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हाइवे की सड़कें हुई बदहाल, राह चलना हुआ दूभर
Updated Sat, 01 Sep 2018 12:25 AM IST
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जौनपुर। जिले में शाहगंज मार्ग को छोड़ दिया जाए तो जिले से होकर गुजरने वाले किसी भी हाईवे पर सफर आसान नहीं है। सड़कों पर गड्ढे की वजह से राह चलना मुश्किल हो गया है। वाराणसी-लखनऊ हाईवे की दशा तो और ही खराब है। सड़कों के खराब होने के चलते एक घंटे का सफर डेढ़ से दो घंटे में पूरा हो रहा है। गड्ढों में तब्दील सड़क पर चलने वाले दैनिक यात्री सरवाइकल और स्पाइंडलाइटिस जैसी बीमारी की चपेट में आ रहे हैं।
जिले में कहने को तो चार हाईवे है। इसमें वाराणसी-सुल्तानपुर मार्ग, जौनपुर-रायबरेली मार्ग, जौनपुर-आजमगढ़ मार्ग, जौनपुर-मिर्जापुर मार्ग प्रमुख है। इन सड़कों पर गौर करें तो सुल्तानपुर से जौनपुर होकर वाराणसी जाने वाली सड़क बीते तीन सालों से बन रही है। इसकी वजह से हर दो किमी पर गड्ढे में पूरी सड़क तब्दील हो गई है। जौनपुर जिले की सीमा में तकरीबन 70 किमी दूरी तय करने में लोगों को तीन से चार घंटे खराब सड़कों की वजह से लग जाता है। शहर की सीमा में सड़क की हालत तो इस कदर खराब है कि हर रोज स्कूल जाने वाले छात्र गिरकर घायल हो जाते हैं। बावजूद इसे ठीक कराने का कोई प्रयास शुरू नहीं किया गया। जौनपुर से भदोही होते मिर्जापुर जाने वाले मार्ग की स्थिति लंबे समय से खराब है। साढ़े तीन सालों से ओवरब्रिज का निर्माण हो रहा है लेकिन अभी 50 फीसदी काम भी पूरा नहीं हो सका है। इसकी वजह से मिर्जापुर आने जाने वाले वाहनों को पांच किमी की अतिरिक्त दूरी तय कर आना जाना पड़ता है। खराब सड़क की वजह से गोरखपुर की तरफ से आने वालों ने राह ही बदल दी है। अब लोग वाराणसी होकर मिर्जापुर जाने लगे है। पूरी सड़क भारी वाहनों के चलने से खराब हो चुकी है। पुल भी जर्जर हो गए हैं। जौनपुर से आजमगढ़ आने वाला मार्ग कुछ दूरी तक ठीक जरूर है लेकिन सड़क पर गड्ढों की वजह से वाहन चालकों को दिक्कत होती है। कभी-कभी तो वाहन इसकी वजह से अनियंत्रित हो जाते हैं। जौनपुर से शाहगंज होते आजमगढ़ जाने वाली सड़क अलबत्ता इधर छह माह से ठीक हो गई है। अन्य सड़कों पर तो राह चलना दुश्वार हो गया है।
जिले में कहने को तो चार हाईवे है। इसमें वाराणसी-सुल्तानपुर मार्ग, जौनपुर-रायबरेली मार्ग, जौनपुर-आजमगढ़ मार्ग, जौनपुर-मिर्जापुर मार्ग प्रमुख है। इन सड़कों पर गौर करें तो सुल्तानपुर से जौनपुर होकर वाराणसी जाने वाली सड़क बीते तीन सालों से बन रही है। इसकी वजह से हर दो किमी पर गड्ढे में पूरी सड़क तब्दील हो गई है। जौनपुर जिले की सीमा में तकरीबन 70 किमी दूरी तय करने में लोगों को तीन से चार घंटे खराब सड़कों की वजह से लग जाता है। शहर की सीमा में सड़क की हालत तो इस कदर खराब है कि हर रोज स्कूल जाने वाले छात्र गिरकर घायल हो जाते हैं। बावजूद इसे ठीक कराने का कोई प्रयास शुरू नहीं किया गया। जौनपुर से भदोही होते मिर्जापुर जाने वाले मार्ग की स्थिति लंबे समय से खराब है। साढ़े तीन सालों से ओवरब्रिज का निर्माण हो रहा है लेकिन अभी 50 फीसदी काम भी पूरा नहीं हो सका है। इसकी वजह से मिर्जापुर आने जाने वाले वाहनों को पांच किमी की अतिरिक्त दूरी तय कर आना जाना पड़ता है। खराब सड़क की वजह से गोरखपुर की तरफ से आने वालों ने राह ही बदल दी है। अब लोग वाराणसी होकर मिर्जापुर जाने लगे है। पूरी सड़क भारी वाहनों के चलने से खराब हो चुकी है। पुल भी जर्जर हो गए हैं। जौनपुर से आजमगढ़ आने वाला मार्ग कुछ दूरी तक ठीक जरूर है लेकिन सड़क पर गड्ढों की वजह से वाहन चालकों को दिक्कत होती है। कभी-कभी तो वाहन इसकी वजह से अनियंत्रित हो जाते हैं। जौनपुर से शाहगंज होते आजमगढ़ जाने वाली सड़क अलबत्ता इधर छह माह से ठीक हो गई है। अन्य सड़कों पर तो राह चलना दुश्वार हो गया है।
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