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एक्टिव केस फाइडिंग अभियान में खोजे जाएंगे टीबी के मरीज
Updated Sun, 02 Sep 2018 12:28 AM IST
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जौनपुर। सीएमओ डा. रामजी पांडेय ने कहा कि टीबी के मरीजों की स्क्रीनिंग के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें चार सितंबर से 14 सितंबर तक घर-घर जाकर टीबी के मरीजों की तलाश करेंगी। आशा, एएनएम और आंगनबाड़ी की सहयोग से जिले में क्षय रोग के लिहाज से संवेदनशील इलाकों में घर-घर भ्रमण कर मरीजों की तलाश की जाएगी। कहा कि सरकार वषज्ञ 2025 तक टीबी को खत्म करने के लिए एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान चला रही है। इसके तहत 250 टीमों के माध्यम से मरीजों की तलाश कराई जाएगी।
शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने बताया कि बलगम के जांच तथा उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। सघन अभियान चलाकर क्षेत्र में ऐसे लोगों की तलाश की जाएगी जिनको दो सप्ताह से खांसी, बुखार, रात में पसीना आना, वजन कम होना, भूख कम लगना, बलगम में खून आ रहा तो उनकी जांच नजदीकी माइक्रोस्कोपी केंद्र पर कराई जाएगी। एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान के तहत जिले 50 लाख की आबादी के सापेक्ष दस फीसदी टीबी संभावित आबादी (लगभग पांच लाख) पर कुल 250 टीमों के माध्यम से टीबी के मरीजों की तलाश की जाएगी। जिले के 26 माइक्रोस्कोपिक केंद्रों पर बलगम की जांच की सुविधा उपलब्ध है। 250 टीमों पर 50 पर्यवेक्षक लगाए गए हैं। मानिटरिंग के लिए एमओटीसी व अन्य अधिकारियों को लगया गया है। टीबी के मरीजों के बलगम की जांच के लिए टीडीसी एवं स्वास्थ्य केंद्र शाहगंज पर स्थापित सीबीनाट मशीनों का भी उपयोग किया जाएगा। इस मौके पर एमओटीसी डा. राकेश कुमार सिंह, जिला कार्यक्रम समन्वयक सलिल कुमार मौजूद थे।
शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने बताया कि बलगम के जांच तथा उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। सघन अभियान चलाकर क्षेत्र में ऐसे लोगों की तलाश की जाएगी जिनको दो सप्ताह से खांसी, बुखार, रात में पसीना आना, वजन कम होना, भूख कम लगना, बलगम में खून आ रहा तो उनकी जांच नजदीकी माइक्रोस्कोपी केंद्र पर कराई जाएगी। एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान के तहत जिले 50 लाख की आबादी के सापेक्ष दस फीसदी टीबी संभावित आबादी (लगभग पांच लाख) पर कुल 250 टीमों के माध्यम से टीबी के मरीजों की तलाश की जाएगी। जिले के 26 माइक्रोस्कोपिक केंद्रों पर बलगम की जांच की सुविधा उपलब्ध है। 250 टीमों पर 50 पर्यवेक्षक लगाए गए हैं। मानिटरिंग के लिए एमओटीसी व अन्य अधिकारियों को लगया गया है। टीबी के मरीजों के बलगम की जांच के लिए टीडीसी एवं स्वास्थ्य केंद्र शाहगंज पर स्थापित सीबीनाट मशीनों का भी उपयोग किया जाएगा। इस मौके पर एमओटीसी डा. राकेश कुमार सिंह, जिला कार्यक्रम समन्वयक सलिल कुमार मौजूद थे।
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