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शहर में चलने के लिए वाहनों को नपा से लेना होगा लाइसेंस
Updated Fri, 13 Oct 2017 12:19 AM IST
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जौनपुर। शहर में सवारी ढोने वाले आटो रिक्शा, बस, जीप संचालकों को अब शहर में चलने के लिए नगर पालिका प्रशासन से भी लाइसेंस लेना होगा। इन सवारी वाहनों के लिए अलग-अलग शुल्क निर्धारित किया गया है। अगले महीने से अगर बिना लाइसेंस ऐसे वाहन पकड़े गए तो उनसे एक हजार रुपये तक जुर्माना वसूला जाएगा। नगरपालिका का यह फरमान जारी होते ही वाहन संचालकों में हड़कंप मचा है। यह बात भी कही जा रही है कि नगर पालिका की इस नई व्यवस्था से सवारी वाहन चालक किराया बढ़ाकर ले सकते हैं जिससे आम लोगों पर बोझ बढ़ सकता है।
नगरपालिका प्रशासन का मानना है कि शहर में आटो रिक्शा, जीप, मिनी बस, बस आदि सवारी वाहनों की भरमार है। इन वाहनों के दबाव से शहर में जाम तो लगता ही है, साथ ही सड़कें भी खराब हो रही हैं। ऐसे वाहनों से नगरपालिका की क्षति हो रही लेकिन उसके एवज में पालिका प्रशासन को कोई आमदनी नहीं हो रही है। नगरपालिका अधिनियम 1916 की धारा (1) के तहत अपने अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए शासनादेश संख्या 184/9-9-97-23 ज/97 के तहत नगरपालिका परिषद ने सवारी वाहनों के लिए वार्षिक लाइसेंस शुल्क निर्धारित किया है। नगरपालिका प्रशासन की ओर से निर्धारित किए गए शुल्क के मुताबिक आटो रिक्शा दो सीटर के लिए 150 रुपये, आटो रिक्शा 4 सीटर के लिए 200, आटो रिक्शा सात सीटर के लिए 250, मिनी बस और जीप के लिए 500 और बड़ी बस के लिए 1000 रुपये वार्षिक शुल्क निर्धारित किया गया है। अधिशासी अधिकारी कृष्ण चंद्र ने बताया कि वाहन चालक पालिका कोष में निर्धारित शुल्क जमा कर वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए एक माह के भीतर लाइसेंस प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि एक माह के भीतर लाइसेंस न प्राप्त करने वाले वाहन पर अर्थ दंड लगाया जाएगा।
अधिशासी अधिकारी कृष्ण चंद्र ने बताया कि शहर में प्रवेश करने पर निजी वाहनों के लिए नगरपालिका से लाइसेंस नहीं लेना होगा। उन्होंने बताया कि नया नियम व्यवसायिक वाहनों पर ही लागू होगा।
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नगरपालिका प्रशासन का मानना है कि शहर में आटो रिक्शा, जीप, मिनी बस, बस आदि सवारी वाहनों की भरमार है। इन वाहनों के दबाव से शहर में जाम तो लगता ही है, साथ ही सड़कें भी खराब हो रही हैं। ऐसे वाहनों से नगरपालिका की क्षति हो रही लेकिन उसके एवज में पालिका प्रशासन को कोई आमदनी नहीं हो रही है। नगरपालिका अधिनियम 1916 की धारा (1) के तहत अपने अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए शासनादेश संख्या 184/9-9-97-23 ज/97 के तहत नगरपालिका परिषद ने सवारी वाहनों के लिए वार्षिक लाइसेंस शुल्क निर्धारित किया है। नगरपालिका प्रशासन की ओर से निर्धारित किए गए शुल्क के मुताबिक आटो रिक्शा दो सीटर के लिए 150 रुपये, आटो रिक्शा 4 सीटर के लिए 200, आटो रिक्शा सात सीटर के लिए 250, मिनी बस और जीप के लिए 500 और बड़ी बस के लिए 1000 रुपये वार्षिक शुल्क निर्धारित किया गया है। अधिशासी अधिकारी कृष्ण चंद्र ने बताया कि वाहन चालक पालिका कोष में निर्धारित शुल्क जमा कर वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए एक माह के भीतर लाइसेंस प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि एक माह के भीतर लाइसेंस न प्राप्त करने वाले वाहन पर अर्थ दंड लगाया जाएगा।
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अधिशासी अधिकारी कृष्ण चंद्र ने बताया कि शहर में प्रवेश करने पर निजी वाहनों के लिए नगरपालिका से लाइसेंस नहीं लेना होगा। उन्होंने बताया कि नया नियम व्यवसायिक वाहनों पर ही लागू होगा।
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