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शहर की सीमी से लगे विद्यालय बने महिलाओं की पहली पसंद
Updated Wed, 05 Sep 2018 12:44 AM IST
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जौनपुर। प्रदेश में 41556 सहायक अध्यापक भर्ती प्रक्रिया के तहत जिले में 1065 पदों के सापेक्ष मंगलवार को डायट परिसर में 424 महिलाओं को उनके पसंद के विद्यालय आवंटित कर दिए गए। पहले दिन महिला और विकलांग अभ्यर्थियों को बुलाया गया था। उनसे विकल्प लेकर विद्यालय आवंटित किए गए। अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए 11 काउंटर खोले गए थे। सभी काउंटरों पर खंड शिक्षा अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डा. राजेंद्र सिंह खुद पूरी व्यवस्था की निगरानी कर रहे थे। काउंसिलिंग के लिए सुबह आठ बजे से ही जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में महिला अभ्यर्थियों की भीड़ जमा होने लगी थी।
शिक्षक भर्ती की काउंसिलिंग के लिए जिला शिक्षा एंव प्रशिक्षण संस्थान में व्यवस्था की गई थी। यहां सुबह होते ही प्रदेश के विभिन्न अंचलों से चयनित अभ्यर्थियों व उनके अभिभावकों की भीड़ जमा होने लगी थी। अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए बेसिक शिक्षाधिकारी डा. राजेन्द्र सिंह ने विकास खंड वार स्कूलों की सूची चस्पा कराई थी। अभ्यर्थियों को काउंसिलिंग में क्या. क्या प्रपत्र लगाना है इसके लिए अलग से पटल पर कर्मचारी की तैनाती की गई थी। काउंसिलिंग में आई 424 महिलाओं के साथ उनके परिवार के भी सदस्य रहे जिससे डायट परिसर भीड़ से पट गया था। हाईवे के किनारे और शहर के करीब वाले विकास खंडों के विद्यालय महिलाओं के पहली पसंद बने। हाईवे व मुख्य मार्ग से सटे डोभी ब्लाक, केराकत, जलालपुर, सिरकोनी, बक्शा व बदलापुर विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय महिलाओं ने विकल्प चुनने में प्राथमिकता दी। काउंसिलिंग के दौरान शिक्षिकाओं से विभागीय स्तर पर उनसे विकल्प पत्र मांगा गया था। जिसे भरने से पहले युवतियां, महिलायें वहां मौजूद अधिकारियों से आने जाने के लिए रास्ता और वाहन की सुविधा के बारे में पूछती रहीं। आजमगढ़ की विनीता चौहान, प्रीति जायसवाल, वाराणसी की अराधना मौर्य, होरैया आजमगढ़ की मीरा मौर्य, कामिनी यादव, गाजीपुर से आई श्वेता तिवारी, सुष्मा सिंह ने स्कूल लेने से पहले वहां आने. जाने के बारे में आवागमन की खोजबीन की, फिर विकल्प पत्र भरकर बीएसए को सौंपा।
जौनपुर। जिले की सुल्तानपुर की सीमा से लगे सुइथाकला ब्लाक के विभिन्न विद्यालयों में कुल 190 सीटें हैं लेकिन यहां सिर्फ सात महिलाओं ने अपनी पसंद का विद्यालय चुना जबकि शाबहंज सोंधी विकास खंड के कुल 80 सीटों में से नौ महिलाओं ने अपना विद्यालय आवंटन के लिए अपने विकल्प का विद्यालय चुना। अधिकतर महिलाओं ने शहर से की सीमा से लगे ब्लाकों के विद्यालयों को चुना है। धर्मापुर, सिरकोनी, सिकरारा, करंजाकला व बक्शा में तैनाती के लिए महिला शिक्षिकाओं ने तेजी दिखाई है।
