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एक पेपर से हुई परिषदीय परीक्षाएं
Jaunpur
Updated Sat, 05 May 2012 12:00 PM IST
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एक पेपर से हुई परिषदीय परीक्षाएंजौनपुर। परिषदीय विद्यालयों में शुक्रवार को दूसरे दिन भी एक ही पेपर से सभी छात्रों की परीक्षाएं कराई गई। कई विद्यालय तो ऐसे हैं जहां कापी का भी अभाव बना हुआ है। प्रधानाध्यापक किसी तरह से मैनेज करके परीक्षा करा रहे हैं। परीक्षा कराने में शिक्षकों को पसीने छूट रहे हैं। तमाम ऐसे विद्यालय हैं जहां शिक्षक अपने हाथों से पर्चा बनाकर छात्रों को दे रहे हैं। क्योंकि बिना देखे छात्र सवाल का जवाब नहीं दे पा रहे हैं।
बता दें कि परिषदीय विद्यालयों के कक्षा पांच और आठ की परीक्षाएं गुरुवार तीन मई से शुरू हो गई हैं। बताया जाता है कि विभाग के पास इतना पैसा नहीं है कि सभी छात्रों को हर विषय का पेपर उपलब्ध कराए। एक विषय का एक पेपर भेज दिया गया है। उसी से सभी छात्रों की परीक्षाएं करानी हैं। तमाम विद्यालय ऐसे हैं जहां कापी का अभाव है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक किसी तरह से परीक्षा करा रहे हैं। कहीं-कही विद्यालयों पर तो शिक्षकों के हाथ से लिखे गए पेपर से छात्र परीक्षा दे रहे हैं। तमाम छात्र ऐसे हैैं जो ब्लैक बोर्ड पर लिखने के बाद भी सवाल नहीं समझ पाते हैं। ऐसे में शिक्षकों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। परीक्षाएं 11 मई तक चलेंगी। 12 से 18 मई तक बीआरसी केंद्र पर केंद्रीय मूल्यांकन कराया जाएगा। 18 मई को ही रिजल्ट तैयार कर लिया जाएगा। 19 मई को सभी बच्चों को रिजल्ट सुनाया जाएगा।
- परीक्षा कराने में प्रधानाध्यापकों को छूट रहे पसीने
- हाथों से पर्चा बनाकर शिक्षक दे रहे छात्रों को
जौनपुर। परिषदीय विद्यालयों में शुक्रवार को दूसरे दिन भी एक ही पेपर से सभी छात्रों की परीक्षाएं कराई गई। कई विद्यालय तो ऐसे हैं जहां कापी का भी अभाव बना हुआ है। प्रधानाध्यापक किसी तरह से मैनेज करके परीक्षा करा रहे हैं। परीक्षा कराने में शिक्षकों को पसीने छूट रहे हैं। तमाम ऐसे विद्यालय हैं जहां शिक्षक अपने हाथों से पर्चा बनाकर छात्रों को दे रहे हैं। क्योंकि बिना देखे छात्र सवाल का जवाब नहीं दे पा रहे हैं।
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बता दें कि परिषदीय विद्यालयों के कक्षा पांच और आठ की परीक्षाएं गुरुवार तीन मई से शुरू हो गई हैं। बताया जाता है कि विभाग के पास इतना पैसा नहीं है कि सभी छात्रों को हर विषय का पेपर उपलब्ध कराए। एक विषय का एक पेपर भेज दिया गया है। उसी से सभी छात्रों की परीक्षाएं करानी हैं। तमाम विद्यालय ऐसे हैं जहां कापी का अभाव है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक किसी तरह से परीक्षा करा रहे हैं। कहीं-कही विद्यालयों पर तो शिक्षकों के हाथ से लिखे गए पेपर से छात्र परीक्षा दे रहे हैं। तमाम छात्र ऐसे हैैं जो ब्लैक बोर्ड पर लिखने के बाद भी सवाल नहीं समझ पाते हैं। ऐसे में शिक्षकों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। परीक्षाएं 11 मई तक चलेंगी। 12 से 18 मई तक बीआरसी केंद्र पर केंद्रीय मूल्यांकन कराया जाएगा। 18 मई को ही रिजल्ट तैयार कर लिया जाएगा। 19 मई को सभी बच्चों को रिजल्ट सुनाया जाएगा।
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बता दें कि परिषदीय विद्यालयों के कक्षा पांच और आठ की परीक्षाएं गुरुवार तीन मई से शुरू हो गई हैं। बताया जाता है कि विभाग के पास इतना पैसा नहीं है कि सभी छात्रों को हर विषय का पेपर उपलब्ध कराए। एक विषय का एक पेपर भेज दिया गया है। उसी से सभी छात्रों की परीक्षाएं करानी हैं। तमाम विद्यालय ऐसे हैं जहां कापी का अभाव है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक किसी तरह से परीक्षा करा रहे हैं। कहीं-कही विद्यालयों पर तो शिक्षकों के हाथ से लिखे गए पेपर से छात्र परीक्षा दे रहे हैं। तमाम छात्र ऐसे हैैं जो ब्लैक बोर्ड पर लिखने के बाद भी सवाल नहीं समझ पाते हैं। ऐसे में शिक्षकों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। परीक्षाएं 11 मई तक चलेंगी। 12 से 18 मई तक बीआरसी केंद्र पर केंद्रीय मूल्यांकन कराया जाएगा। 18 मई को ही रिजल्ट तैयार कर लिया जाएगा। 19 मई को सभी बच्चों को रिजल्ट सुनाया जाएगा।
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- परीक्षा कराने में प्रधानाध्यापकों को छूट रहे पसीने
- हाथों से पर्चा बनाकर शिक्षक दे रहे छात्रों को
जौनपुर। परिषदीय विद्यालयों में शुक्रवार को दूसरे दिन भी एक ही पेपर से सभी छात्रों की परीक्षाएं कराई गई। कई विद्यालय तो ऐसे हैं जहां कापी का भी अभाव बना हुआ है। प्रधानाध्यापक किसी तरह से मैनेज करके परीक्षा करा रहे हैं। परीक्षा कराने में शिक्षकों को पसीने छूट रहे हैं। तमाम ऐसे विद्यालय हैं जहां शिक्षक अपने हाथों से पर्चा बनाकर छात्रों को दे रहे हैं। क्योंकि बिना देखे छात्र सवाल का जवाब नहीं दे पा रहे हैं।
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बता दें कि परिषदीय विद्यालयों के कक्षा पांच और आठ की परीक्षाएं गुरुवार तीन मई से शुरू हो गई हैं। बताया जाता है कि विभाग के पास इतना पैसा नहीं है कि सभी छात्रों को हर विषय का पेपर उपलब्ध कराए। एक विषय का एक पेपर भेज दिया गया है। उसी से सभी छात्रों की परीक्षाएं करानी हैं। तमाम विद्यालय ऐसे हैं जहां कापी का अभाव है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक किसी तरह से परीक्षा करा रहे हैं। कहीं-कही विद्यालयों पर तो शिक्षकों के हाथ से लिखे गए पेपर से छात्र परीक्षा दे रहे हैं। तमाम छात्र ऐसे हैैं जो ब्लैक बोर्ड पर लिखने के बाद भी सवाल नहीं समझ पाते हैं। ऐसे में शिक्षकों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। परीक्षाएं 11 मई तक चलेंगी। 12 से 18 मई तक बीआरसी केंद्र पर केंद्रीय मूल्यांकन कराया जाएगा। 18 मई को ही रिजल्ट तैयार कर लिया जाएगा। 19 मई को सभी बच्चों को रिजल्ट सुनाया जाएगा।