गरीबों को ठंड से बचाने के लिए कवायद तेज कर दी गई है। कंबल वितरण और अलाव की व्यवस्था करने के लिए शासन से तीन दिन पहले 33 लाख रुपये का बजट मिला है। इसके बाद टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
शासन से हर साल कंबल वितरण करने और अलाव जगह-जगह जलवाने के लिए तहसीलों को बजट मिलता है। इस बार यह बजट तीन दिन पहले ही आया है। इसके मुताबिक, प्रत्येक तहसीलों को कंबल वितरण के लिए पांच-पांच लाख और अलाव जलवाने के लिए 50-50 हजार रुपये का बजट आवंटित किया गया है। साथ ही कंबल वितरण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई। शासन ने प्रति कंबल की कीमत 500 रुपये निर्धारित की है। साथ ही पात्रों की सूची तैयार कराई जा रही है। दिसंबर के दूसरे सप्ताह से एसडीएम और राजस्व कर्मी गरीब, असहाय, विधवा और दिव्यांग व्यक्तियों को कंबल देंगे। कंबल वितरण में किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो। सभी एसडीएम को आवश्यक निर्देश दिया गया है। इसके अलावा, राहगीरों और स्थानीय लोगों को ठंड से बचाने के लिए प्रमुख चौराहों और बाजारों में अलाव जलाया जाएगा। हालांकि, नगरपालिका और नगर पंचायतें अपनी आय से अलाव जलाने के लिए लकड़ी खरीदती हैं। शासन स्तर से जिला प्रशासन और अधिशासी अधिकारी को आवश्यक निर्देश जारी किया गया है। एडीएम राम प्रकाश का कहना है कि कंबल वितरण और अलाव की व्यवस्था कराने के लिए बजट प्राप्त हो गया है। टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही यह प्रक्रिया पूरी करा ली जाएगी।