फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jaunpur News ›   कई ब्लॉकों से गायब हो गई खाद्यान्न घोटाले की पत्रावली

कई ब्लॉकों से गायब हो गई खाद्यान्न घोटाले की पत्रावली

Sun, 19 Aug 2018 01:16 AM IST
Updated Sun, 19 Aug 2018 01:16 AM IST
विज्ञापन
कई ब्लॉकों से गायब हो गई खाद्यान्न घोटाले की पत्रावली
जौनपुर। वर्ष 2004- 05 में जिले के सभी 21 विकास खंडों में हुए खाद्यान्न घोटाले से संबंधित कई महत्वपूर्ण पत्रावलियां गायब कर दी गई हैं। करीब 36 हजार कुंतल खाद्यान्न घोटाले की जांच कर रही आर्थिक अपराध शाखा वाराणसी की टीम जिले के विकास खंडों में घोटाले से संबंधित फाइलों की तलाश कर रही है लेकिन जांच टीम को पत्रावलियां नहीं मिल रही हैं। आरोप है कि ब्लाक के अधिकारी और कर्मचारी भी जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं।
विज्ञापन

वर्ष 2004-05 में संपूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना के तहत सभी 21 विकास खंडों में कराए गए विकास कार्यों में लगे मजदूरों को काम के बदले खाद्यान्न दिया जा रहा था। मजदूरों को 58 रुपये मजदूरी दी जानी थी जिसमें उन्हें 23 रुपये नकद और बाकी 35 रुपये का खाद्यान्न दिया जाना था। मजदूरों को नकदी का भुगतान तो कर दिया गया था लेकिन उनके हिस्से के खाद्यान्न की काला बाजारी कर दी गई थी। जांच में कुल 36 हजार कुंतल (तकरीबन आठ करोड़ रुपये) के खाद्यान्न घोटाले का मामला सामने आया था। खाद्यान्न का रख रखाव विपणन शाखा का इंस्पेक्टर करता था। उस समय सात सौ रुपये प्रति कुंतल सरकारी दर पर चावल का उठान होता था। जांच को बीच में घोटाले बाजों ने अपने रसूख के बल पर दबवा दिया था। अब एक बार फिर से जांच शुरू हुई तो ब्लाकों में हड़कंप मच गया है। जांच को लेकर वाराणसी की आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन की टीम ने जिले में डेरा डाल दिया है। जांच टीम सभी विकास खंडों में संबंधित परियोजना से जुड़ी पत्रावलियों की तलाश कर रही है। जांच में कई महत्वपूर्व दस्तावेजों के ब्लाक कार्यालय से गायब कर दिए जाने का मामला सामने आया। जांच टीम में एक सीओ के साथ चार इंस्पेक्टर शामिल हैं। योजना के तहत जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत और ग्राम पंचायत से काम कराए गए थे। संबंधित अभिलेख न मिलने से जांच कार्य प्रभावित हो रहा है।
विज्ञापन



जौनपुर। खाद्यान्न घोटाले की जांच कर रहे आर्थिक अपराध शाखा के सीओ ने कहा है कि खाद्यान्न घोटाले से संबंधित पत्रावली उपलब्ध न कराने पर संबंधित खंड विकास अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज कराया जाएगा। खंड विकास अधिकारियों से परियोजनावार कार्यप्रभारियों की सूची उनके मोबाइल नंबर, वर्तमान में उनकी तैनाती स्थल, स्थाई पता, खाद्यान्न आवंटन से सम्बंधित विवरण, परियोजनावार पंचायत सेक्रेटरी का नाम, तैनाती स्थल, स्थायी पता, परियोजना से संबंधित कोटेदार के नाम पता मोबाइल नंबर, परियोजनावार सामग्री आपूर्तिकर्ता तथा उस समय के ग्राम प्रधान का नाम पता मोबाइल नंबर मांगा गया है। जांच टीम ने खंड विकास अधिकारयों को चेतावनी दी है कि अगर जांच में उनके द्वारा असहयोग किया गया तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन



वर्ष 2004-05 में संपूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना(एसजीआरवाई) के तहत कराए गए विकास कार्यों में करीब 36 हजार कुंतल खाद्यान्न घोटाले की जांच चल रही है। विकास खंड कार्यालयों से अभिलख नहीं मिल रहे। जिसके लिए मुख्य विकास अधिकारी से कहा गया है। अभिलेख नहीं दिए गए तो उसके रख रखाव के जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
गजेंद्र पाल सिंह
सीओ
आर्थिक अपराध शाखा वाराणसी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed