{"_id":"59c01a0e4f1c1b2a688b53f7","slug":"150576183818-jaunpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कुलपति ने एमबीए विभागों का किया निरीक्षण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कुलपति ने एमबीए विभागों का किया निरीक्षण
Updated Tue, 19 Sep 2017 12:40 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजाराम यादव ने सोमवार को एमबीए के सभी विभागों का निरीक्षण किया। इस दौरान 12 शिक्षक नदारद मिले। कुलपति ने इन शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा है।
आईबीएम संस्थान में व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के आधा दर्जन विभाग संचालित होते हैं। इनमें 36 शिक्षक व कर्मचारी कार्यरत हैं। विभाग में छात्रों के पठन पाठन में शिक्षकों की ओर से बरती जा रही उदासीनता की शिकायत कुलपति से की गई थी। कुलपति प्रो. राजाराम यादव ने शिक्षकों पर लगाम कसने के लिए सोमवार को साढ़े दस बजे अचानक आईबीएम संस्थान का निरीक्षण किया। उन्होंने बारी-बारी से सभी विभागों को देखा। इस दौरान शिक्षकों व कर्मचरियों को मिला कर चार लोग मौजूद रहे। बारह शिक्षक और कुछ कर्मचारी अनुपस्थिति पाए गए। कुलपति ने गैरहाजिर शिक्षकों एवं कर्मचारियों की को चिह्नित किया। उन्होंने ड्यूटी से नदारद 12 शिक्षकों को एक सप्ताह के भीतर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है। कुलपति के इस कदम से सभी विभागों में हड़कंप मच गया। लोग एक दूसरे को फोन पर सूचना देकर बुलाया और सतर्क कर दिया। हालांकि की कुलपति ने निरीक्षण करने के बाद वहां से सीधे कार्यालय में पहुंचे, तब जाकर सभी विभागों के कर्मचारियों एवं शिक्षकों ने राहत की सांस ली।
विज्ञापन
आईबीएम संस्थान में व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के आधा दर्जन विभाग संचालित होते हैं। इनमें 36 शिक्षक व कर्मचारी कार्यरत हैं। विभाग में छात्रों के पठन पाठन में शिक्षकों की ओर से बरती जा रही उदासीनता की शिकायत कुलपति से की गई थी। कुलपति प्रो. राजाराम यादव ने शिक्षकों पर लगाम कसने के लिए सोमवार को साढ़े दस बजे अचानक आईबीएम संस्थान का निरीक्षण किया। उन्होंने बारी-बारी से सभी विभागों को देखा। इस दौरान शिक्षकों व कर्मचरियों को मिला कर चार लोग मौजूद रहे। बारह शिक्षक और कुछ कर्मचारी अनुपस्थिति पाए गए। कुलपति ने गैरहाजिर शिक्षकों एवं कर्मचारियों की को चिह्नित किया। उन्होंने ड्यूटी से नदारद 12 शिक्षकों को एक सप्ताह के भीतर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है। कुलपति के इस कदम से सभी विभागों में हड़कंप मच गया। लोग एक दूसरे को फोन पर सूचना देकर बुलाया और सतर्क कर दिया। हालांकि की कुलपति ने निरीक्षण करने के बाद वहां से सीधे कार्यालय में पहुंचे, तब जाकर सभी विभागों के कर्मचारियों एवं शिक्षकों ने राहत की सांस ली।
विज्ञापन