापन
विज्ञापन

लता मंगेशकर का निधन देश के लिए अपूरणीय निधन है। मेरी आत्मा बहुत रो रही है। बचपन से लेकर उनकी एक एक गाना हमारे कानों में गूंजता है। मैं उनका बहुत सम्मान करता हूं। मेरा मन यह कह रहा है कि कब उनको मैं मुंबई जा कर देख लूं और अंतिम विदाई तक उनके साथ रहूं। - आशीष माली, कलाकार
जाना तो सभी को है इस दुनिया को छोड़कर पर भगवान कुछ ऐसी शख्सियत को भेजता है जिनके जाने से पूरी दुनिया खाली हो जाती है। आपकी कमी कोई नहीं पूरा कर सकता। ऐसे कलाकार की आत्मा को भगवान अपने श्री चरणों में स्थान दें, यही हम सभी कलाकारों की श्रद्धांजलि है। - बल्ला गुरु, कलाकार
संगीत की देवी मां सरस्वती की अवतार और मेरे गुरु पंकज सिन्हा की गुरु मां लता आज इस दुनिया में नहीं रहीं। इनके जाने से मैं नि:शब्द हो गई हूं। स्वर की देवी से बहुत कुछ सीखने को मिला है। उनके गीत आगे भी कलाकारों का मार्ग दर्शन करते रहेंगे। उनके गीत हम सभी के लिए प्रेरणादायी होंगे। - शैली गगन, गायिका

स्वर कोकिला, सरस्वती रूपी मां लता मंगेशकर के विछोह से काफी आघात लगा है। इस धरती पर जागृत सरस्वती देवलोक को प्रस्थान कर गईं। संगीत आज मौन हो गया। स्वरों की ममतामई मां से मिलने और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने की अभिलाषा थी। जो अब दिल में ही रह गई। - विदुषी वर्मा, बाल गायिका
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed