{"_id":"ea288264b1e99b613f23faa0e343631d","slug":"isi-is-trying-to-misguide-riots-victims","type":"story","status":"publish","title_hn":"दंगा पीड़ितों से ISI बना रही संपर्क, मिले थे संकेत ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दंगा पीड़ितों से ISI बना रही संपर्क, मिले थे संकेत
कपिल कुमार/अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
Updated Fri, 25 Oct 2013 12:32 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राहुल गांधी ने मुजफ्फरनगर दंगे में पाक खुफिया एजेंसी का हाथ होने संबंधी बयान देकर जिन संगीन हालात की ओर इशारा किया है, स्थानीय स्तर पर उसके संकेत पहले ही मिल चुके थे।
विज्ञापन
अमर उजाला ने 29 सितंबर के अंक में ‘सही साबित हुई खुफिया की आशंका’ शीर्षक से प्रकाशित समाचार में स्थानीय खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट प्रकाशित की थी, जिसमें कहा गया था कि दंगे में बाहरी लोगों का हाथ है और यह साजिश महीनों जारी रह सकती है।
विज्ञापन
दंगे के बाद से देश की शीर्ष खुफिया एजेंसियां अलर्ट हैं। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के मुजफ्फरनगर दौरे के बाद एजेंसियों ने केंद्र सरकार को अपनी रिपोर्ट दी।
विज्ञापन
गृह मंत्रालय को स्थानीय स्तर से खुफिया अफसरों ने जो रिपोर्ट दी उसमें साफ संकेत दिए गए कि पाक एजेंसी आईएसआई राहत शिविरों में रह रहे कुछ युवकों को बहकाना चाहती है।
सूत्रों के मुताबिक सर्विलांस के जरिए यह सूचना हाथ लगी है कि फोन पर कुछ युवाओं की पाक एजेंसी से बात हुई है।
प्रशासन में मंचा हड़कंप
बृहस्पतिवार को इंदौर की चुनावी रैली में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने इंटेलीजेंस एजेंसियों के हवाले से जो बयान दिया है, उससे प्रशासन और राहत शिविर संचालकों में हड़कंप मचा है।
इससे इन आशंकाओं को और बल मिला है कि देश में सक्रिय आतंकी संगठनों के आका भी लोगों को गुमराह करने की फिराक में हैं।
दरअसल, पाक की शह पर शरणार्थी शिविरों के युवाओं और कुछ दंगा पीड़ितों को बहकाने का खुलासा खुफिया एजेंसियों के सर्विलांस पर होने के बाद मामला गृह मंत्रालय के संज्ञान में लाया गया था।
इस संबंध में डीएम कौशल राज शर्मा ने बताया कि आईएसआई से दंगा पीड़ितों के लिंक की स्थानीय स्तर पर कोई सूचना नहीं है। एटीएस, आईबी और रॉ सीधे केंद्रीय गृह मंत्रालय को रिपोर्ट करती हैं। इतना जरूर है कि पिछले दिनों कुछ जानकारी मिली थी कि बाहरी तत्व जिले में माहौल खराब कर सकते हैं।