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एमएचआरडी कोर्स में नहीं होगा दाखिला
Updated Sun, 25 Jun 2017 01:27 AM IST
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जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के एमएचआरडी (मिनिस्ट्री ऑफ ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेंट) कोर्स में दाखिला नहीं होगा। कारण, इस कोर्स में दाखिला के लिए एक भी आवेदन नहीं आया है। एचआरडी विभाग में संचालित एमबीए एचआरडी कोर्स में दाखिला के लिए सीट से अधिक आवेदन आए हैं। परिसर में संचालिच पाठ्यक्रमों में दाखिला के लिए प्रवेश परीक्षा पांच जुलाई को होने वाली है।
विश्वविद्यालय में एमएचआरडी कोर्स की पढ़ाई होती थी। इस कोर्स में 30 सीटें थी। इसी बीच विश्वविद्यालय प्रशासन ने एमएचआरडी कोर्स का नाम बदलकर एमबीए एचआरडी करने लिए यूजीसी को पत्र लिखा। विश्वविद्यालय के पत्र पर यूजीसी ने कोर्स का नाम बदलकर एमबीए एचआरडी कर दिया। एमबीए कोर्स में पहले से ही छात्रों की अधिक रुचि है। पाठ्यक्रम का नाम बदलने के बाद छात्र एमएचआरडी में प्रवेश लेने के बजाय एमबीए एचआरडी में दाखिला ले रहे है। इसके चलते एमएचआरडी पाठ्यक्रम में दो वर्ष से दाखिला नहीं लिया जा रहा है। वर्ष 2016 और 2017 में दाखिला नहीं लिया गया है। दाखिला के लिए इस कोर्स में किसी छात्र ने आवेदन नहीं किया।
हालांकि विवि की ओर से इस कोर्स के बंद करने की कोई औपचारिकता पूरी नहीं की गई है। यह माना जा रहा है कि एक ही विभाग में दो कोर्स नहीं चल सकते है। एचआरडी के विभागाध्यक्ष डा. अविनाश पार्थीडकर का कहना है कि एमएचआरडी में दो वर्ष से दाखिला नहीं लिया गया है। यूजीसी से नाम बदलने के बाद अब एमबीए एचआरडी में दाखिला हो रहा है। तीस सीटों पर दाखिला के लिए सीट से अधिक आवेदन आए हैं। दाखिला के लिए पांच जुलाई को प्रवेश परीक्षा होगी।
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विश्वविद्यालय में एमएचआरडी कोर्स की पढ़ाई होती थी। इस कोर्स में 30 सीटें थी। इसी बीच विश्वविद्यालय प्रशासन ने एमएचआरडी कोर्स का नाम बदलकर एमबीए एचआरडी करने लिए यूजीसी को पत्र लिखा। विश्वविद्यालय के पत्र पर यूजीसी ने कोर्स का नाम बदलकर एमबीए एचआरडी कर दिया। एमबीए कोर्स में पहले से ही छात्रों की अधिक रुचि है। पाठ्यक्रम का नाम बदलने के बाद छात्र एमएचआरडी में प्रवेश लेने के बजाय एमबीए एचआरडी में दाखिला ले रहे है। इसके चलते एमएचआरडी पाठ्यक्रम में दो वर्ष से दाखिला नहीं लिया जा रहा है। वर्ष 2016 और 2017 में दाखिला नहीं लिया गया है। दाखिला के लिए इस कोर्स में किसी छात्र ने आवेदन नहीं किया।
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हालांकि विवि की ओर से इस कोर्स के बंद करने की कोई औपचारिकता पूरी नहीं की गई है। यह माना जा रहा है कि एक ही विभाग में दो कोर्स नहीं चल सकते है। एचआरडी के विभागाध्यक्ष डा. अविनाश पार्थीडकर का कहना है कि एमएचआरडी में दो वर्ष से दाखिला नहीं लिया गया है। यूजीसी से नाम बदलने के बाद अब एमबीए एचआरडी में दाखिला हो रहा है। तीस सीटों पर दाखिला के लिए सीट से अधिक आवेदन आए हैं। दाखिला के लिए पांच जुलाई को प्रवेश परीक्षा होगी।
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