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जौनपुर। आजमगढ़ जिले के पवंई ब्लाक अन्तर्गत भुगली निवासी ललिता देवी पत्नी पंकज का नाम क्रमांक संख्या 178 पर दर्ज था। उसे भी स्कूल आवंटित करने के लिए काउंसिंलिग प्रपत्र जमा करा लिया गया लेकिन इस बीच सचिव बेसिक शिक्षा परिषद ने बीएसए जौनपुर को फैक्स के माध्यम से उक्त चयन को रोक दिया। ललिता की काउंसिलिंग क्यों रोकी गई इसे बीएसए को भी पता नहीं है। वह कहते हैं कि ऊपर से फोन आया और उन्होंने काउंसिलिंग रोक दी। क्या मामला है यह ऊपर के अधिकारी ही बता सकते हैं।
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शिक्षक भर्ती की काउंसिलिंग के लिए जिला शिक्षा एंव प्रशिक्षण संस्थान में व्यवस्था की गई थी। यहां सुबह होते ही प्रदेश के विभिन्न अंचलों से चयनित अभ्यर्थियों व उनके अभिभावकों की भीड़ जमा होने लगी थी। अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए बेसिक शिक्षाधिकारी डा. राजेन्द्र सिंह ने विकास खंड वार स्कूलों की सूची चस्पा कराई थी। अभ्यर्थियों को काउंसिलिंग में क्या. क्या प्रपत्र लगाना है इसके लिए अलग से पटल पर कर्मचारी की तैनाती की गई थी। काउंसिलिंग में आई 424 महिलाओं के साथ उनके परिवार के भी सदस्य रहे जिससे डायट परिसर भीड़ से पट गया था। हाईवे के किनारे और शहर के करीब वाले विकास खंडों के विद्यालय महिलाओं के पहली पसंद बने। हाईवे व मुख्य मार्ग से सटे डोभी ब्लाक, केराकत, जलालपुर, सिरकोनी, बक्शा व बदलापुर विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय महिलाओं ने विकल्प चुनने में प्राथमिकता दी। काउंसिलिंग के दौरान शिक्षिकाओं से विभागीय स्तर पर उनसे विकल्प पत्र मांगा गया था। जिसे भरने से पहले युवतियां, महिलायें वहां मौजूद अधिकारियों से आने जाने के लिए रास्ता और वाहन की सुविधा के बारे में पूछती रहीं। आजमगढ़ की विनीता चौहान, प्रीति जायसवाल, वाराणसी की अराधना मौर्य, होरैया आजमगढ़ की मीरा मौर्य, कामिनी यादव, गाजीपुर से आई श्वेता तिवारी, सुष्मा सिंह ने स्कूल लेने से पहले वहां आने. जाने के बारे में आवागमन की खोजबीन की, फिर विकल्प पत्र भरकर बीएसए को सौंपा।
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जौनपुर। जिले की सुल्तानपुर की सीमा से लगे सुइथाकला ब्लाक के विभिन्न विद्यालयों में कुल 190 सीटें हैं लेकिन यहां सिर्फ सात महिलाओं ने अपनी पसंद का विद्यालय चुना जबकि शाबहंज सोंधी विकास खंड के कुल 80 सीटों में से नौ महिलाओं ने अपना विद्यालय आवंटन के लिए अपने विकल्प का विद्यालय चुना। अधिकतर महिलाओं ने शहर से की सीमा से लगे ब्लाकों के विद्यालयों को चुना है। धर्मापुर, सिरकोनी, सिकरारा, करंजाकला व बक्शा में तैनाती के लिए महिला शिक्षिकाओं ने तेजी दिखाई है।
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जौनपुर। आजमगढ़ जिले के पवंई ब्लाक अन्तर्गत भुगली निवासी ललिता देवी पत्नी पंकज का नाम क्रमांक संख्या 178 पर दर्ज था। उसे भी स्कूल आवंटित करने के लिए काउंसिंलिग प्रपत्र जमा करा लिया गया लेकिन इस बीच सचिव बेसिक शिक्षा परिषद ने बीएसए जौनपुर को फैक्स के माध्यम से उक्त चयन को रोक दिया। ललिता की काउंसिलिंग क्यों रोकी गई इसे बीएसए को भी पता नहीं है। वह कहते हैं कि ऊपर से फोन आया और उन्होंने काउंसिलिंग रोक दी। क्या मामला है यह ऊपर के अधिकारी ही बता सकते हैं।