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आस्था की डगर पर कीचड़ और गड्ढे
Updated Tue, 19 Sep 2017 01:39 AM IST
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जौनपुर। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में जर्जर सड़कों के चलते इस बार शारदीय नवरात्र में पूजा समितियों से लेकर श्रद्धालुओं तक को मुसीबतों का सामना करना पड़ेगा। गुरुवार से शारदीय नवरात्र शुरू हो रहा है। इसके बाद षष्ठी तक पंडालों में मूर्तियां स्थापित हो जाएंगी। पूजा समितियों को मां दुर्गा की प्रतिमाएं जर्जर गड्ढा और कीचड़युक्त सड़कों से होकर प्रतिमाएं पंडालों तक ले जानी होगी। ऐसे में उन्हें टूटी सड़कों से होकर जाने में मूर्तियां खंडित होने का भय सता रहा है। रविवार को रामलीला समिति ने शाहगंज में सड़कों की मरम्मत, सफाई आदि को लेकर चक्काजाम किया था वहीं दुर्गा पूजा समितियों ने भी इन समस्याओं पर नाराजगी जताई थी।
जिले के पूजा पंडालों में शारदीय नवरात्र शुरू होने के साथ ही परंपरागत रूप से षष्ठी तक मूर्तियां स्थापित हो जाएंगी। सप्तमी को दर्शनार्थ पट खुल जाएंगे और तीन दिनों का दुर्गा पूजनोत्सव की धूम रहेगी। शहर में आकर्षक पंडाल बनाए जा रहे हैं जिसमें स्तापित दुर्गा प्रतिमाओं के दर्शन के लिए शहर से लेकर गांव तक के श्रद्धालु उमड़ेंगे। सहूलियत को देखते हुए पूजा समितियां नवरात्र से पहले सड़कें दुरुस्त करने की मांग प्रशासन से करती रही हैं लेकिन ऐसा नहीं हुआ। न तो सड़कों के गड्ढे भरे गए और न ही शहर को धूल मुक्त करने का प्रयास हुआ। कई स्थानों पर नालियों की खुदाई कर उसे यथावत छोड़ दिया गया है। इसके चलते वाहनों के आने पर धूल उड़ती है जिससे लोग मुंह ढंकने के लिए मजबूर होते हैं। कुत्तूपुर से लेकर नगर कोतवाली तक सड़क बेहद खराब है। नईगंज से जगदीशपुर तक हाईवे पर धूल और गुबार से लोग परेशान हैं। शहर में कचहरी से ओलंदगंज रोड, सद्भावना पुल रोड, सब्जी मंडी, पालीटेक्निक से ओलंदगंज रोड दुर्दशा का शिकार है। जहां-तहां नालियां जाम होने के चलते गंदा पानी सड़कों पर फैला है। कीचड़ से होकर लोग आने-जाने को विवश हैं। दुर्गा पूजा पंडालों के आसपास सफाई और पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। श्री दुर्गापूजा महासमिति ने एक सप्ताह पूर्व जिला प्रशासन को पत्रक देकर बिजली, पानी, सड़क, सुरक्षा सुविधाओं को पुख्ता करने की मांग की थी। साथ ही चेतावनी दी है कि अगर दुर्गोत्सव में कोई परेशानी हुई तो पूजन समितियां सड़क पर उतरेंगी।
इनसेट
शहर में आते ही गड्ढों से सामना
शहर में प्रवेश के रास्ते भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। शहर में प्रवेश करते ही लोगों को गड्ढायुक्त सड़क और धूल-गुबार से सामना करना होता है। मडिय़ाहूं से शहर में आने वालों को सिटी स्टेशन के निकट बन रहे ओवरब्रिज के पास सड़क पर बने गड्ढों से गुजरना होता है। यहां पैदल भी चलना बड़ा मुश्किल होता है। एक किलोमीटर के क्षेत्रफल में धूल गुबार उड़ता रहता है। यही स्थिति शाहगंज की तरफ से शहर आने वाली सड़क की है। कुत्तूपुर के पास खानपुर मिल्कोपुर मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त है। सड़क के गड्ढों में पानी भरा है। बदलापुर, जफराबाद, मछलीशहर की सड़कों की दशा भी ऐसी ही है।
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कोट:
शहर में सड़कों को लेकर थोड़ी दिक्कत है। सड़कों को तात्कालिक तौर पर दुरुस्त करने के लिए हरसंभव कदम उठाने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया गया है।-सर्वज्ञ राम मिश्र, जिलाधिकारी
जिले के पूजा पंडालों में शारदीय नवरात्र शुरू होने के साथ ही परंपरागत रूप से षष्ठी तक मूर्तियां स्थापित हो जाएंगी। सप्तमी को दर्शनार्थ पट खुल जाएंगे और तीन दिनों का दुर्गा पूजनोत्सव की धूम रहेगी। शहर में आकर्षक पंडाल बनाए जा रहे हैं जिसमें स्तापित दुर्गा प्रतिमाओं के दर्शन के लिए शहर से लेकर गांव तक के श्रद्धालु उमड़ेंगे। सहूलियत को देखते हुए पूजा समितियां नवरात्र से पहले सड़कें दुरुस्त करने की मांग प्रशासन से करती रही हैं लेकिन ऐसा नहीं हुआ। न तो सड़कों के गड्ढे भरे गए और न ही शहर को धूल मुक्त करने का प्रयास हुआ। कई स्थानों पर नालियों की खुदाई कर उसे यथावत छोड़ दिया गया है। इसके चलते वाहनों के आने पर धूल उड़ती है जिससे लोग मुंह ढंकने के लिए मजबूर होते हैं। कुत्तूपुर से लेकर नगर कोतवाली तक सड़क बेहद खराब है। नईगंज से जगदीशपुर तक हाईवे पर धूल और गुबार से लोग परेशान हैं। शहर में कचहरी से ओलंदगंज रोड, सद्भावना पुल रोड, सब्जी मंडी, पालीटेक्निक से ओलंदगंज रोड दुर्दशा का शिकार है। जहां-तहां नालियां जाम होने के चलते गंदा पानी सड़कों पर फैला है। कीचड़ से होकर लोग आने-जाने को विवश हैं। दुर्गा पूजा पंडालों के आसपास सफाई और पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। श्री दुर्गापूजा महासमिति ने एक सप्ताह पूर्व जिला प्रशासन को पत्रक देकर बिजली, पानी, सड़क, सुरक्षा सुविधाओं को पुख्ता करने की मांग की थी। साथ ही चेतावनी दी है कि अगर दुर्गोत्सव में कोई परेशानी हुई तो पूजन समितियां सड़क पर उतरेंगी।
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शहर में आते ही गड्ढों से सामना
शहर में प्रवेश के रास्ते भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। शहर में प्रवेश करते ही लोगों को गड्ढायुक्त सड़क और धूल-गुबार से सामना करना होता है। मडिय़ाहूं से शहर में आने वालों को सिटी स्टेशन के निकट बन रहे ओवरब्रिज के पास सड़क पर बने गड्ढों से गुजरना होता है। यहां पैदल भी चलना बड़ा मुश्किल होता है। एक किलोमीटर के क्षेत्रफल में धूल गुबार उड़ता रहता है। यही स्थिति शाहगंज की तरफ से शहर आने वाली सड़क की है। कुत्तूपुर के पास खानपुर मिल्कोपुर मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त है। सड़क के गड्ढों में पानी भरा है। बदलापुर, जफराबाद, मछलीशहर की सड़कों की दशा भी ऐसी ही है।
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शहर में सड़कों को लेकर थोड़ी दिक्कत है। सड़कों को तात्कालिक तौर पर दुरुस्त करने के लिए हरसंभव कदम उठाने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया गया है।-सर्वज्ञ राम मिश्र, जिलाधिकारी