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एक ही गांव के दो परिवारों में नौ लोग विकलांग
Updated Sun, 18 Nov 2018 12:23 AM IST
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मुंगराबादशाहपुर। स्थानीय विकास खंड के फत्तूपुर कला गांव की दलित बस्ती में दो अलग अलग परिवारों में नौ लोग विकलांगता के शिकार हैं। कोई जन्म से तो कोई बाद में रोग की चपेट में आया है। ग्रामीणों की मदद से उनका इधर उधर इलाज जरूर कराया गया पर कोई फायदा नहीं हुई। सूचना पर शनिवार को गांव में पहुंची स्वास्थ्य टीम ने पानी का सैंपल लिया और जांच रिपोर्ट मुख्य चिकित्सा अधिकारी को भेज दी है। स्वास्थ्य विभाग बीमारी का पता लगाने के लिए पीड़ितों को इलाहाबाद मेडिकल कालेज भेजने की तैयारी कर रहा है।
फत्तूपुरकला गांव की दलित बस्ती निवासी राजेन्द्र कुमार, राममूरत, राधेश्याम, स्वामीनाथ और रमेश कुमार सगे भाई हैं। इन पांच भाइयों के परिवारंो में कुल 28 सदस्य हैं। इस परिवरा में छोटे बड़े कुल सात लोग विकलांग हैं। कोई पैर से तो कोई हाथ और कमर से विकलांग है। इन परिवारों की आर्थिक दशा बेहद खराब होने के चलते उनका कभी ठीक से इलाज भी नहीं हो सका। इन पर तरस खाने वाले गांव के कुछ लोगों ने इलाज इलाहाबाद के किसी अस्पताल में ले जाकर कुछ दिन इलाज जरूर करया लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ तो लोगं ने इलाज कराना ही छोड़ दिया। इन पांचों भाइयों के परिवार में राजेन्द्र कुमार (38) सुरेन्दर् कुमार (25) सोमारी देवी (31), रोशनी (17), साधना (10), शिव पूजन (8) और प्रेमादेवी (40) विकलांगता की शिकार है। इनमें से कोई जन्म से तो कोई बाद में इस अजनबी बीमारी की चपट में आया है। सभी का कद भी बौना है। इस परिवार के अलावा इसी गांव की दूसरी बस्ती में अमृत लाल सरोज के दो पुत्र अनुज कुमार (8) और पंकज कुमार (6) भी इसी रोग के शिकार है। पीड़ित परिवार के लोगों की माने तो जो लोग विकलांग हैं उनके माता पिता में से कोई विकलांग नहीं है। अलबत्ता इसी परिवार में करीब दो पीढ़ी पहले एक विकलांग महिला ब्याह कर आई थी। जिसके आधार पर स्थानीय स्वास्थ्य महकमा इसे आनुवंशिक बीमारी होने का भी अनुमान लगा रहा है। बीमारी जो भी हो पर इन गरीब परिवारों को सरकार से मदद की दरकार है। परिवार के गैर विकलांग पुरुष और महिला किसी तरह मजदूरी कर के दो जून की रोटी का जुगाड़ कर पाते हैं। विकलांगों का इलाज कराने में वे असमर्थ हैं। जिस कारण वे इस समस्या को वे ईश्वर की मर्जी पर छोड़ दिए हैं। एक ही परिवार में कई सदस्यों के विकलांग होने की खबर पर शनिवार को मुंगराबादशाहपुर के प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. आरपी सिंह के साथ स्वास्थ्य टीम गांव में पहुंची। जहां से पानी का सैंपल लिया। परिवरा के लोग इंडिया मार्का टू हैंडपंप से पानी पीते हैं। परिवारों की जांच रिपोर्ट मुख्य चिकित्साधिकारी को भेज दिया गया है। चिकित्सकों को अनुमान है कि या तो पानी में कोई गड़बड़ी होगी या फिर यह आनुवंशिक बीमारी होगी। बहरहाल रोग की सही जानकारी जांच के बाद ही पता चल सकेगी।
पानी की जांच के लिए सैंपल लिया गया है। यह बीमारी आनुवंशिक भी हो सकती है। इसकी जांच के लिए सभी पीड़ितों को इलाहाबाद मेडिकल कालेज भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने पर प्रभावी कार्यवाही की जाएगी।
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डा. रामजी पांडेय
मुख्य चिकित्साधिकारी जौनपुर
फत्तूपुरकला गांव की दलित बस्ती निवासी राजेन्द्र कुमार, राममूरत, राधेश्याम, स्वामीनाथ और रमेश कुमार सगे भाई हैं। इन पांच भाइयों के परिवारंो में कुल 28 सदस्य हैं। इस परिवरा में छोटे बड़े कुल सात लोग विकलांग हैं। कोई पैर से तो कोई हाथ और कमर से विकलांग है। इन परिवारों की आर्थिक दशा बेहद खराब होने के चलते उनका कभी ठीक से इलाज भी नहीं हो सका। इन पर तरस खाने वाले गांव के कुछ लोगों ने इलाज इलाहाबाद के किसी अस्पताल में ले जाकर कुछ दिन इलाज जरूर करया लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ तो लोगं ने इलाज कराना ही छोड़ दिया। इन पांचों भाइयों के परिवार में राजेन्द्र कुमार (38) सुरेन्दर् कुमार (25) सोमारी देवी (31), रोशनी (17), साधना (10), शिव पूजन (8) और प्रेमादेवी (40) विकलांगता की शिकार है। इनमें से कोई जन्म से तो कोई बाद में इस अजनबी बीमारी की चपट में आया है। सभी का कद भी बौना है। इस परिवार के अलावा इसी गांव की दूसरी बस्ती में अमृत लाल सरोज के दो पुत्र अनुज कुमार (8) और पंकज कुमार (6) भी इसी रोग के शिकार है। पीड़ित परिवार के लोगों की माने तो जो लोग विकलांग हैं उनके माता पिता में से कोई विकलांग नहीं है। अलबत्ता इसी परिवार में करीब दो पीढ़ी पहले एक विकलांग महिला ब्याह कर आई थी। जिसके आधार पर स्थानीय स्वास्थ्य महकमा इसे आनुवंशिक बीमारी होने का भी अनुमान लगा रहा है। बीमारी जो भी हो पर इन गरीब परिवारों को सरकार से मदद की दरकार है। परिवार के गैर विकलांग पुरुष और महिला किसी तरह मजदूरी कर के दो जून की रोटी का जुगाड़ कर पाते हैं। विकलांगों का इलाज कराने में वे असमर्थ हैं। जिस कारण वे इस समस्या को वे ईश्वर की मर्जी पर छोड़ दिए हैं। एक ही परिवार में कई सदस्यों के विकलांग होने की खबर पर शनिवार को मुंगराबादशाहपुर के प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. आरपी सिंह के साथ स्वास्थ्य टीम गांव में पहुंची। जहां से पानी का सैंपल लिया। परिवरा के लोग इंडिया मार्का टू हैंडपंप से पानी पीते हैं। परिवारों की जांच रिपोर्ट मुख्य चिकित्साधिकारी को भेज दिया गया है। चिकित्सकों को अनुमान है कि या तो पानी में कोई गड़बड़ी होगी या फिर यह आनुवंशिक बीमारी होगी। बहरहाल रोग की सही जानकारी जांच के बाद ही पता चल सकेगी।
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पानी की जांच के लिए सैंपल लिया गया है। यह बीमारी आनुवंशिक भी हो सकती है। इसकी जांच के लिए सभी पीड़ितों को इलाहाबाद मेडिकल कालेज भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने पर प्रभावी कार्यवाही की जाएगी।
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डा. रामजी पांडेय
मुख्य चिकित्साधिकारी जौनपुर