{"_id":"599b2d244f1c1b60338b459d","slug":"15033418838-jaunpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मांगों को पूरा करने की आवाज बुलंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मांगों को पूरा करने की आवाज बुलंद
Updated Tue, 22 Aug 2017 12:35 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
जौनपुर। यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर बैंक कर्मियों ने सोमवार को यूनियन बैंक के जेसीज शाखा पर प्रदर्शन किया। इस दौरान मांगों को पूरा करने की मांग की। साथ ही 22 अगस्त को जनविरोधी बैंकिंग सुधार के विरोध में हड़ताल करने की चेतावनी दी।
जिलामंत्री आरपी सिंह ने कहा कि 10 लाख बैंक कर्मी एवं अधिकारी 22 अगस्त को जन विरोधी बैंकिंग सुधार के विरोध में हड़ताल करेंगे। यह सरकार जन विरोधी बैंकिंग सुधार कर रही है। कारपोरेट घरानों के एनपीए को बट्टे खाते में डालने का प्रयास कर रही है। राष्ट्रीयकृत बैंकों में अधिकतर जमा राशि मध्यम एवं गरीबों का है। प्राइवेट बैंकों की तर्ज पर विभिन्न प्रकार के बैंक शुल्क ग्राहकों से लिए जा रहे हैं। बचत खाते पर ब्याज दर भी कम कर दिया गया है।जनता के हित के लिए हमारा संगठन उसका विरोध कर रही है। प्रदर्शन करने वालों में यूपी बैंक इंपलाईज यूनियन के अध्यक्ष एसएन जायसवाल ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का आपस में विलय नहीं करने, उच्च प्रबंधन व कार्यकारी अधिकारियों का दायित्व खराब ऋणों के मामले में तय करने, खराब ऋणों की वसूली के लिए कठोर उपाय लागू करने, प्रस्तावित एफआरडीआई विधेयक को वापस लिए जाने आदि मांग की गई है। इस अवसर पर सुबाष सिंह, इंदर, अरुण सिंह, दुष्यंत, संजय पांडेय, प्रकाश वर्मा, श्रीदेव मौर्य, अभिषेक सिंह, कमलेश, बृजेश, बीपी श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे।
जिलामंत्री आरपी सिंह ने कहा कि 10 लाख बैंक कर्मी एवं अधिकारी 22 अगस्त को जन विरोधी बैंकिंग सुधार के विरोध में हड़ताल करेंगे। यह सरकार जन विरोधी बैंकिंग सुधार कर रही है। कारपोरेट घरानों के एनपीए को बट्टे खाते में डालने का प्रयास कर रही है। राष्ट्रीयकृत बैंकों में अधिकतर जमा राशि मध्यम एवं गरीबों का है। प्राइवेट बैंकों की तर्ज पर विभिन्न प्रकार के बैंक शुल्क ग्राहकों से लिए जा रहे हैं। बचत खाते पर ब्याज दर भी कम कर दिया गया है।जनता के हित के लिए हमारा संगठन उसका विरोध कर रही है। प्रदर्शन करने वालों में यूपी बैंक इंपलाईज यूनियन के अध्यक्ष एसएन जायसवाल ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का आपस में विलय नहीं करने, उच्च प्रबंधन व कार्यकारी अधिकारियों का दायित्व खराब ऋणों के मामले में तय करने, खराब ऋणों की वसूली के लिए कठोर उपाय लागू करने, प्रस्तावित एफआरडीआई विधेयक को वापस लिए जाने आदि मांग की गई है। इस अवसर पर सुबाष सिंह, इंदर, अरुण सिंह, दुष्यंत, संजय पांडेय, प्रकाश वर्मा, श्रीदेव मौर्य, अभिषेक सिंह, कमलेश, बृजेश, बीपी श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन