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बर्न के मरीजों की बढ़ रही संख्या,सुविधाएं नदारद

Mon, 23 Apr 2018 12:32 AM IST
Updated Mon, 23 Apr 2018 12:32 AM IST
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बर्न के मरीजों की बढ़ रही संख्या,सुविधाएं नदारद
बर्न के मरीजों की बढ़ रही तादाद, सुविधाएं नदारद
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इस माह अभी तक भर्ती हो चुके हैं 16 मरीज
बिजली नहीं रहने पर बंद रहती है एसी
अस्पताल में नहीं है बर्न की अधिकांश दवाएं
अमर उजाला ब्यूरो
जौनपुर। गर्मी में अगलगी की घटनाएं लगातार बढ़ रही है। इसके बाद भी जिला अस्पताल में मौजूद बर्न वार्ड में सुविधाओं का टोटा है। बिजली कट जाने के बाद एसी नहीं चलती है। जबकि जनरेटर भी मौजूद है। लेकिन उसे नहीं चलाया जाता है। वहीं दवाओं का भी अभाव है। चिकित्सकों द्वारा धड़ल्ले से बाहर की दवाएं लिखी जा रही है। जिससे मरीजों सहित तीमारदारों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं उनको आर्थिक चपत भी लग रही है।
गर्मी के मौसम आए दिन आग बुझाने सहित अन्य कारणों से लोग झुलस रहे हैं। ऐसे में पीड़ित रोजाना अस्पताल आ रहे हैं। इस माह में अभी तक कुल 16 मरीज भर्ती हो चुके हैं। यह सभी मरीज आग लगने से बुझाने सहित अन्य कारणों से झुलसे हैं, लेकिन जिला अस्पताल में स्थित बर्न वार्ड में भर्ती मरीजों को सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। इन वार्ड को ठंडा रखने के लिए दो एसी तो लगाई गई है। जिसमें से दोनों एसी सिर्फ बिजली रहने तक ही चलती है। इसके बाद एसी नहीं चलती है। जबकि अस्पताल में जनरेटर भी मौजूद है, लेकिन एसी चलाने के उसे नहीं चलाया जाता है। दोनों एसी का जनरेटर से कनेक्शन ही नहीं किया गया है। अस्पताल में आग से जलने वाली अधिकांश दवाओं का टोटा है। ऐसे में मरीजों को दवाएं बाहर से खरीदनी पड़ रही है।
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इनसेट:
बाहर से खरीदना पड़ रही है दवाएं
जौनपुर। बर्न वार्ड में भर्ती मरीजों की मानें तो उनको अधिकांश दवाएं बाहर से खरीदनी पड़ रही है। चिकित्सकों द्वारा धड़ल्ले से बाहर की दवाएं लिख दिया जा रहा है।जिससे उनको परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। धर्मापुर ब्लॉक के किमिरीदीपुर गांव निवासी रवींद्र यादव ने बताया कि हमारे पत्नी के भाई भर्ती हैं। बिजली कट जाने के बाद एसी नहीं चलती है, जब तक बिजली रहती है। तभी तक एसी चलती है। केराकत ब्लॉक के सोहनी बरबसपुर जुमादीन ने बताया कि मेरी पत्नी अफसाना भर्ती हैं, लेकिन अधिकांश दवाएं बाहर से खरीदनी पड़ रही है। अस्पताल से दवाएं नहीं मिल रही है। यहां तक पट्टी भी बाहर से खरीद कर लानी पड़ रही है।
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कोट:
किसी गड़बड़ी के कारण जनरेटर से एसी नहीं चल पा रही है। जिसे ठीक कराने का निर्देश दिया गया है। सप्लाई देने वालों द्वारा दवाएं कम दी जा रही है। जिससे दवाओं की कमी है। दवाओं को मंगाने का प्रस्ताव भेजा गया है।
एसके पांडेय, सीएमएस जौनपुर।
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